इंजेक्शन लगाने से हुई एकलौती बेटी की मौत के बाद पिता ने कहा बेटी को नहीं मिला इंसाफ तो दे दूंगा जान

भिलाई 17 अगस्त 2021 | स्वतंत्रता दिवस की सुबह परी जयसवाल (8 साल) बेहद खुश थी। आखिर पांच दिनों के बाद चिकित्सकों ने उसे छुट्टी देने की बात कही थी। वह तैयार होकर बैठी थी, तभी अस्पताल के कर्मी और एक बच्चे ने आकर उसे ध्वाजा रोहण के बाद चाकलेट और छोटा तिरंगा झंडा दिया। तिरंगा झंडा पकड़े वह अपने पिता की तरफ देख रही थी. बेटी की तबीयत ठीक होने की खुशी में पिता हर लम्हे की तस्वीर अपने मोबाइल में कैद कर लेना चाहता था। इस बीच नर्स पहुंची और दवा देने के बाद इंजेक्शन लगाया, बच्ची पिता से कहने लगी कैसे-कैसे लग रहा है और बच्ची के हाथ-पैर में मरोड़ आने लगा। पिता नर्स से पूछने लगा क्या हुआ है। कुछ और कहता तब तक अपने कलेजे के टुकड़े के मुंह से झाग निकलता देख वह बदहवास हो गया। पिता कभी हाथ पकड़कर हिलाता और कभी चेहरे को थपथपाता। नर्स पहुंची, पिता के हाथ से बच्ची को लिया और दूसरे कक्ष में लेकर चली गई। पूछने पर पिता से कहा कि बच्ची का इलाज कर रहे हैं। वहीं कुछ देर बाद बताया कि बच्ची ने दम तोड़ दिया है। पिता ने इसकी लिखित शिकायत मोहन नगर थाना में की। तब मर्ग कायम कर पोस्ट मार्टम किए। अब तक पुलिस ने पीएम रिपोर्ट के संबंध में कुछ नहीं बताया है। सोमवार को बच्ची का अंतिम संस्कार भी किया गया।
नर्स ने कहा सॉरी तो भड़क गया पिता परी की मौत के बाद पिता ने चिकित्सक से पूछा कि जो इंजेक्शन बताया गया था, उसके संबंध में नर्स को जानकारी नहीं है। पूछने पर वह जो लिखा है वहीं इंजेक्शन है कह रही है। 14 अगस्त को चिकित्सक ने जिस बच्ची को देखकर कहा कि सबकुछ ठीक हो गया है, अब रविवार या सोमवार को छुट्ट दे देंगे। उसको इंजेक्शन लगाते ही हाथ पैर ऐंठने लगा और मुंह से झाग निकला। इसके बाद बच्ची ने दम तोड़ दिया। ऐसा कौन सा इंजेक्शन लगा दिए। जिससे जो बच्ची आराम से बात कर रही थी, खेल रही थी उसकी जान चली गई। तब चिकित्सक ने कहा कि शायद रिएक्शन हुआ हो। अब तक तो यहाँ भर्ती रहने के दौरान उसकी तबीयत में पूरी तरह से सुधार आ गया था। पिता फिर नर्स से पूछता है कि ऐसा कैसे हो गया, तब नर्स ने सॉरी कहा, यह सुनकर परी का पिता भड़क गया। उसने डॉक्टर से पूछता है कि आपके बच्चे की जान लेकर सॉरी बोलने से चलेगा। इस सवाल का किसी के पास जवाब नहीं था।
मन्नतों के बाद मिली थी एक औलाद
मां-बाप ने अपनी बेटी का नाम ऐसे ही परी नहीं रख दिया था। चार साल बाद उनके घर इस परी ने जन्म लिया था. वह एकलौती बेटी थी। दरअसल यह काफी मन्नतों के बाद उनके घर में जन्मी थी। जैसे परीलोक से उनके लिए खुशियां लेकर आ गई हो। वे एकलौते बच्चे को जी जान से ज्यादा प्यार करते थे। यही वजह थी कि बेमेतरा के बालसमंद से इलाज करवाने के लिए दुर्ग के निजी अस्पताल में लाकर दाखिल किए थे।
फेरी लगाकर होता हे गुजारा
आर्थिक तौर पर परिवार मजबूत नहीं है, फेरी सगाकर वर्तन बेचने का काम वे करते हैं। इसके बाद भी बेटी की तबीयत बिगड़ी तो बेहतर इलाज इस उम्मीद से निजी अस्पताल में लाकर दाखिल किए। मां-बाप को यह सौगात ईश्वर ने लंबे इंतजार के बाद दिया था। इस वजह से वे इस एक बच्चों को ही बेटी और बेटा मानते थे।
मन्नतों के बाद मिली थी एक औलाद
मां-बाप ने अपनी बेटी का नाम ऐसे ही परी नहीं रख दिया था। चार साल बाद उनके घर इस परी ने जन्म लिया था, वह एकलौती बेटी थी। दरअसल काफी मन्नतों के बाद उनके घर में जन्मी थी। जैसे परीलोक से उनके लिए खुशियां लेकर आ गई हो। वे एकलौते बच्चे को जी-जान से ज्यादा प्यार क थे। यही वजह थी कि बेमेतरा के बालसमुंद से इलाज करवाने के लिए दुर्ग के निजी अस्पताल में लाकर दाखिल किए थे।
फेरी लगाकर होता है गुजारा
आर्थिक तौर पर परिवार मजबूत नहीं है, फेरी लगाकर बर्तन बेचने का काम करते हैं। इसके बाद भी बेटी की तबीयत बिगड़ी तो बेहतर इलाज मिल इस उम्मीद से निजी अस्पताल में लाकर दाखिल किए। मां-बाप को यह सौगात ईश्वर ने लंबे इंतजार के बाद दिया था। इस वजह से वे इस एक बच्चे को ही बेटी और बेटा मानते थे।
पेट दर्द की थी शिकायत
पिता एस जयसवाल ने बताया कि वह अपनी बेटी परी जयसवाल को पेट दर्द की शिकायत होने पर उपचार के लिए 11 अगस्त 2021 को यशोदा नंदन चिल्ड्रन हॉस्पिटल, गुरुद्वारा रोड, दुर्ग लेकर आया। यहां भर्ती करवाने के बाद उसकी तबीयत सुधर गई थी। 15 अगस्त 2021 को सुबह इडली. चाकलेट सब कुछ खाई बोली पापा खाना लेकर आ जाओ इसके तुरंत बाद ही इंजेक्शन लगाने पर हाथ पैर मरोडने लगी और मुंह से झाग आने लगा। इसके कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई।
नहीं मिला इंसाफ तो दे ढुंगा जान
पिता ने कहा कि बेटी को कौन सा इंजेक्शन लगाए हैं, जिससे उसकी जान चली गई, वह तक बताया नहीं जा रहा था। विटामिन का इंजेक्शन दिए हैं। बोल रहे हैं। विटामिन कोन सा यह भी नहीं बता सके। अगर इस मामले में जांच कर जिम्मेदार पर कार्रवाई नहीं की गई तो जान दे दूंगा।
जांच में साफ होगा एक्सपायरी दवा थी या कोई और कारण
डॉक्टर गंभीर सिंह ठाकुर, चीफ मेडिकल हेल्थ ऑफिसर, दुर्ग ने बताया कि यह जांच में साफ होगा कि खेल कूद रही बच्ची को दवा और इंजेक्शन देने के साथ ही हाथ पैर ऐंठने लगे और फिर मुंह से किस कारण झाग आया एक्सपायरी दवा भी हो सकती है।



