जशपुर जिला

एक दिवसीय प्रशिक्षण:सामुदायिक वन अधिकार पत्र बांटने के लिए दी ट्रेनिंग

बुधवार को कलेक्टोरेट मंत्रणा सभाकक्ष में आदिम जाति विकास विभाग अंतर्गत अनुसूचित, जनजाति एवं अन्य परंपरागत वन निवासी वन अधिकारों की मान्यता अधिनियम के अंतर्गत सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र जारी करने सभी एसडीएम, वन विभाग के एसडीओ, आरआई, पटवारी, वन क्षेत्रपाल और वन रक्षकों को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। कलेक्टर महादेव कंवारे ने कहा कि सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र के 345 स्वीकृत दावे को अनुभाग स्तर पर पात्रता की श्रेणी में पट्टा जारी करने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि आगामी 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर पट्टे बांटे जाने हैं। इसके लिए सभी को तैयारी करने के निर्देश दिए हैं।

वनमंडलाधिकारी जाधव श्रीकृष्ण ने सभी को सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र जारी करने के लिए दिशा-निर्देशों का भली-भांति पालन करें और अपनी शंका और समस्याओं का समाधान करके ही जाएं ताकि आपको पट्टा बनाने में सुविधा हो सके। प्रशिक्षण में रायपुर आदिम जाति अनुसंधान विभाग के एफआए. सेल के प्रोजेक्ट अधिकारी डाॅ. मनोहर चौहान ने सभी को सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्रों के लिए गांवों की भूमिका, ग्राम सभा की भूमिका, सीमावर्ती गांव को प्रशिक्षण देकर किन-किन क्षेत्र के लिए पट्टे दिए जा सकते हैं। साथ ही वन भूमि के किन-किन क्षेत्रों को वन संसाधन अधिकार के अंतर्गत लिया जाना है। सीमावर्ती गांव के बीच आपसी विवादों का निपटारा सामूहिक बैठक में किस प्रकार किया जाना है एवं वन संसाधन अधिकार पत्र जारी करने के लिए क्षेत्र का सीमांकन निर्धारण किए जाने के संबंध में बताया गया। जिला स्तरीय वन अधिकार समिति में 357 सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र स्वीकृत किए गए थे, जिनमें से 345 सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र जारी करने के लिए सभी एसडीएम को पत्र भेजे गए हैं। प्रशिक्षण में बताया गया कि व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र के 35 हजार 616 आवेदन मिले थे। उनमें से 17161 वन अधिकार पत्र जिला स्तर पर स्वीकृत करके वितरण किया गया है। इसी प्रकार सामुदायिक वन अधिकार के 2926 स्वीकृत दावों में से सभी का वितरण कर दिया गया है। इस अवसर पर डीएफओ कृष्णा जाधव, आदिम जाति कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त बीके राजपूत उपस्थित थे।

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