रायपुर जिला

कबाड़ की आड़ में गांजा तस्करी:30 किलो गांजा जब्त, पकड़े गए हरियाणा व बिहार के दो आरोपी

  • ओडिशा के रायगड़ा से बाइक रिक्शा में कबाड़ के नीचे पेटी में गांजा छिपाकर जा रहे थे हरियाणा

मध्यप्रदेश- छग बॉर्डर पर चिल्फी पुलिस ने हरियाणा और बिहार के दो आरोपी को पकड़ा है, जो कबाड़ की आड़ में गांजे की तस्करी कर रहे थे। खास बात यह है कि आरोपियों ने गांजा तस्करी के लिए मोटर साइकिल को मोडिफाई कराकर पीछे रिक्शा का लुक दिया था। इसमें कबाड़ भरा हुआ था। कबाड़ के नीचे एक गुप्त पेटी बनी थी, जिसमें 30 किलो गांजा छिपाकर इसे हरियाणा ले जा रहे थे।

ओडिशा के रायगड़ा से यह गांजा आ रहा था। रायगड़ा से जगदलपुर और रायपुर होते हुए करीब 650 किलोमीटर का सफर कर ये दोनों चिल्फी पहुंचे थे। तस्करों ने 3 दिन के इस सफर को 7 दिन में पूरा कर चिल्फी पहुंचे, लेकिन बाॅर्डर पर नाकेबंदी में फंस गए। जब्त किए गए 30 किलो गांजा की कीमत 3 लाख रुपए बताई जा रही है।

चिल्फी टीआई रमाकांत तिवारी के मुताबिक आरोपी राजेन्द्र पिता किशना राम झिमर ग्राम सिरसल जिला कैथल (हरियाणा) और राजकुमार पिता पुलकित यादव (60) ग्राम मनीगाछी मधुबनी, जिला दरभंगा (बिहार) का होना बताया है।

दिल्ली पासिंग वाली नंबर प्लेट देखकर हुआ शक

जिस मोटर साइकिल पर गांजे की तस्करी की जा रही थी, उसका नंबर डीएल 15 एएल 1014 है। बॉर्डर पर तैनात पुलिसकर्मियों ने इस दिल्ली पासिंग वाली तीन पहिया मोटर साइकिल के नंबर को देखकर शक हुआ। तलाशी लेने पर कबाड़ के नीचे गुप्त चेंबर के अंदर 8 पैकेटों में 30 किलो गांजा जब्त किया गया। इस मामले में नारकोटिक्स एक्ट 20(ख) के तहत कार्रवाई की गई है।

लग्जरी कार, ट्रक और अब बाइक पर गांजा तस्करी

ओडिशा से छग, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान तक गांजा की सप्लाई होती है। पहले लग्जरी कारों में गांजा की तस्करी होती थी। डिमांड बढ़ने पर तस्करों ने इसे ट्रकों में सप्लाई करना शुरू कर दिया। कबीरधाम जिले के चिल्फी, महासमुंद समेत अन्य जिलों में लगातार कार्रवाई के चलते तस्करों ने पैटर्न बदला अब बाइक पर गांजे की तस्करी हो रही है।

बिचौलिए गांवों से लेकर बड़े सप्लायरों को भेजते हैं

अब तक पकड़े गए गांजा तस्करों से पूछताछ में कुछ अहम बात पुलिस को पता लगी है। टीआई रमाकांत तिवारी बताते हैं कि अलग-अलग राज्यों के गांजा तस्करों के हाथों में गांजा पहुंचने से पहले 4 हाथों से निकलता है। पुलिस के मुताबिक गांजे की खेती ओडिशा- आंध्रप्रदेश के बॉर्डर वाले इलाके में स्थानीय लोग करते हैं।

इसके बाद गांवों से गांजा बिचौलियों को दिया जाता है। बिचौलिया इस गांजे को ओडिशा के झारसुगुड़ा, रायगड़ा व मलकागिरी समेत अन्य जगहों के बड़े गांजा सप्लायरों को देते हैं। ये बड़े सप्लायर अपने सब एजेंटों को गांजा देते हैं और इसके बाद यह तस्करों के हाथों तक पहुंचता है। अब तक पुलिस अंतिम की दो कड़ियों पर ही कार्रवाई की है। बताया जाता है कि इन तस्करों के आगे-पीछे गाड़ी में वॉचर भी रहते हैं, लेकिन वे भी पकड़े नहीं जाते। अनेक मामलों में ऐसा हुआ है।

बाइक के जरिए बोरी में चार किलो गांजा ले जा रहा था आरोपी, गांव में अवैध तरीके से बेचने की थी तैयारी

इधर, पिपरिया थाने की पुलिस ने भी मोटर साइकिल पर बोरी में 3 किलो 970 ग्राम गांजा ले जाते एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। इसे आरोपी गांव में अवैध तरीके से बेचने के लिए ले जा रहा था। टीआई कौशल किशोर वासनिक के मुताबिक आरोपी शिवकुमार पिता जनकराम चंद्रवंशी (38) ग्राम खेला थाना पिपरिया का रहने वाला है।

तस्करी की सूचना पर पुलिस टीम ने ग्राम रवेली व खड़ौदा के बीच गोल्डी गुड़ फैक्ट्री के पास नाकेबंदी की। मुखबिर के बताए हुलिया अनुसार मोटर साइकिल क्रमांक- सीजी 09 जेडी 4691 पर आ रहे संदिग्ध को जांच के लिए रोकवाया। बाइक के पीछे एक बोरी बंधा था।

तलाशी लेने पर उसमें 3 किलो 970 ग्राम गांजा बरामद किया गया, जिसकी कीमत 96,600 रुपए बताई जा रही है। नारकोटिक्स एक्ट के तहत आरोपी को कोर्ट में पेशी के बाद ज्यूडिशियल रिमांड में जेल भेजा गया है। उल्लेखनीय है कि बॉर्डर पर चेकिंग के साथ ही पुलिस की सख्ती बढ़ने की वजह से गांजा तस्कर नित नए तरीके अपना रहे हैं। पुलिस की मुश्तैदी से वे गिरफ्त में आ रहे हैं।

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