अप्रैल 21 से अब तक 661 मौतें:1032 मृतकों में सिर्फ एक को मिला कोरोना मृत्यु प्रणाम पत्र

- राहत; कोरोना से मौत हुई तो मृत्यु प्रमाण पत्र के साथ फार्म-4 मिलेगा, इसमें लिखी होगी वजह
कोरोना से हुई मौतों में प्रमाणपत्र को लेकर संशय था। सुप्रीम कोर्ट ने ऐसे सर्टिफिकेट्स में सुधार करने के निर्देश दिए थे, जिनमें कोरोना से मौत का जिक्र नहीं था। कोरोना से मौत पर केंद्र या राज्य सरकार की योजना का लाभ लेने सामान्य मृत्यु प्रमाण पत्र के बदले कोरोना मृत्यु प्रमाण पत्र जरूरी था। कोरोना से अप्रैल से अब तक 64 दिन में 661 मौतें हुई हैं, जबकि मई 2020 से अब तक कोरोना से कुल 1032 मौतें हुई हैं। इनमें नई गाइडलाइन के मुताबिक यानि फॉर्म-4 के साथ सिर्फ परिजन को मृत्यु प्रमाण पत्र दिया गया है।
योजना एवं सांख्यिकी विभाग ने हॉस्पिटलों और नर्सिंग होम्स को पत्र जारी किया है। आदेश है कि कोरोना से मारे गए लोगों के परिजन को फॉर्म-4 उपलब्ध कराया जाए। इस फॉर्म में मौत की असली वजह लिखी जानी है। पहले यह फार्म नहीं दिया जाता था, मौत पर सामान्य सर्टिफिकेट जारी किया जाता था। सरकार ने कोरोना में माता-पिता या दोनों को खोने वाले निजी स्कूल के विद्यार्थियों की पढ़ाई का खर्च भी उठाने की बात कही थी। इस तरह की सहायता के लिए शिक्षा विभाग में 350 आवेदन आ चुके हैं। प्रशासन ने स्कूलों को पत्र जारी कर ऐसे विद्यार्थियों से फिलहाल फीस नहीं मांगने के लिए कहा है। कोविड से मौत के बाद कई तरह की सरकारी स्कीम से भी लोगों को सहयोग मिल सकता है, लेकिन जानकारी नहीं होने के कारण प्रभावित लोग इससे वंचित हैं। कलेक्टर ने भी कोविड से हुई मौतों और उन परिवार के बच्चों की जानकारी मांगी है। केन्द्रीय योजना एवं सांख्यिकी विभाग ने गाइडलाइन जारी करने के बाद बुधवार को हर सरकारी और प्राइवेट हॉस्पिटलों को पत्र भेजा है। कोरोना से मारे गए मृतक के परिजन अगर सामान्य मृत्यु प्रमाण पत्र के साथ फार्म-4 मांगता है तो उसे उपलब्ध कराया जाए।
गैर संस्थागत मौत के लिए 4 ए डॉक्टर जारी करेंगे – गैर संस्थागत मौत यानि घर में कोरोना से किसी की मौत हुई हो तो कोविड जांच रिपोर्ट के साथ ही इलाज करने वाले डॉक्टर की तरफ से 4ए फॉर्म जारी किया जाना जरूरी है। कोरोना रिपोर्ट के साथ रजिस्टर्ड डॉक्टर द्वारा जारी फॉर्म 4ए हों तो सर्टिफिकेट जारी किया जा सकता है।
पहले नहीं था फॉर्म-4 या 4-ए देने का प्रावधान
योजना एवं सांख्यिकी अधिकारी सुरेश सिंह ने बताया कि केन्द्र सरकार के निर्देशों के मुताबिक मृत्यु प्रमाण पत्र के साथ 4 या 4 ए फार्म भी दिया जाना है। इसे सर्टिफिकेट ऑफ कॉज ऑफ डेट कहा जाता है। पहले तक यह फार्म नहीं दिया जाता था। अफसरों के मुताबिक जिन्होंने कोरोना में परिजन को खोया है, वे सामान्य मृत्यु प्रमाण पत्र के साथ फॉर्म-4 या फॉर्म-ए लेकर कोरोना मृत्यु प्रमाण पत्र बनवा सकते हैं।
राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना के तहत यह लाभ
इस स्कीम में बीपीएल परिवार में यदि किसी के परिवार के मुखिया की मौत होती है। तो उनके परिवार के लोगों को इस स्कीम में 20 हजार रुपए मिल सकते हैं। मौत की वजह कुछ भी हो सकती है। इसके लिए जनपद पंचायत या पंचायत स्तर या वार्ड पार्षद या निगम कार्यालय में आवेदन करना होता है । लेकिन लोगों को इसकी जानकारी नहीं होने की वजह से इसका फायदा नहीं पा रहा है। समाज कल्याण विभाग के अफसरों के अनुसार इसके लिए सिर्फ तीन आवेदन आए हैं। इसके लिए राशन कार्ड, आधार कार्ड, बैंक खाता और मृत्यु प्रमाण पत्र देना जरूरी होता है।



