कबीरधाम विशेष

8 लाख का इनामी नक्सली गिरफ्तार:मप्र-छग बॉर्डर पर जंगल से लगे जैरासी गांव में पावर बैंक चार्ज करने आया था

  • विस्तार प्लाटून-टू के खटिया माेचा एरिया कमेटी का सदस्य है पकड़ा गया नक्सली संदीप कुंजाम उर्फ लख्खू

कबीरधाम जिले के रेंगाखार जंगल थाना क्षेत्र से महज 10 किमी दूर बालाघाट (मप्र) के जैरासी गांव में मुठभेड़ के बाद एक इनामी नक्सली पकड़ा गया है। उस पर छग व मध्यप्रदेश में 44 अपराध दर्ज हैं। कवर्धा में भी नक्सल वारदातों में वह शामिल रहा है। दोनों राज्यों में नक्सली लख्खू पर 8 लाख रुपए का इनाम घोषित है।

बालाघाट (मप्र) के सुरक्षा बलों ने कार्रवाई कर नक्सली लख्खू को गिरफ्तार किया है। कवर्धा में नक्सल डीएसपी अजीत ओगरे मध्यप्रदेश के लिए रवाना हुए हैं, जहां पकड़े गए नक्सली से पूछताछ की जाएगी। संभवत: उसे रिमांड में लेकर पूछताछ के लिए कवर्धा भी लाया जाएगा। बताया जा रहा है कि नक्सली संदीप कुंजाम उर्फ लख्खू विस्तार प्लाटून-2 के खटिया मोचा एरिया कमेटी का सदस्य है। बालाघाट एसपी अभिषेक तिवारी के मुताबिक नक्सली संदीप छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के कूवाकोंडा गांव का रहने वाला है। नक्सल वारदातों में शामिल होने के चलते उस पर छत्तीसगढ़ में 3 लाख और मध्यप्रदेश में 5 लाख का इनाम घोषित है। एसपी मोहित गर्ग का कहना है कि पकड़ा गया नक्सली अभी बालाघाट पुलिस की रिमांड में है। कवर्धा में वारदाताें के संबंध में पूछताछ की जा सकेगी।

40 नक्सलियों की लिस्ट सार्वजनिक की थी, यह भी था
वर्ष 2018 में कबीरधाम पुलिस ने क्षेत्र में सक्रिय नक्सलियों के नाम और फोटो वाली सूची सार्वजनिक किया था। जिन 40 नक्सलियों की सूची जारी की गई थी, उसमें संदीप उर्फ लख्खू भी शामिल है। इन नक्सलियों पर 1 लाख रुपए से 8 लाख रुपए तक का इनाम घोषित है। यही नहीं इन नक्सलियों की सूचना देने या आत्मसमर्पण कराने वालों को इनाम देने का भी ऐलान किया गया था। ये सूची आज भी भोरमदेव मंदिर परिसर में एक पेड़ पर टंगी हुई है।

मुखबिर से मिली सूचना पर सुरक्षा बलों ने की घेराबंदी
नक्सली संदीप कुंजाम उर्फ लख्खू अपने एक अन्य साथी राजेश उर्फ मंगू उर्फ सुजान सिंह के साथ बालाघाट (मप्र) से लगे जैरासी गांव में पॉवर बैंक चार्ज करने आए थे। मुखबिर की सूचना पर सुरक्षा बलों ने घेराबंदी की। मुठभेड़ में नक्सली राजेश उर्फ सुजान सिंह फरार हो गया, जबकि नक्सली संदीप उर्फ लख्खू को सुरक्षा बलों ने गिरफ्तार कर लिया।

सूची में शामिल 3 मुठभेड़ में मारे गए, 2 ने सरेंडर किया
कबीरधाम पुलिस ने जिन 40 नक्सलियों की लिस्ट सार्वजनिक की थी, उनमें से 3 नक्सलियों को मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने मार गिराया है। दो अन्य नक्सली दिवाकर उर्फ किशन व लक्ष्मी उर्फ देवे ने हाल ही में सरेंडर किया है। दोनों कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे, पुलिस ने इलाज कराया। इनकी निशानदेही पर सुरक्षा बलों ने जंगल में छिपाए 10 लाख रु. कैश जब्त कए थे।

तीनों एरिया कमेटी के नक्सली एक साथ हैं व एक्टिव भी
छग में नक्सलियों का प्लाटून-2 और 3 सक्रिय है। प्लाटून-2 से ही टूटकर 3 एरिया कमेटी बनी है। इसे भोरमदेव, बोड़ला और खटिया मोचा एरिया कमेटी का नाम दिया है। यूं तो तीनों एरिया कमेटी का अपना अलग-अलग क्षेत्र बंटा हुआ है, वर्तमान में परिस्थितिवश सभी एक साथ हैं और एक्टिव हैं। छग बॉर्डर से लगे बालाघाट के जंगलों में ठिकाना बनाए हुए हैं। बताया जा रहा है कि बरसात के चलते जंगल काफी घने हैं। सुरक्षा बलों को ढूंढने में मुश्किलें होंगी, इसलिए भी नक्सलियों की तीनों टुकड़ी एक साथ मूवमेंट जारी रखे हैं।

नक्सलियों ने अपने कार्यक्षेत्र का विभाजन किया है
बता दें कि कबीरधाम जिले में भोरमदेव और बोड़ला एरिया कमेटी एक्टिव हैं। भोरमदेव एरिया कमेटी के नक्सलियों का कार्यक्षेत्र सिंघनपुरी थाने से लेकर चिल्फी और ऊपर से रेंगाखार, झलमला और भोरमदेव एरिया आता है। इसी तरह नक्सलियों के बोड़ला एरिया मेटी का कार्यक्षेत्र बोड़ला से चिल्फी तक, तरेगांव और कुकदूर एरिया तक आता है। सड़क, नदी व पहाड़ के हिसाब से नक्सलियों ने अपने कार्यक्षेत्र का विभाजन किया हुआ है। खटिया मोर्चा का कार्यक्षेत्र पूरा बालाघाट (मप्र) है, जहां अभी ये तीनों एरिया कमेटी के नक्सली सक्रिय हैं।

सरेंडर किए दो नक्सलियों को आवास व रोजगार मिलेगा
कुछेक माह पूर्व नक्सल प्रभावित चिल्फी थाना क्षेत्र के जंगल में 10 लाख के ईनामी नक्सली दिवाकर उर्फ किशन और लक्ष्मी उर्फ देवे ने कोरोना के चलते आत्मसमर्पण किया था। नक्सली दिवाकर विस्तार प्लाटून-2 में डीवीसी मेंबर था और लक्ष्मी भोरमदेव एरिया कमेटी की सदस्य थी। आत्मसमर्पण के बाद शासन की योजना के अनुसार इन्हें पुनर्वास का लाभ दिया जाना है। इसे लेकर पुनर्वास समिति की बैठक हुई। पुनर्वास नीति के तहत सरेंडर दोनों नक्सलियों के रहने के लिए आवास और रोजगार मुहैया कराएगी जाएगी। ताकि ये विकास की मुख्य धारा से जुड़ें। कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा ने बताया कि कुल 14 बिंदुओं पर विचार के बाद फैसला लिया गया है।

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