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कलेक्टर ने वीडियो कॉन्फ्रेंस लेकर जिले के लगभग 70 से अधिक ग्राम पंचायत के सरपंचों से किया चर्चा। क्या कहा कलेक्टर ने……..पढ़े पुरी खबर।

कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा ने वीडियो कॉन्फ्रेंस लेकर जिले के लगभग 70 से अधिक ग्राम पंचायत के सरपंचों से किया चर्चा।

कवर्धा,20 नवम्बर 2020/ ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना का संक्रमण शहरों की अपेक्षाकृत कम है। इस स्थिति को बरकरार रखने के लिए जरूरी है कि ग्रामीणजनों को कोरोना की सही जानकारी देकर भ्रम से मुक्त किया जाए। चूंकि त्योहार के समय लोग भीड़ वाली जगहों पर आना-जाना किये हैं और इसकी वजह से कोरोना संक्रमण बढ़ने की आशंका से इनकार नही किया जा सकता है। आगामी अनेक त्योहारों के वक्त भी लोगों द्वारा लापरवाही न किया जाए व कोरोना संक्रमण को नियंत्रित किया जा सके इसके लिए लोगों को कोरोना नियंत्रण उपयुक्त व्यवहार करना जरूरी है। उक्त बातें जिला कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा द्वारा वीडियो कांफ्रेंस में जिले के सरपंचों को कही गई।

उल्लेखनीय है कि ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना नियंत्रण बढाने व ग्रामीणों को इस दिशा में जागरूक करने के उद्देश्य से विगत 18 नवम्बर को जिला कलेक्टर द्वारा जिले के सरपंचों की वीडियो कॉन्फ्रेंस ली गई। उक्त कान्फ्रेंस में जिले के लगभग 70 ग्रामपंचायत के सरपंचों ने भाग लिया। कलेक्टर शर्मा ने कोरोना जांच होने पर पॉजिटिव रिपोर्ट ही आने जैसे भ्रम लोगों में फैलने की बात कहते हुए स्वयं समय-समय पर पांच बार जांच कराने व रिपोर्ट नेगेटिव आने की बात समझाई। उन्होंने कहा कि यदि व्यक्ति को कोरोना संक्रमण है तभी उसका रिपोर्ट पॉजिटिव आता है और सही समय पर उपचार से इससे व्यक्ति इससे मुक्त भी हो जाता है। लापरवाही व जांच में की गई देरी परेशानी बढ़ा देते हैं।

दुखद परिणाम से बचें कोरोना जांच कराएं। 

कलेक्टर शर्मा ने कहा कि जिले में अब तक 53 कोरोना संक्रमित लोगों का निधन हुआ है, इनमें ऐसे लोगों की संख्या अधिक है जिन्होंने कोरोना जांच में देर की जिसके कारण दुखद परिणाम सामने आया है। पूर्व में बीमार लोगों की संख्या भी इनमें शामिल है। शर्मा ने बताया कि विशेषज्ञों की मानें तो भीड़ वाली जगहों पर जाने से बचें, मास्क लगाएं, उचित शारीरिक दूरी रखें और समय-समय पर हाथ धोने की आदत डालें तो कोरोना से बच सकते हैं। लेकिन यदि संक्रमण हुआ है तो सही समय पर उपचार भी अति आवश्यक है, सही समय पर बीमारी को जानने के लिए जांच ही एकमात्र रास्ता है अतः लक्षण आते ही जांच कराएं। अन्य बीमारी होने या गम्भीर लम्बी बीमारी होने पर उसके इलाज के साथ-साथ सर्वप्रथम कोरोना जांच अवश्य कराएं।

उन्होंने कहा कि गांव के पंच, सरपंचों से लेकर जिला व जनपद पंचायत के जन प्रितिनिधि स्वयं मास्क लगाएं व कोरोना नियंत्रण के उपायों का पालन करें जिससे एक आदर्श प्रस्तुत होगा और आमजन भी इसके लिए प्रेरित होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन ग्रामपंचायतों में कोरोना का संक्रमण है वहां मरीज के सम्पर्क में आने वाले लोगों का कोरोना जांच करवाना अति आवश्यक है। इसके अलावा सर्दी, खाँसी, बुखार, सांस लेने में तकलीफ,सूंघने अथवा स्वाद की क्षमता में कमी आने पर तत्काल कोरोना जांच कराएं। ग्रामों में उक्त लक्षण वाले लोगों की जानकारी पंच -सरपंचों के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग को दी जानी जरूरी है, जिससे समय पर जांच की जा सके व कोरोना फैलने से रोका जा सके। कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर शहरों की तर्ज पर बिना लक्षण वाले मरीजों को गांवों में भी होम आईसोलेशन की सुविधा दी जा रही है। अतः सही और सम्पूर्ण जानकारी रखें व कोरोना संक्रमण रोकने में मदद करें।

बढ़ाई जा रही है कोरोना जांच की सुविधा

जिला प्रशासन द्वारा जनता की सुविधा के लिए जांच व्यवस्था बढाई जा रही है। सभी विकासखंडों में तिथिवार तीन-तीन मोबाइल वेन इस कार्य मे लगा दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त सीएचसी, पीएचसी के साथ-साथ अब सब हेल्थ सेंटर्स में भी जांच कराये जाने की कार्रवाई की जा रही है।
कोविड महामारी नियंत्रण के लिए कोरोना संक्रमित मरीज के सम्पर्क में आने वाले व सम्बन्धित लक्षण वाले लोगों की जिंदगी बचाने व उनके माध्यम से कोरोना का संक्रमण न हो यह सुनिश्चित करने के लिए सही समय पर कोरोना जांच अतिआवश्यक है। कोरोना के सम्बंध में आधी – अधूरी अथवा भ्रामक जानकारी के कारण बहुत से लोगों में भय का माहौल बन रहा है, जो उचित नही है। कलेक्टर शर्मा ने कोरोना फैलने, उसे रोकने व उसके लक्षण आदि की सही जानकारी गांवों में समय-समय पर ग्राम कोटवार के माध्यम से प्रसारित करने का निर्देश भी सरपंचों को दिया है

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