अपना जिलाछत्तीसगढ़ विशेषदुर्ग जिलास्थानीय समाचार

नेटवर्क मार्केटिंग कंपनी के दो डायरेक्टर्स हुये गिरफ्तार,ड्रिमर्स हब ट्रेडिंग इंडिया प्रा. लिमि सुपेला के कर्ता-धर्ताओं पर गबन का आरोप, कंपनी का शेयर होल्डर बनाने और रकम दुगुना करने के नाम से सदस्यों से लिये लाखों रूपये

24 जुलाई 2021। दुर्ग जिलें के अलावा छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों में भी नेटवर्किंग का जाल फैलाकर सदस्यों को कंपनी का शेयर होल्डर बनाने का लालच देकर सैकड़ों लोगों से लाखों में रकम लेकर ठगी करने के आरोप में ड्रिमर्स हब ट्रेडिंग इंडिया प्रा.लिमि शाखा सुपेला भिलाई के मैनेजिंग डायरेक्टर प्रमोद साहू एवं डायरेक्टर वेद प्रकाश साहू को सुपेला पुलिस ने फर्जीवाड़े के मामले में गिरफ्तार किया है। वर्ष 2019 को अस्तित्व में आये इस नेटवर्क मार्केटिंग फर्म के कर्ता-धर्ताओं पर यह आरोप है कि फर्म से जुड़कर उनके सामानों के पैकेज बेचने पर अधिक से अधिक फायदा दिलाने का प्रलोभन देकर सदस्यों के साथ ठगी की गई है। इस नेटवर्किंग कंपनी के कुछ सदस्य जिनसे लाखों में रकम लिये जाकर ठगी की गई है, ऐसे कई सदस्यों ने जिसमें कुछ नाबालिग भी है, पुलिस अधीक्षक दुर्ग को आवेदन प्रस्तुत किया था जिसकी प्रारंभिक जांच सुपेला थाने में की गई। प्रारंभिक जांच पर यह पाया गया कि सदस्य बनाने के नाम से कई लोगो से 02 लाख, 03 लाख रू. लिये गये उसकी जमा रकम का कोई रसीद भी नहीं दिया गया, पैसों के बदले कई सदस्यों को सामान भी नहीं दिया गया। सदस्यों को यह प्रलोभन दिया गया कि यदि आप कंपनी के रायल (आरसीए) सदस्य बनने के लिये एकमुस्त रकम शुरू में ही जमा कर देते हो तो कुछ की दिनों में रकम दुगुनी हो जायेगी। कुछ भोले-भाले ग्रामीण उनके झांसे में आ गये, कई महीनों तक इन्हें कोई पैसा नही मिलने पर अपनी जमा रकम को वापस लेने के लिये डायरेक्टर्स के पास जा जाकर चक्कर लगाते रहे परंतु डायरेक्टर्स ने इन्हें पैसे देने से इंकार कर दिया। प्रार्थी हेमंत साहू पिता नेतराम साहू उम्र 42 साल निवासी ग्राम पतोरा थाना उत्तई जिला दुर्ग की रिपोर्ट पर थाना सुपेला में अपराध क्रमांक 569/2021 धारा 420, 34 भादवि कायम कर विवेचना पश्चात कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर प्रमोद साहू एवं डायरेक्टर वेद प्रकाश साहू को गिरफ्तार कर लिया गया। जांच पर यह बात सामने आयी कि लगभग 25 हजार सदस्य इस नेटवर्क मार्केटिंग में सूचीबद्ध हैं और लगभग 100 से अधिक लोगो से एकमुस्त रकम लेकर ठगी की गई है जबकि कंपनी के नियमों के मुताबिक शुरूआत में ही किसी सदस्य को रायल सदस्य बनाने के लिये एकमुश्त रकम नहीं लिया जा सकता, साथ ही साथ नाबालिग बच्चों का रजिस्ट्रेशन कंपनी में नहीं किया जा सकता। मामले के प्रार्थी हेमंत साहू ने बताया कि कंपनी के डायरेक्टर ने इनसे सीधे संपर्क किया और उसकी एक नाबालिग बच्ची को सदस्य बनाने के लिये 03 लाख 10 हजार रू. मांगे हर महिने 40-50 हजार रू. का फायदा दिलाने का झांसा दिया इनके झांसे में आकर इन्होंने घर पर रखा पत्नि का गहना गिरवी रखकर रूपयों का इंतजाम किया था। रजिस्ट्रेशन के बाद 06-07 महिनों तक कोई पैसा कंपनी के माध्यम से प्राप्त नहीं होने पर इन्होने अपने जमा रकम वापसी के लिये लगातार डायरेक्टर्स लोगों के पास जाकर गुहार लगाते रहे पर उन्होंने पैसे वापस नहीं किये। इसी तरह ठगे गये 20-25 लोगो ने पुलिस में शिकायत की थी जिस पर वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में जांच पर आरोप सही पाये जाने पर पुलिस द्वारा प्रभावी कार्यवाही की गई है।

Related Articles

Back to top button