जांजगीर-चाम्पा जिला

विश्व स्तनपान सप्ताह:एक घंटे के भीतर यदि मां का मिला दूध तो स्वस्थ रहेगा बच्चा

विश्व स्तनपान सप्ताह अंतर्गत परियोजना जांजगीर एवं बलौदा का संयुक्त प्रशिक्षण सेक्टर जांजगीर शहरी अंतर्गत वार्ड- 20 के आंगनबाड़ी केन्द्र क्रमांक- 1 में आयोजित किया गया। गर्भवती, शिशुवती माताओं का आह्वान कर बताया कि डिब्बा बंद दूध का उपयोग बंद करें, बच्चों के सुपोषण के लिए माता का दूध ही सर्वोत्तम है।

कार्यशाला में उपस्थित सभी माताओं को इसका संकल्प कराया गया। कार्यशाला में परियोजना अधिकारी श्रीमती ज्योति तिवारी, डीएमसी यूनिसेफ दिव्या राजपूत दोनों परियोजना के समस्त पर्यवेक्षक तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका गर्भवती माताएं एवं शिशुवती माताएं उपस्थित थीं। परियोजना अधिकारी द्वारा स्तनपान के महत्व एवं स्तनपान से पुरुषों और परिवार की जिम्मेदारी के बारे में बताया गया। डीएमसी यूनिसेफ दिव्या राजपूत द्वारा जन्म के एक घण्टे के अंदर स्तनपान कराने मां का पहला गायाम (कोलेस्ट्रम) जो शिशु को रोगों से बचाता है, इसका उपयोग नवजात बच्चों को पिलाने में अवश्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिशु का पहला रक्षक है माता का दूध, साथ ही छ माह तक केवल एवं इसके उपरांत उपरी आहार देने के साथ दो वर्ष तक स्तनपान निरंतर जारी रखें। कार्यशाला में स्तनपान कराने का तरीका एवं सावधानी के बारे मे हितग्राहियों को जानकारी दी गयी।

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