बिलासपुर जिला

NTPC कर्मचारी का हत्यारा गिरफ्तार:संपत्ति विवाद में अपने ही मामा को उतारा था मौत के घाट, पत्थर से सर गुचल कर की थी हत्या, बार बार बदल रहा था ठिकाना, सादी वर्दी में पहुंचकर पुलिस ने दबोचा

NTPC कर्मचारी की पत्थर से सर कुचल कर निर्मम हत्या करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को बिलासपुर के सरकंडा इलाके से गिरफ्तार किया गया है। वारदात को अंजाम देने के बाद से फरार आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था, जिसकी वजह से उसे पकड़ने में पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने गुस्से में आकर वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकारी है।

मंगलवार को अर्जुन ने पारिवारिक बैठक के दौरान अपने मामा दुर्गा के सर को पत्थर से कुचल कर उसकी हत्या कर दी थी।
मंगलवार को अर्जुन ने पारिवारिक बैठक के दौरान अपने मामा दुर्गा के सर को पत्थर से कुचल कर उसकी हत्या कर दी थी।

जानकारी के अनुसार सीपत क्षेत्र के रांक निवासी दुर्गा यादव ( 32 ) NTPC में कर्मचारी था। NTPC में दुर्गा की नौकरी भू विस्थापन के मुआवजे के तौर पर लगी थी। लेकिन NTPC द्वारा भूमि अधिग्रहण किए जाने के बाद से सम्पत्ति बंटवारे को लेकर उसका अपने रिश्तेदारों से विवाद चल रहा था। दुर्गा के भांजे अर्जुन यादव का हमेशा इस बात को लेकर दुर्गा से विवाद चलता था कि भूमि अधिग्रहण के नाम पर दुर्गा को नौकरी तो मिल गई, लेकिन इस नौकरी के बदले में उसने अर्जुन के परिवार को न तो सही तरीके से पैसे दिए न ही अपने नाम पर दर्ज जमीन में से हिस्सा। लंबे समय से चले आ रहे इसी सम्पत्ति विवाद को सुलझाने के लिए पारिवारिक स्तर पर मंगलवार को बिलासपुर के रांक स्थित राखड़ डैम के पास मंगलवार को बैठक का आयोजन किया गया था। इस आयोजन के दौरान दोनों के बीच हुए विवाद में अर्जुन ने अपने मामा की हत्या कर दी थी।

बैठक शुरू होने से पहले ही लड़ने लगा था अर्जुन

तय कार्यक्रम के अनुसार दुर्गा अपने परिवार के लोगों के साथ वहां मौजूद था। अर्जुन भी अपने लोगों के साथ वहा पर पहुंच गया लेकिन अपने मामा आंखो के सामने देखते ही भांजे के सर पर खून सवार हो गया। बैठक शुरू होने से पहले ही अर्जुन अपने मामा से बहस करने लगा। बातों से शुरू हुआ विवाद मारपीट में तब्दील हो गया और अर्जुन ने पास में पड़े पत्थर को दुर्गा के सिर पर पटक दिया। जिससे दुर्गा गंभीर रूप से घायल हो गया।

आनन फानन में परिजनों ने पहुंचाया अपोलो अस्पताल

घटना के बाद किसी को कुछ समझ आता उससे पहले अर्जुन मौके से फरार हो चुका था। वहीं दुर्गा यादव को वहां मौजूद लोगों ने गंभीर हालत में 112 की सहायता से उपचार के लिए अपोलो भेजा। लेकिन अपोलो पहुंचने से पहले ही दुर्गा यादव की मौत हो गई थी।

सीपत थाना प्रभारी ने कहा 5 अगस्त को दर्ज करवाई थी रिपोर्ट
इस हत्याकांड से पहले मृतक ने सीपत थाने में अर्जुन से अपनी जान को खतरा बताते हुए 5 अगस्त को रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। लेकिन पुलिस ने उसपर कोई ध्यान नहीं दिया था।

आरोपी बार बार बदल रहा था ठिकाना
आरोपी को पकड़ने के लिए सीपत पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ी। आरोपी लगातार घटना को अंजाम देने के बाद ठिकाने बदल रहा था। किसी तरह से आरोपी के पैतृक गांव जाकर पुलिस वालों ने उसके पिता की फोटो को बरामद किया। पूछताछ करने पर पता चला कि उसके पिता बिलासपुर के चांटीडीह स्थित रामायण चौक के पास एक घर किराए में लेकर रहता है। जिसके बाद पुलिस ने दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

पिता के सर से उठा बाप का साया
दुर्गा यादव की दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी छह साल की और छोटी बेटी 2 साल की है। NTPC में नौकरी कर वह अपने परिवार का पालन पोषण कर रहा था। पिता की मौत के बाद दोनों मासूम बेटियां अनाथ हो गईं। वहीं उसकी पत्नी रोशनी की हालत बिगड़ गई, पूरा परिवार सदमें है।

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