अंग्रेजों के जमाने का सुपर बाजार:रायपुर के गोल बाजार पहुंचे CM, कहा- जो न मिले कहीं, वो मिले यहीं; सस्ते दामों में दी गई जमीन, लेकिन डेवलपमेंट के लिए दुकानें तोड़े जाने का डर

प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 15 अगस्त की शाम रायपुर के गोल बाजार पहुंचे। यहां नगर निगम ने अपने प्रोजेक्ट के तहत व्यापारियों को मालिकाना हक दिया है। करोड़ों की जमीन, सस्ते दामों पर कारोबारियों को मुहैया कराई गई है। इस खुशी में आजादी की 75वीं सालगिरह की शाम गोल बाजार के व्यापारियों ने मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। महापौर एजाज ढेबर, सभापति प्रमोद दुबे और विधायक यहां पहुंचे हुए थे। CM ने इस दौरान मंच से कहा कि जो न मिले कहीं, मिलेगा यहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन गोलबाजार को विकसित करने का काम कर रहा है। गोल बाजार से ही शहर की पहचान है, जो रायपुर आए और गोल बाजार न देख पाए तो उसने कुछ नहीं देखा।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि राजधानी स्थित गोल बाजार एक ऐतिहासिक धरोहर है। शासन की मंशा है कि इस अमूल्य धरोहर को सहेज कर रखा जाए और इसके मूल स्वरूप को बनाए रखते हुए सर्वसुविधाओं के साथ नए रूप में विकसित किया जाए। मुख्यमंत्री का काफिला मुख्य सड़क पर रुका। CM पैदल ही बाजार के अंदर गए। गोल बाजार की संकरी गलियों में हुए इस कार्यक्रम में कई व्यापारी नेता CM से मुलाकात नहीं कर पाए। जगह छोटी थी और लोग अधिक पहुंच चुके थे। चंद व्यापारियों ने CM के स्वागत की औपचारिकता को पूरा किया। व्यापारियों ने बाजार में मालिकाना हक मिलने पर सरकार का शुक्रिया अदा किया।

अब कारोबारियों में नई टेंशन शुरू
गोल बाजार में पीढ़ियों से कारोबार कर रहे व्यापारियों में अब एक नई टेंशन शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री की मौजूदगी में एक प्राइवेट निर्माण एजेंसी के इंजीनियर ने लैपटॉप पर कुछ डिजाइन पेश किए। उसमें बताया गया कि गोल बाजार में इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी सुविधाओं को बढ़ाया जाएगा। टॉयलेट वगैरह बनेंगे, लोगों के लिए वेटिंग एरिया डेवलप होगा। अब कारोबारियों को इस बात की चिंता है कि ये संरचनाएं बनेंगी कहां, क्योंकि बाजार में इस वक्त एक इंच भी जगह खाली नहीं है।
व्यापारियों को दुकानों के तोड़े जाने की आशंका
अंदेशा जताया जा रहा है कि नए निर्माण में पुरानी दुकानों को तोड़ा जा सकता है। हालांकि दूसरी तरफ नगर निगम का दावा है कि किसी को भी जगह का नुकसान नहीं होगा। मगर व्यापारी जानते हैं बिना ऐसा किए गोल बाजार में कुछ भी नया बना पाना मुमकिन ही नहीं है। इस वजह से अब सभी पशोपश में हैं। बाजार के प्रमुख सतीश जैन ने दैनिक भास्कर को बताया कि बाजार में रेनोवेशन किस तरह का होगा ये तय नहीं है, इसलिए दुकानदारों में इसे लेकर कंफ्यूजन तो है।

18 गेट बंद कर सिर्फ 6 गेट बनाए जाएंगे, सड़कें भी चौड़ी होंगी
इस वक्त गोल बाजार में प्रवेश करने के 18 गेट हैं। 18 जगहों से लोग और दो पहिया वाहन बाजार में आते हैं। एक्सपर्ट्स ने इसे सही नहीं माना है। मुख्यमंत्री की मौजूदगी में कहा गया है कि अब बाजार में 6 गेट ही होंगे। टॉयलेट बनाया जाएगा। बाजार के प्राचीन गुंबद को डेवलप किया जाएगा। अंडर ग्राउंड वायरिंग के जरिए स्ट्रीट लाइटिंग की जाएगी। गोल बाजार में प्रवेश करने वाली सड़कों के साथ-साथ चारों ओर की कनेक्टिंग रोड भी चौड़ी की जाएंगी। मालवीय रोड से हलवाई लाइन, गोल बाजार थाने के बगल से बंजारी चौक के पास, रविभवन के कार्नर से बंजारी चौक जाने वाली रोड को भी ट्रैफिक के लिहाज से व्यवस्थित किया जाएगा। इस इलाके में पूरा थोक मार्केट भी है। इसलिए बड़ी गाड़ियों के प्रवेश और निकास की टाइमिंग भी तय की जाएगी।

1909 में बना था तब अंग्रेज आते थे, अब 10 हजार आम लोग हर दिन
सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक गोल बाजार का उन्नयन सन 1909 में किया गया था, यह बाजार लगभग सवा सौ साल पुराना है। गोल बाजार करीब साढ़े तीन एकड़ में फैला है। बाजार के बारे में एक पुरानी कहावत जो न मिले कहीं वो सब मिले यहीं है। यह भी कहा जाता हैं कि इस बाजार में एक व्यक्ति की जन्म से लेकर अंतिम संस्कार तक का सारा सामान उपलब्ध है। गोल गुंबद के चारों तरफ दुकानें लगने की वजह से इसे गोल बाजार कहा जाता रहा है। गुंबद से लगा सैनिकों का अस्तबल था। गुंबद के भीतर बड़ा कुआं है, जिसके पानी का उपयोग अंग्रेज सैनिक करते थे। यह कुआं भी अब नहीं बचा।

अंग्रेज सैनिक और अफसर यहीं से खरीदारी किया करते थे। अब गुंबद बाजार के अंदर से नजर नहीं आता है। इसे देखने के लिए बाजार का एरियल व्यू काम आता है। नए प्रोजेक्ट में इसे भी नए सिरे से व्यवस्थित करने की तैयारी है। ये शहर का एकमात्र ऐसा बाजार है, जहां लोगों को दैनिक उपयोग और शादी-ब्याह की तमाम चीजें मिल जाती हैं। यहां रोज 10 हजार से ज्यादा लोग पहुंचते हैं। त्योहार और शादी-ब्याह के सीजन में यहां पहुंचने वाले लोगों की संख्या इससे दो-तीन गुना बढ़ जाती है। लगभग डेढ़ एकड़ क्षेत्र में फैले गोल बाजार में 960 वैध और निगम अफसरों के अनुसार लगभग इतने ही अवैध दुकानदार हैं। इन दुकानदारों के व्यवस्थापन को लेकर भी योजना बनाई जा रही है।



