रायगढ जिला

जालसाजी:हैलो आप लकी विनर हैं, बड़े लाभ का झांसा देकर 21 लोगों से ठगे 10 लाख

  • टूर पैकेज व रिहायशी प्लॉट का लालच देकर निवेश कराने वाली कंपनी के एमडी समेत 4 गिरफ्तार

निवेश पर अच्छा रिटर्न और मुफ्त टूर पैकेज का झांसा देकर ठगी करने वाली कंपनी के चार लोगों को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। नवोदय भूपदेवपुर के शिक्षक की शिकायत के बाद हुए खुलासे के मुताबिक इन लोगों ने लगभग 21 लोगों से 10 लाख रुपए से अधिक की ठगी की है । पुलिस ने कंपनी का खाता फ्रीज करा दिया है ।

मूलत: अकलतरा जांजगीर के रहने वाले नवोदय स्कूल भूपदेवपुर में पदस्थ शिक्षक ईश्वर प्रसाद खांडे ने कोतवाली में 25 जुलाई को ठगी की शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि, ड्रीम ताज हॉलिडे प्राइवेट लिमिटेड का एग्जीक्यूटिव बताकर एक व्यक्ति ने फोन किया। बताया कि, लक्की ड्रॉ के जरिए उन्हें प्रथम पुरस्कार मिला है। शहर के ग्रैंड मॉल में खुली ऑफिस में बुलाया। ईश्वर परिवार के साथ 15 जुलाई को यहां पहुंचे। रोशन सिन्हा और प्रवेश कश्यप नाम के दो कर्मचारी मिले, उन्होंने बताया कि अगर उनके प्लान के मुताबिक निवेश करेंगे तो पांच साल में 3 से 5 दिन के लिए अच्छे पर्यटन स्थलों का टूर पैकेज मुफ्त मिलेगा। इसके साथ ही चकरभांटा बिलासपुर में एक हजार वर्गफीट का प्लाट मिलेगा। अच्छा निवेश मानकर ईश्वर ने कंपनी के खाते में 80 हजार रुपए जमा करा दिए।

18 जुलाई को वे रोशन और प्रवेश के साथ बिलासपुर गए जहां धमनी गांव में उन्हें एक प्लाट दिखाया गया। रजिस्ट्री के लिए 50 हजार रुपए और मांगे। ईश्वर तैयार नहीं हुए और ऑफिस जाकर रुपए वापस मांगे। इस पर दोनों कर्मियों ने उन्हें राशि नहीं लौटाने और शिकायत पर देख लेने की धमकी दी। शिक्षक की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने आईपीसी की धारा धारा 420, 506, 34 के तहत अपराध दर्ज किया, शुरुआती जांच के बाद पुलिस ने रोशन (बालोद) और प्रवेश (नागपुर) के अलावा हॉलिडे के मैनेजिंग डायरेक्टर्स शुभम् कामले तथा स्नेहल धोटे को गिरफ्तार किया।

पुलिस ने बैंक खाते में जमा 7 लाख रुपए होल्ड कराए
पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में कंपनी द्वारा 21 लोगों से निवेश के नाम पर दस लाख आठ हजार रुपए की ठगी का पता चला है। पुलिस ने कंपनी के इंडसइंड बैंक में जमा सात लाख रुपए होल्ड कराए हैं। निवेश के नाम पर झांसे में आए 21 लोगों का पता लगाकर कोतवाली पुलिस ने उनके बयान लेगी।

दूसरे के व्यापार में अपना मुनाफा ढूंढते थे ठग
कंपनी के लोग कुछ महीनों से शहर में दफ्तर खोलकर शिकार ढूंढते रहे हैं। इन्होंने बड़े कपड़ा दुकान संचालकों से भी संपर्क कर कूपन देने के लिए कहा था। एक से लेकर 10 हजार रुपए का कूपन बना ये 15-20 प्रतिशत की मार्जिन पर दुकानों में ग्राहक भेजने की डील करना चाहते थे। 100 रुपए प्रतिवर्ग फीट के भाव से जमीन खरीद, 150 रुपए के ग्राहक ढूंढ उनके नाम रजिस्ट्री कराने के लिए इन्होंने एक रियल इस्टेट कारोबारी से भी संपर्क किया था। रेरा के कारण व्यवसायी ने मना किया तो ये लोगों को चकरभाटा और रायपुर में जमीन दिलाने का झांसा देने लगे। पुलिस इस बात का पता लगा रही है कि इन लोगों के पास जमीन थी या दूसरे की जमीन दिखाकर ठगी करते थे।

ट्राइबल जिले पर बड़े जालसाजों की नजर
उद्योगों के अलावा सरकारी योजनाओं के लिए किए गए भूमि अधिग्रहण में 15 साल में जिले में सैकड़ों करोड़ रुपए का मुआवजा बंटा है। ज्यादातर भू-विस्थापित ग्रामीण इलाके से हैं। लाखों रुपए मिलने पर इनके पास निवेश का विकल्प नहीं होता है। ऐसे में दर्जनों रजिस्टर्ड और बोगस चिटफंड कंपनियों ने एक-दो साल में रुपए डबल की स्कीम बताकर लोगों से लाखों रुपए ठगे हैं। कई शिकायतें थानों तक पहुंच भी नहीं पाती हैं। शहर में भी इधर-उधर से फोन नंबरों का जुगाड़ कर ये लकी ड्रा में नंबर पर लॉटरी लगने जैसे झांसे देकर लोगों को बुलाते और निवेश के नाम पर ठगी करते हैं।

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