12वीं बोर्ड का रिजल्ट:94.6% छात्र फर्स्ट डिवीजन, घर से दी परीक्षा फिर भी 317 हुए फेल

- 12वीं बोर्ड का रिजल्ट 97.75% 2019 के मुकाबले 23% बेहतर
- एग्जाम फ्रॉम होम में भी छात्राओं ने मारी बाजी, जिले में थर्ड डिवीजन सिर्फ तीन स्टूडेंट्स
माध्यमिक शिक्षा मंडल ने रविवार को बारहवीं बोर्ड के नतीजे घोषित किए। जिले में 94.6 प्रतिशत स्टूडेंट्स फर्स्ट डिवीजन से पास हुए हैं। एग्जाम फ्रॉम होम (घर से परीक्षा) के कारण इस बार कुल रिजल्ट भी 97.75 रहा है। 232 स्टूडेंट्स फेल हुए हैं, जबकि 85 का रिजल्ट पूरक (सप्लीमेंट्री) है । इस परीक्षा में भी लड़कियों ने बाजी मारी, 98.40 फीसदी लड़कियां पास हुईं, वहीं सफल होने वाले लड़कों का प्रतिशत 96.93 रहा।
कोरोना की मेहरबानी से बारहवीं बोर्ड के परीक्षार्थियों की बल्ले-बल्ले हो गई। जिले में 14 हजार 352 रजिस्टर्ड परीक्षार्थियों में 14 हजार 255 ने सेंटरों से प्रश्नपत्र और उत्तरपुस्तिका ले जाकर घर बैठे परीक्षा दी । जिले में जनवरी में कोरोना के मामले कम हो गए थे लेकिन दुर्ग, रायपुर समेत महाराष्ट्र व दूसरे राज्यों में दूसरी लहर आई एग्जाम फ्रॉम होम का फार्मूला बनाया गया। 1 से 5 जून तक सवाल और कॉपी बांटे गए। स्टूडेंट्स ने 6 से 10 तक कॉपियां जमा कराई थीं।
वर्ष 2019 में बोर्ड परीक्षा सामान्य तरीके से हुई थी। अगर इससे 2021 के कुल रिजल्ट की तुलना करें तो 23% अधिक विद्यार्थी सफल हुए हैं।
कटऑफ तय करने कॉलेजों को करनी होगी माथापच्ची
2 अगस्त से प्रदेश में स्कूलों के साथ कॉलेज भी खुलेंगे। पिछले साल कोरोना की पहली लहर के बाद 1 अप्रैल 2020 से स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए थे। प्रदेश में 2 अगस्त से बच्चों की 50 फीसदी उपस्थिति के साथ स्कूल-कॉलेज खुलेंगे। 12वीं के रिजल्ट जारी होने के बाद कॉलेजों में एडमिशन अगस्त के पहले सप्ताह से शुरू हो जाएगा। बारहवीं का रिजल्ट बेहतर होने के कारण कॉलेजों की सीमित सीटों में दाखिला बहुत मुश्किल होगा।
रिजल्ट में ये तीन स्कूल टॉप पर
शहर के स्कूलों में गर्ल्स स्कूल की सभी 155 स्टूडेंट्स फर्स्ट डिवीजन पास हुई हैं। चक्रधरनगर स्कूल में सभी 61 स्टूडेंट्स प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण हुए हैं, वहीं जूट मिल हायर सेकंडरी स्कूल के 136 स्टूडेंट्स में 129 को फर्स्ट डिवीजन मिला है। अभी जिले के टॉपर्स का पता नहीं चल सका है लेकिन शिक्षकों का अनुमान है कि जिले में सर्वाधिक प्रतिशतांक 95 है।
ऐसी परीक्षा में भी फेल, फिर कैसे पहुंचे थे 12वीं तक
एग्जाम फ्रॉम होम के बावजूद स्टूडेंट्स फेल हो गए। इन लोगों को क्या वर्चुअल क्लास से जोड़ा नहीं गया, अगर ये लोग इतने कमजोर थे तो बारहवीं तक पहुंचे कैसे। इन सवालों के जवाब में जूट मिल हायर सेकंडरी स्कूल के प्रिंसिपल और मूल्यांकन करने वाले एसके चंद्रा ने बताया कि कुछ स्टूडेंट्स ने प्रैक्टिकल एग्जाम नहीं दिए। कुछ स्टूडेंट्स ने उत्तर लिखा ही नहीं, किसी ने असाइनमेंट जमा नहीं किया, कुछ कॉपियों में एक-दो उत्तर ही लिखे थे इसलिए ऐसे स्टूडेंट्स को पास नहीं किया जा सकता था।
संस्थानों में दाखिले के लिए अच्छे स्टूडेंट्स की पहचान करने जरुरी होगा टेस्ट
सीजी बारहवीं बोर्ड के नतीजे आए हैं, परिणाम का प्रतिशत अच्छा है। आगे किसी भी शैक्षणिक संस्थान में प्रवेश के लिए इंट्रेंस एग्जाम कराना चाहिए। तभी अच्छे स्टूडेंट्स का असल मूल्यांकन हो सकेगा।
– आरके त्रिवेदी, प्राचार्य, ओपी जिंदल स्कूल



