राजधानी में 405 दिन बाद सिर्फ 2 पॉजिटिव, पिछले साल 27 जून को मिले थे आखिरी बार इतने कम मरीज

राजधानी में मौसम बिगड़ा हुआ है। वायरल फीवर के साथ सर्दी-जुकाम के मरीजों की संख्या भी खासी बढ़ी हुई है। विशेषज्ञ तीसरी लहर के खतरे की आशंका कई बार जाहिर कर चुके हैं। इस हालात में गुरुवार को राजधानी में कोरोना के केवल 2 मरीज मिले हैं। कोरोना काल में पूरे 405 दिन बाद ऐसा हुआ है जब केवल दो संक्रमित मिले हैं। पिछले साल 27 जून को आखिरी बार इतने कम कोरोना मरीज शहर में मिले थे। उसके बाद से अब ऐसी स्थिति बनी है।
हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने शहर में संदिग्धों की टेस्टिंग बढ़ा दी है। बुधवार तक जहां औसतन दो हजार मरीजों की जांच की जा रही थी, वहीं गुरुवार को गुरूवार को 4,449 से अधिक लोगों की कोरोना जांच की गई। इसके लिए शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थानों के साथ सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में जांच का दायरा का बढ़ा दिया गया है। गार्डन और पिकनिक स्पॉट जैसी जगहों पर भी कोरोना की जांच के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है। यही वजह है कि गुरुवार को जांच का दायरा एकाएक बढ़कर करीब साढ़े चार हजार पहुंच गया। आमदिनों की तुलना में लगभग दोगुनी जांच के बावजूद पहली बार इतने कम मरीज मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग के अपुसरों के अनुसार जांच के अनुपात में पॉजिटिव रेट पहली बार 0.04 प्रतिशत पर आ गया है। यानी सौ जांच में एक भी मरीज नहीं मिला है। ये बेहतर संकेत माना जा रहा है। अफसरों के अनुसार टेस्टिंग इसी तरह होने से संक्रमण को कंट्रोल रखने में आसानी होगी।
पॉजिटिव होते ही दोनों गायब
शहर में गुरूवार को जो दो मरीज पॉजिटिव निकले हैं, उनकी कांटेक्ट ट्रेसिंग में स्वास्थ्य विभाग को पूरा दिन परेशाना होना पड़ा। उसके बावजूद देर शाम तक टीमें उन मरीजों तक नहीं पहुंच पाई। दोनों मरीजों में एक 22 साल के युवक ने अपना पता केवल शंकर नगर दर्ज करवाया है। जबकि 22 साल के दूसरे मरीज ने पते में केवल रायपुर ही लिखवाया है। इतना ही नहीं कांटेक्ट ट्रेसिंग टीम ने जब कोरोना पॉजिटिव आए इन लोगों से संपर्क करना चाहा तो एक मरीज ने अपना फोन ही बंद कर लिया, जबकि दूसरे ने बार बार फोन करने के बावजूद कॉल रिसीव नहीं। इस वजह से दोनों को ट्रेस करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
अंबेडकर अस्पताल में केवल 4 मरीज
डॉ. अंबेडकर अस्पताल के कोविड वार्ड में कोरोना संक्रमित केवल चार मरीज इलाज के लिए भर्ती हैं। पूरा कोरोना वार्ड खाली है। जो चार मरीज भर्ती हैं उनमें से दो मरीज आइसोेलेशन के कोविड जनरल वार्ड और दो मरीज आईसीयू में भर्ती हैं। अस्पताल के क्रिटिकल केयर इंचार्ज डॉ. ओपी सुंदरानी के मुताबिक कई महीनों बाद इस तरह की स्थिति अस्पताल में बनी है जब इतनी कम संख्या में मरीज हैं। सीएमओ डॉ. मीरा बघेल ने कहा कि शहर में कोरोना की स्थिति इसी तरह नियंत्रण में रहे इसके लिए हमने जांच की संख्या लगातार बढ़ा दी है।
एक्टिव मरीजों की संख्या भी घटी
रायपुर में एक्टिव मरीजों की संख्या भी लगातार घट रही है। अब कोरोना के सक्रिय मरीजों की संख्या अब सवा सौ के आसपास ही रह गई है। इतना ही नहीं चूंकि अभी आ रहे ज्यादातर मरीजों में हल्के लक्षण वाले ही हैं, लिहाजा अधिकांश मरीज घर पर ही इलाज के जरिए स्वस्थ हो रहे हैं। रायपुर में गुरूवार को 19 से अधिक मरीज कोरोना से स्वस्थ हुए हैं। सवा सौ सक्रिय मरीजों में से दस से भी कम मरीजों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
36 दिनों में 8 मौतें
राजधानी में जुलाई व अगस्त के 36 दिनों में केवल 8 कोरोना मरीजों की मौत हुई है। जुलाई में 26 दिन किसी मरीज की जान नहीं गई। अगस्त में गुरुवार को एक मरीज की मौत हुई है। यानी दोनों महीनों में 30 दिनों तक कोरोना से कोई मौत नहीं हुई। इस दौरान 574 नए संक्रमित मिले। विशेषज्ञों के अनुसार कोरोना के मरीज तो मिल रहे हैं, लेकिन वैक्सीनेशन के कारण मौतों की संख्या में अच्छी खासी कमी आई है। मरीजों की मौत की लिहाज से जुलाई व अगस्त राहत देने वाला है। पिछले साल सितंबर में पीक था, तब 281 मरीजों की मौत हुई थी।
मई 2020 से अब तक मौत
- पिछले जून- 01
- जुलाई- 24
- अगस्त- 122
- सितंबर- 281
- अक्टूबर- 151
- नवंबर- 77
- दिसंबर- 66
- इस जनवरी- 53
- फरवरी- 32
- मार्च- 98
- अप्रैल- 1501
- मई- 695
- जून- 29
- जुलाई- 08
- अगस्त-01



