जशपुर जिला

हत्या के मामले में अब तक आरोपियों का पता नहीं:हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए शहर में निकाली विरोध रैली

एक वर्ष पूर्व आस्ता थाना क्षेत्र में हुए व्यवसायी दंपती की हत्या के मामले में अब तक आरोपियों का पता नहीं लगने पर मृतक दंपती के परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। शनिवार को आस्ता के ग्रामीण और दंपती के परिजनों ने काली पट्‌टी लगाकर आस्ता में विरोध रैली निकाल कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। एेसा नहीं करने पर उन्हांेने अास्ता में उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी है।

1 जुलाई 2020 को आस्ता निवासी शैलेन्द्र सिंह व संगीता सिंह के ऊपर घर में घुसकर चाकू से वार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। घायल दंपती को इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया, जहां दोनों की मौत हो गई थी। हत्या के एक साल पूरा होने एवं विभिन्न अधिकारियों एवं मंत्रियों को संदर्भित आवेदनों के माध्यम से निवेदन करने के बाद भी पुलिस विभाग को कोई सफलता नहीं मिली। परिवार वाले छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री से जाकर इस मामले में मुलाकात की थी। गृहमंत्री द्वारा अपराधियों को जल्द पकड़ने का आश्वासन भी दिया था। घटना को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। उनका आरोप है कि अभी तक मंत्रियों एवं अधिकारियों से सिर्फ आश्वासन ही मिला है, जबकि उक्त मामले की शिकायत आला अधिकारियों से लेकर गृह मंत्रालय छत्तीसगढ़ शासन को भी की है। फिर भी कार्रवाई नही हुई है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है और उक्त घटना पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए शनिवार को आस्ता एवं आसपास गांवाें के सभी ग्रामीणों के द्वारा शांतिपूर्ण कैंडल मार्च निकालकर थाना आस्ता में विभिन्न अधिकारियों के नाम ज्ञापन सौंपा। उक्त घटना की गंभीरता को अवगत कराते हुए जल्द से जल्द दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। ज्ञापन सौंपने के दौरान ग्रामीणों ने कहा कि उक्त मामले में यदि उचित कार्रवाई नहीं होती है तो समस्त ग्रामीणों के द्वारा उग्र आंदोलन किया जाएगा।

गिरफ्तारी की मांग पर हुआ था चक्काजाम
1 जुलाई की रात को व्यवसायी दंपती की हत्या होने के दूसरे दिन विरोध में आस्ता पूरी तरह से बंद हुआ था। 2 जुलाई की सुबह आस्ता के ग्रामीणों ने चक्काजाम कर दिया। एसडीएम, एसडीओपी एवं तहसीलदार ने ग्रामीणों को समझाइश देते हुए आश्वासन दिया था कि इस मामले में जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी,जिसके बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम के आंदोलन को समाप्त कर दिया, लेकिन दोहरे हत्याकांड के एक माह बीतने के बाद आज तक इस मामले में कोई सुराग पुलिस को हाथ नहीं लगा है।

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