अंकसूची में नंबर नहीं:भविष्य से खिलवाड़…एक लाख से अधिक बच्चों को जनरल प्रमोशन

- काम नहीं आई सालभर में 1.50 लाख बार ऑनलाइन तो 1200 से अधिक स्कूलों में मोहल्ला क्लास की पढ़ाई
- बीते सत्र में ऑनलाइन व मोहल्ला क्लास से पढ़ाई का दावा, अंकसूची में नंबर नहीं, जनरल प्रमोशन का सील लगाकर दिया
जिले में इस साल करीब एक लाख से अधिक बच्चों के कोरे अंकसूची में सील लगाकर पास कर दिया गया है। इस वर्ष शासन ने कक्षा एक से लेकर 8वीं व 9वीं, 11वीं के बच्चों को जनरल प्रमोशन देने के निर्देश दिए है। दूसरी ओर जिले में ऑनलाइन पढ़ाई व मोहल्ला कक्षा समेत कई योजना चलाई गई।
तब शासन ने निर्देश दिया था कि इसी के आधार पर आकलन किया जाएगा व परीक्षा परिणाम जारी करेंगे। लेकिन जब अंकसूची जारी करने की बात आई तो कोरे अंकसूची में जनरल प्रमोशन का सील लगाकर पास कर दिया गया है। भास्कर ने इस मामले को लेकर पड़ताल किया तो केवल सरकारी अंग्रेजी मीडियम स्कूल ने अपने सभी बच्चों के अंकसूची में अंक का निर्धारण जरूर किया है। कवर्धा के सरकारी अंग्रेजी मीडियम स्कूल में ऑनलाइन पढ़ाई को आधार मानकर अंकसूची जारी किया गया है। हालांकि अंकसूची के एक जगह में जनरल प्रमोशन का सील जरूर लगा है। खास बात यह हैं कि जिले में बीते शिक्षा सत्र में करीब 1.50 लाख ऑनलाइन कक्षा ली गई है। इसके साथ ही 1200 से अधिक स्कूलों में मोहल्ला कक्षा का आयोजन भी किया गया था।

बच्चों के भविष्य पर पड़ेगा असर
पहली बार कोरी अंकसूची जारी की गई है। जनरल प्रमोशन दिए जाने को लेकर आदेश हुआ तो तब अंकसूची जारी करने संकुल प्रभारियों से जानकारी ली गई। तब जिला स्तर पर विभाग ने मौखिक रूप से सील लगाकर अंकसूची जारी करने कहा। काेरी अंकसूची जारी होने से आगामी समय में बच्चों के भविष्य पर असर पड़ेगा।
मॉनिटरिंग के बाद भी ध्यान नहीं दिए
जिले में बीते शिक्षा सत्र में ऑनलाइन पढ़ाई की स्थिति खराब थी। शुरुआती दिनों में डीईओ कार्यालय से मॉनिटरिंग की गई। लेकिन बाद में ध्यान नहीं दिया जा रहा। बीते शिक्षा सत्र में ऑनलाइन और ऑफलाइन शैक्षणिक गतिविधियों में बच्चों की शैक्षणिक उपलब्धियों का मूल्यांकन करने की योजना थी। तीन बार आकलन परीक्षा ली गई। इसके लिए cgschool.inऔर इन योजनाओं में शिक्षा ग्रहण करने वाले सभी बच्चों के नामों की एंट्री कर उन्हें पढ़ाने वाले शिक्षकों द्वारा उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों की एंट्री करने का प्रावधान किया। बच्चों के नाम और मूल्यांकन की एंट्री करने के संबंध में ऑनलाइन प्रशिक्षण एससीईआरटी द्वारा आयोजित की गई।
अब दो अगस्त से ऑफलाइन क्लास
इधर राज्य सरकार के निर्देश बाद दो अगस्त से जिले के सभी स्कूलों के खोलने की तैयारी है। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम पंचायत और पालक समिति तथा शहरी क्षेत्र में संबंधित वार्ड पार्षद एवं पालक समिति की अनुशंसा जरूरी किया गया है। ऑफलाइन कक्षाओं में प्रतिदिन केवल आधी संख्या में ही विद्यार्थी बुलाए जाएंगे। किसी भी विद्यार्थी को यदि सर्दी, खांसी, बुखार आदि होगा तो उसे कक्षा में नहीं बैठाया जाएगा। आदेश अनुसार ऑनलाइन कक्षाएं पहले की तरह जारी रहेगी।विद्यार्थी के लिए उपस्थिति अनिवार्य नहीं किया गया है। केन्द्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर जारी कोरोना संक्रमण से बचाव के निर्देशों का पालन करना होगा।

शासन का स्पष्ट आदेश
डीईओ राकेश पांडेय ने बताया कि कक्षा एक से लेकर 8वीं व कक्षा 9 वी व 11वीं के बच्चों को जनरल प्रमोशन दिए जाने का स्पष्ट आदेश है। अगर कुछ स्कूल अपने हिसाब से अंकसूची में सील लगाकर जारी कर रहे है तो वह स्वैच्छिक माना जाएगा। हो सकता है उस स्कूल में बीते सत्र में ऑनलाइन पढ़ाई के साथ मोहल्ला कक्षा का आयोजन किया गया हो। फिर भी अंकसूची में कोई विसंगति पाई जाती है तो शासन को अवगत करेंगे।
नुकसान; चतुर्थ श्रेणी भर्ती में होगी दिक्कत
अंकसूची में अंक का निर्धारण नहीं होने पर आने वाले समय में बच्चों को परेशानी होगी। सरकारी विभाग में चतुर्थ वर्ग के कर्मचारियों की भर्ती में 5वीं व 8वीं उत्तीर्ण योग्यता निर्धारित की गई है। ऐसे में कई विभाग इन दोनों कक्षा के मेरिट अंक के आधार पर भर्ती करता है। दोनों कक्षा की अंकसूची में जनरल प्रमोशन का सील लगा होगा और अंक का निर्धारण नहीं होगा तो मेरिट सूची बनाना मुश्किल होगा।



