जांजगीर-चाम्पा जिला

दुष्कर्म का दर्द झेलने के बाद ये पीड़ादायक:पांच साल की बच्ची को मुलाहिजा के लिए कटवा रहे अस्पताल के चक्कर; रक्षाबंधन के दिन फूफा ने की थी मासूम से दरिंदगी

पांच साल की मासूम दुष्कर्म पीड़िता सोमवार को जिला अस्पताल में अपने पिता के कंधे पर बैठकर डॉक्टर की तलाश में घुमती रही। उसे मुलाहिजा कराना था। पामगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की डॉक्टर ने रेफर किया था, दोपहर 2 बजे तक उसका मुलाहिजा नहीं हो सका। जिला अस्पताल में गायनोलॉजिस्ट की स्थायी व्यवस्था नहीं होने के कारण यहां उसकी एमएलसी नहीं कराई जा सकी।

आखिरकार उसे सिम्स रेफर कर दिया गया। रात भर से उसकी पीड़ा व अपनी बेबसी पर आंसू बहा रहे पिता ने अपनी पीड़ित मासूम को कंधे पर उठाया ही, उसे अव्यवस्था की लाचारी का बोझ उठाकर अस्पताल से लौटना पड़ा। अब मंगलवार को उस मासूम का मुलाहिजा सिम्स बिलासपुर में कराया जाएगा।

दरअसल, पामगढ़ थाना क्षेत्र के एक गांव में एक व्यक्ति अपनी पांच साल की बच्ची के साथ था। राखी के दिन उसकी पत्नी व एक अन्य बेटी बाहर गई थी। राखी के लिए उसकी बहन आई थी, उसके साथ उसका पति भी था। दोनों के बीच झगड़ा होने पर उसकी बहन अपने देवर के साथ चली गई। घर में उसका बहनोई था। रात में दोनों ने शराब पी। शराब कम होने पर उसके बहनोई ने अपने साले को फिर शराब लेने के लिए भेज दिया। घर में पांच साल की मासूम व उसका फूफा बस थे। इसी बीच उसने सो रही मासूम के साथ दुष्कर्म किया।

पिता की पीड़ा, जल्दी ले चलो, बेटी हो रही परेशान
मासूम को लेकर पिता पुलिस के साथ आए थे। यहां पहले किसी महिला डॉक्टर के पास भेजा पर उन्होंने खुद को अस्थायी बताते हुए एमएलसी करने से मना किया। एक पुरुष डॉक्टर के पास पुलिस पहुंची तो उसने भी मना किया। सीएस ने मजबूरी में पीड़िता को सिम्स के लिए रेफर किया। परेशान पिता अस्पताल से जल्दी जाने के मूड में था।

रात में डॉक्टर्स ने आने से मना किया फिर जांजगीर से लौटे
पीड़िता को लेकर पहुंची महिला पुलिस ने बताया कि रात 11:30 के करीब पीड़िता का पिता थाना पहुंचा। पुलिस तुरंत उसे अस्पताल लेकर पहुंची। लेकिन ड्यूटी में कोई महिला डॉक्टर नहीं थी। अस्पताल की महिला डॉक्टर को सूचना दी गई तो उन्होंने ड्यूटी नहीं होने के कारण अस्पताल आने से मना कर दिया। फिर वहां के प्रशासनिक अधिकारियों को जानकारी दी गई।

इसके बाद भी डॉक्टर की व्यवस्था नहीं हुई। उधर, मासूम दर्द से तड़प रही थी। इसलिए जिला अस्पताल के लिए रात में ही निकल गए। जांजगीर पहुंच गए थे तभी पामगढ़ से फोन आया तो वापस लौटे। वहां उसका इलाज किया गया। सोमवार को वहां के डॉक्टर ने मुलाहिजा किया और बेहतर ओपिनियन के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। पुलिस की टीम उसे लेकर जांजगीर आ गई।

जिला अस्पताल में गायनोलॉजिस्ट नहीं
पामगढ़ की डॉक्टर ने ही दो तीन बातें लिखी थी। उन्होंने जांच कराने के लिए जिला अस्पताल के साथ ही सिम्स के नाम का भी उल्लेख किया था। ज़िला अस्पताल में जेंट्स गायनेकोलॉजिस्ट नहीं है इसलिए बच्ची को जांच के लिए सिम्स भेजा गया है।
डॉ.अनिल जगत, सीएस, ज़िला अस्पताल

बेहतर ओपिनियन के लिए जिला अस्पताल भेजा
सीएचसी के डॉक्टर ने मुलाहिजा किया था और बेहतर ओपिनियन के लिए ज़िला अस्पताल उन्होंने रेफर किया था। ज़िला अस्पताल से सिम्स रेफर किया गया है। मंगलवार को पीड़िता को वहां ले जाएंगे। मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
-ओमप्रकाश कुर्रे, थाना प्रभारी, पामगढ़

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