बड़ी समस्या:घरों में घुसता है गंदा पानी, सरकारी क्वार्टर छोड़ किराए के मकानों में जा रहे रेल कर्मी

- स्टेशन के आसपास कॉलोनियों में भारी गुजरती है बरसात, सालों बाद भी नहीं समस्या का निदान नहीं
शहर में चार-छह घंटे लगातार बारिश हो जाए तो पैठूडबरी के कारण रेलवे कॉलोनी के साथ ही लगे हुए गुजराती मोहल्ले में पानी भर जाता है। घरों में गंदा पानी घुसता है, इससे न केवल घर के फर्नीचर और महंगे सामान खराब होते हैं, परिवारों के लिए समय काटना मुश्किल हो जाता है। इससे बचने के लिए कुछ रेलवे कर्मचारी क्वार्टर छोड़कर किराए के मकानों में जा रहे हैं ।
बारिश के दिनों में जलभराव शहर की बड़ी समस्या है। यहां अतिक्रमण और ड्रेनेज सिस्टम के फेलियर के कारण हर साल सैकड़ों परिवार प्रभावित होते हैं। इनमें सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले मोहल्लों में रेलवे कॉलोनी भी शामिल है । दरअसल कॉलोनी पैठूडबरी नाले से सटा हुआ है। हर साल रेलवे कॉलोनी का क्षेत्र प्रभावित होता है। घरों में घुटनों तक पानी भर जाता है। कई बार बारिश के दिनों में लोग सरकारी क्वार्टर छोड़ होटलों में शिफ्ट होते हैं । अब इन सरकारी क्वार्टरों में लोग रहने को तैयार नहीं है।
जो रह रहे हैं, वह भी बारिश को लेकर चिंतित है। कुछ स्टाफ ऐसे भी है जिन्होंने सरकारी क्वार्टर की बजाय आसपास के मोहल्लों में ही महंगे दामों पर किराए में घर लेकर रह रहे हैं। इन कर्मचारियों का कहना है कि बारिश को देखते हुए ही उन्होंने शिफ्ट किया था।
रेलवे स्टेशन के सामने पैठूडबरी नाले की सफाई नहीं अतिक्रमण के कारण भी होता है ज्यादा जलभराव
रेलवे स्टेशन के सामने रायगढ़ होटल से लेकर होटल साई श्रद्धा, रेलवे कॉलोनी के पीछे पूरी बस्ती और कुछ व्यवसायियों ने नाले के हिस्से पर अतिक्रमण कर लिया। नाले में सफाई नहीं होने के कारण पानी ओवरफ्लो होकर घरों में घुसता है। जलभराव की समस्या पुरानी है। हर साल दिक्कत होती है लेकिन निगम के पास नालों की सफाई ही एक उपाय है। नाला चौड़ा करने के लिए घने हो चुके तीन चार मोहल्लों में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने तोड़फोड़ करनी होगी। इतनी हिम्मत अफसर जुटा नहीं पाते हैं, जनप्रतिनिधि पर इस स्तर पर कार्रवाई नहीं चाहते हैं, समस्या जस की तस बनी हुई है।
शहर के अन्य हिस्सों का भी यही हाल, तीन महीने बाढ़ प्रभावित इलाकों में रहना बहुत मुश्किल
नाले किनारी बस्तियों में किराए के मकानों में लोग रहने को तैयार नहीं है । शहर के ऐसे इलाकों में या तो किराया कम है या फिर बारिश के दिनों में खाली पड़े हैं। पैठूडबरी नाले के किनारे कॉलोनी और मोहल्लेवासियों से भास्कर ने बात की। लोग कहते हैं बारिश के दिनों में हर साल सामानों को सहेजना पड़ता है। अपने घर में ही सामानों को इधर-उधर करना पड़ता है ताकि बारिश में पानी घुसने से सामान खराब न हों। कुछ लोगों का कहना है कि बारिश का पानी घुसने से टीवी फ्रिज की रिपेयरिंग, फर्नीचर खराब होने से उनका खर्च बढ़ जाता है।



