बिलासपुर जिला

नौकरी का झांसा देकर ठगने वाले 2 गिरफ्तार:हाईकोर्ट में नौकरी देने के नाम 20 बेरोजगारों से ठगे 75 लाख रुपए, जाली नियुक्ति पत्र समेत सील और स्कैनर जप्त,15 लाख 55 हजार रुपये नगदी भी बरामद

हाई कोर्ट एवं अन्य सरकारी संस्थानों में नौकरी लगाने के नाम पर लाखों रुपए का फर्जीवाड़ा करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है इसके अलावा उनसे कई जाली नियुक्ति पत्र, सील और स्कैनर समेत 15 लाख 55 हजार रुपए नकदी बरामद किया गया है। दो दिन पहले बिलासपुर के सकरी थाना अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों से थाना पहुंचकर दर्जन भर लोगों ने नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले व्यक्ति के खिलाफ शिकायत की थी। इस दौरान कई लोगों ने शिकायत में बताया था कि उन्हें हाईकोर्ट में नौकरी लगाने के नाम पर पैसे लिए गए हैं। इसके अलावा उन्हें नियुक्ति पत्र भी थमा दिया गया था। लेकिन जब वह लोग ड्यूटी ज्वाइन करने कोर्ट पहुंचे तो पता चला कि वहां किसी भी प्रकार की जगह खाली नहीं है और ना ही किसी प्रकार की नियुक्ति उस पोस्ट के लिए निकाली गई है। अपने साथ धोखा होता देख लोगों ने सकरी थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई जिसके बाद पुलिस ने मामले में जांच शुरू की।

आरोपी इसी तरह का फर्जी नियुक्ति पत्र थमा कर लोगों से करते थे ठगी
आरोपी इसी तरह का फर्जी नियुक्ति पत्र थमा कर लोगों से करते थे ठगी

लोगों को देखता था फर्जी आईकार्ड, फ्रेंड लिस्ट में जोड़ रखा था पुलिस के आला अधिकारी
पुलिस अधिकारियों दर्जन भर से अधिक मामलों में फर्जीवाड़ा करने वाला मुख्य आरोपी यशवंत सोनवानी लोगों को अपने अधिकारियों से पहचान होने का दिखावा करता था। इसके अलावा उसने सोशल मीडिया में अनेक अधिकारियों के फ्रेंड लिस्ट को दिखाकर लोगों को अपनी ऊंची पहुंच का रौब भी दिखाता था।

साइबर सेल की मदद से राजनांदगांव से धारा गया मुख्य आरोपी

पुलिस को सूचना मिलते ही पुलिस की साइबर टीम ने आरोपी के सोशल मीडिया अकाउंट को खंगालना शुरू किया। इस दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि राजनांदगांव से ट्रांसपोर्ट नगर इलाके में उसका लोकेशन है। जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मुख्य आरोपी यशवंत सोनवानी को गिरफ्तार किया। उससे बिलासपुर लाकर जब पूछताछ किया गया तो आरोपी ने अपने एक साथी आशुतोष मिरी के साथ मिलकर घटना को अंजाम देने की बात कबूल की।

हाईकोर्ट में जॉब के लिए निकला था विज्ञापन, उसी की कॉपी निकाल देता था धोखा

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि उनके द्वारा हाईकोर्ट के वेबसाइट में जाकर चेक किया गया था कि उस समय सहायक ग्रेड 2 और सहायक ग्रेड 3 के पद की भर्तियों के विज्ञापन निकाले गए थे। लेकिन बाद में भर्तियों को निरस्त कर दिया गया था। इसी मौके का फायदा उठाकर आरोपियों द्वारा विज्ञापन की कॉपी का प्रिंट निकाल कर स्कैनर से उसे स्कैन कर उसमें फर्जी साइन और सील मारकर अलग-अलग लोगों को अलग-अलग स्थानों में नौकरी दिलाने के नाम ठगी करने का काम करता था। फिलहाल आरोपियों से 15 लाख 55 हजार बरामद कर लिए गए हैं। जबकि ठगी का अंदेशा 70 से 75 लाख के बीच लगाया जा रहा है। पुलिस ने आरोपियों से और जानकारी हासिल करने उन्हे 1 दिन के रिमांड पर लिया है।

आरोपियों के कब्जे से मिले 15 लाख 55 हजार रुपए
आरोपियों के कब्जे से मिले 15 लाख 55 हजार रुपए

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