रायगढ जिला

नागपंचमी आज:पिलाएं नहीं, दूध से नहलाएं और आस्था के साथ नाग देवता का बचाएं जीवन

  • नाग देवता पर दूध का अभिषेक करना तो ठीक है लेकिन दूध पिलाना हो सकता है घातक

नागपंचमी का पर्व आज है। लोग मान्यताओं के मुताबिक नाग देवता को दूध पिलाएंगे। लेकिन सोचिए जरा सी असावधानी हमारे नागदेवता को खतरे में भी डाल सकती है। ऐसे में जरूरी है कि इसका ध्यान रखते हुए नागपंचमी का पर्व मनाएं, जिससे परंपरा और विश्वास भी कायम रहे साथ ही अपने देवता का अहित न होने पाए। मालूम हो कि आज के दिन लोग बड़ी संख्या में जगह-जगह नाग देवता को दूध पिलाते हैं। लेकिन कुछ तथ्य शायद जिनसे वे अंजान है, अगर उन्हें जान जाएंगे तो धार्मिक भावना और आस्था के साथ जीवों की जान भी बच सकती है। दरअसल, नाग देवता पर दूध का अभिषेक करना तो ठीक है लेकिन दूध पिलाने से अपने नाग देवता की जान के लिए खतरा भी बन सकता है। ये दावा एक एक्सपर्ट रिपोर्ट में किया गया है।

एक्सपर्ट व्यू
3 से 7 दिन के अंदर हो सकती है मौत

सर्प या नाग के अंदर कैल्शियम को पचाने की क्षमता बिल्कुल नहीं होती है, दूध इसलिए पीते हैं क्योंकि कई सपेरे उनको कई दिनो तक प्यासा रखते हैं, ऐसे में अगर कोई सर्प या नाग दूध पी लेता है तो उसकी मौत 3 से 7 दिन के अंदर में हो जाती है। -विनितेश तिवारी, अध्यक्ष सर्प रक्षक एंड एनिमल रेस्क्यू टीम रायगढ़

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