अपना जिलाछत्तीसगढ़ विशेषजुर्मदुर्ग जिला

बांगडा चिटफंड कंपनी का फरार डायरेक्टर गिरफतार दो डायरेक्टर पूर्व में थे गिरफतार एक डायरेक्टर तीन सालो से था गिरफतार आरोपी से पुलिस ने किया कंपनी संबंधी दस्तावेजो की जप्ता 45 निवेशको से डायरेक्टरो ने की थी लगभग 4 करोड़ की ठगी

6 अगस्त 2021 | पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल के निर्देश पर एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर संजय ध्रुव तथा नगर पुलिस अधीक्षक छावनी, आर के जोशी के मार्गदर्शन में चिटफंड कंपनियों के फरार आरोपियों के धरपकड एवं पीडित पक्ष को निवेशित राशि दिलाने की दिशा में चलाये जा रहे सत्त अभियान के तहत थाना सुपेला के अपराध क्रमांक 976 / 19 धारा 420 409 120बी 34 भादवि 3. 4. चिटफंड अधि.एवं छ.ग.नि. का सरंक्षण अधि.की धारा 10 के मामले में रियल इंफा लिमि. कार्यालय आकाश गंगा सुपेला के दो डायरेक्टर 1. विकास 2. कवल राम देवांगन की गिरफतारी वर्ष 2019 में की गई थी, जो वर्तमान में जेल में है। कंपनी का तीसरा डायरेक्टर रितेश कुमार देवांगन लगातार फरार चल रहा था, जिसकी तलाश सुपेला पुलिस के द्वारा लगातार किया जा रहा था। उसके संबंध में मुखबीर सूचना प्राप्त होने पर धनौरा रोड रिसाली थाना नेवई से गिरफतार किया गया है। वर्ष 2013 में तीनो आरोपियों ने मिलकर बांगडा रियल इंफा लिमि. नाम का एक कंपनी खोला था जिसका कार्यालय आकाश गंगा सुपेला में था।

शुरूआत में ही इस कंपनी के कर्ताधताओ ने बड़े पैमाने में अपनी योजनाओं का प्रचार प्रसार किया। लाभ का प्रलोभन दिया गया कि कंपनी आपको 5 साल में रकम दुगुना कर दुगुना नहीं होने की स्थिति में भी न्यूतनम 12 प्रतिशत वार्षिक व्याज, जमा रकम का दिया जावेगा। लोग प्रलोभन में आकर ज्यादा से ज्यादा राशियाँ कंपनी में लगाने लगे उन्हे बकायदा एक बाण्ड पेपर जारी किया गया। कंपनी का एजेंडा था कि जमा रकम को रियल स्टेट के धंधे में लगाया जायेगा और उसका लाभ निवेशकों को दिया जायेगा। बाण्ड के मुताबिक जब नियत तिथी को लोगो को बढे पैसे वापस नहीं मिले तब निवेशक डायरेक्टरो से मिले पर वे लोगों के पैसे वापस नहीं कर उन्हें गुमराह करते रहे। ऐसे ही एक निवेशक चन्द्र कुमार जैन रिसाली द्वारा कंपनी में 17.53.100 रू जमा कराया गया था और कंपनी ने उसे बाण्ड पेपर जारी किया गया था जब डायरेका ने उसे ब्याज व मूलधन वापस नहीं किया तब उसके द्वारा थाना सुपेला में अपराध पंजीबद्ध कराया गया था। पुलिस जांच पर पाया गया था कि 45 लोगो से लगभग 3.35 रू का गबन डायरेक्टरो ने किया और कार्यालय को बंद कर दिया था। गिरफ्तार आरोपी से कंपनी के द्वारा किये गये निवेश से संबंधित दस्तावेज प्राप्त किये गये है। जिससे विधिवत् रकम की वापसी कर निवेशको को उनकी जमा रकम वापस दिलाईजा सके |

Related Articles

Back to top button