बिलासपुर जिला

खनन माफिया की करतूत:इस गड्ढे को देखकर ही बताया जा सकता है कि मौत की तैयारी थी, बच्चा डूब गया

  • सेंदरी में फिर मासूम की मौत, पहले हादसों पर कार्रवाई शून्य
  • जब ग्रामीणों ने मुआवजा की मांग करने के बाद ही शव लेकर जाने की जिद की तो पुलिस ने उन्हें दौड़ाकर वहां से भगाया

खनन माफिया के लालची गड्ढे ने मंगलवार को कछार गांव के एक मासूम को छीन लिया। सात साल का आयुष गड्ढे में डूबकर मर गया जिसे माफिया ने अपनी जेब भरने के लिए खोदा। गड्ढा इतना गहरा था कि वह एक बार पानी में गया तो फिर उसकी लाश ही वापस आई। जब ग्रामीणों ने मुआवजा की मांग करने के बाद ही शव लेकर जाने की जिद की तो पुलिस ने उन्हें दौड़ाकर वहां से भगाया। कोनी थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत कछार निवासी संदीप यादव मजदूरी करता है। उसकी तीन संतान है।

सबसे बड़ा आयुष यादव कक्षा दूसरी का छात्र था। मंगलवार को सुबह आयुष स्कूल गया था। 11.30 बजे स्कूल से घर आया। परिजन घर पर थे। खाना खाने के बाद आयुष घर के आसपास खेल रहा था। उसी समय उसका दादा जवाही यादव 80 वर्ष नहाने के लिए तालाब जा रहे थे। आयुष से उन्होंने घर के अंदर जाने के लिए कहा। इसके बाद दादा तालाब चले गए। कुछ समय बाद आयुष अचानक गायब हो गया। फिर परिजनों ने आसपास खोजबीन की, लेकिन पता नहीं चला। आयुष की मां अनिता यादव उस गड्ढे के पास गई। उसे संदेह हुआ। तब उसने परिजनों को बुलाकर पानी के अंदर घुसकर तलाश करने कहा। पानी की गहराई में आयुष का शव मिला। आयुष का शव देखकर अनिता सुध-बुध खो बैठी। कोनी पुलिस को मामले की सूचना दी गई। वहां पुलिस पहुंची। ग्रामीण अवैध उत्खनन की वजह से बच्चे की जान जाना बताते हुए मुआवजे की मांग करने लगे। इसके बाद पुलिस ने मुआवजे की मांग कर रहे युवक को पकड़ लिया। ये देखकर बाकी ग्रामीण वहां से भागने लगे। इसके बाद पुलिस ने आयुष के शव को पीएम के लिए मरच्यूरी भेज दिया गया।

दिनरात हो रही खुदाई

ग्रामीणों का कहना है कि जहां अभी गड्ढा है, वहां पहले मैदान था। 15 साल में तीन सरपंच बदल गए और मैदान बहुत बड़ा गड्ढा बन गया। रामसनेही साहू के कार्यकाल में खुदाई शुरू हुई और अभी भी खुदाई जारी है। करीब 30 फीट गड्ढा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि दिन-रात गाड़ियां आती हैं। जेसीबी मशीन से खुदाई होती है। पुलिस व खनिज विभाग को इसकी जानकारी है, लेकिन कार्यवाही नहीं होती। इस मामले में खनिज विभाग के उप संचालक दिनेश मिश्रा को फोन किया लेकिन उन्होंने रिसीव नहीं किया।

गड्‌ढों से होती रही हैं मौतें…

  • जुलाई 2012 में तीन वर्षीय सनी साहू अपने पिता भुरू साहू के साथ खमतराई से बहतराई जाते हुए मुरुम खदान में गिर गया था। उसकी मौत हो गई थी।
  • 2016 में शनिचरी रपटा के पास अरपा नदी में किए गए गड्ढे में डूबने से मानसिक रोगी युवती की मौत हो गई थी। वह अपने भाई के साथ नदी में नहाने गई थी।
  • अप्रैल 2016 में अशोक नगर के पास रहने वाले मनीराम सूर्यवंशी का बेटा आदित्य (5वर्ष) बच्चों के साथ मुरुम खदान में सुबह नौ बजे नहाने गया था। वह डूबकर मर गया था।
  • 2017 में अशोक नगर मुरुम खदान में विशाल नामक बच्चे की मौत हुई थी।
  • 2019 में गोड़पारा दयानंद स्कूल, चंदनबाड़ा निवासी रमेश श्रीवास्तव के 10 साल के बेटे कुश की मौत अरपा नदी में गड्ढे में डूबने से हो गई थी।

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