राजनांदगांव जिला

वार्ता सफल, हड़ताल समाप्त:बसों के पहिए थमते ही ऑटो वालों की मनमानी, खैरागढ़ और डोंगरगढ़ जाने वालों से वसूले 2-2 सौ रु

  • मांग पर सरकार शीघ्र फैसला लेगी, बस ऑपरेटर बोले- बुधवार से चलेंगी बसें

बसों के पहिए थमते ही मनमानी और लूट शुरू हो गई है। मंगलवार से बस आपरेटर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। इसके चलते मंगलवार को जिले के किसी भी रुट पर बसें नहीं चली। इसका मनमाना फायदा शहर सहित आसपास के ऑटो चालकों ने उठाया। खैरागढ़ और डोंगरगढ़ तक के सफर के लिए यात्रियों से 200-200 रुपए प्रति व्यक्ति किराया वसूला गया। वहीं आसपास के जिन गांवों तक का किराया 10 से 20 रुपए था, उनके लिए 50-50 रुपए मांगे गए। हालात यह है कि बेबस यात्रियों को मजबूरी में ऑटो चालकों को मनमाना किराया देकर अपने घरों तक पहुंचना पड़ा।

शहर के बस स्टैंड से लेकर सभी मुख्य पाइंट पर सुबह से ही ऑटो की कतारें लग गई, जो लोगों को तीन से चार गुना किराया लेकर गंतव्य तक छोड़ते रहे। कुछ स्टैंड पर ऑटो चालकों और बसकर्मियों के बीच विवाद और झड़प की स्थिति भी बनी। बस कर्मी, ऑटो चालकों पर लंबी दूरी के यात्रियों को नहीं ले जाने का दबाव बना रहे थे। लेकिन यात्रियों की संख्या और गंतव्य तक पहुंचने की होड़ के चलते ऑटो चालक हावी रहे।

40 किमी का किराया 40 रु. और वसूले 200 रुपए
शहर से खैरागढ़ की दूरी 40 किमी है। बस में इसका किराया 40 रुपए निर्धारित है, लेकिन मंगलवार को ऑटो चालकों ने इसके लिए प्रति व्यक्ति 150 से 200 रुपए वसूले। यही स्थिति डोंगरगढ़ की रूट पर भी रही। तुमड़ीबोड़ शहर से 15 किमी. दूर है, बस में इसका किराया 20 रुपए है, ऑटो चालकों ने 50 से 70 रुपए तक वसूले। हर रूट पर किराया 2-3 गुना कर दिए थे।

कवर्धा और मानपुर के यात्री दिनभर फंसे रहे
ऑटो चालकों ने 30 से 40 किमी. तक के यात्री तो सवार कर लिए। लेकिन सबसे अधिक दिक्कत कवर्धा और मानपुर तक जाने वाले यात्रियों को हुई। अलग-अलग ट्रेनों से यात्री शहर पहुंचे थे। जिन्हें आगे का सफर तय करने में कई मुसीबतों का सामना करना पड़ा। कवर्धा व मानपुर, औंधी जाने वाले यात्री स्टैंड में मदद मांगते दिखे।

मांग पूरी नहीं हुई तो फिर से करेंगे हड़ताल: ऑपरेटर्स
जिला बस ऑपरेटर्स संघ के अध्यक्ष रईस अहमद शकील ने बताया कि पहले जिले में 300 से अधिक बसें दौड़ती थी, लेकिन कोरोना के बाद यात्री कम हो गए, उस पर डीजल के दाम लगातार बढ़ते गए। इसके चलते जिले के रुटों पर 100 से 125 बसें ही दौड़ रही थी, डीजल के दाम बढ़ने से बस चालकों को बड़ा नुकसान होने लगा है। ऐसे में 40 फीसदी यात्री किराया बढ़ने से ही कुछ हद तक राहत मिलेगी। शकील ने कहा कि मांग पूरी नहीं होने पर फिर से हड़ताल किया जाएगा।

स्पेशल बुकिंग ले रहे थे केवल रूटों पर हड़ताल
कुछ बस ऑपरेटर्स से जानकारी लेने पर उन्होंने बताया कि बारात या दूसरे आयोजन के लिए स्पेशल बुकिंग जारी है। अगर कोई वर्तमान में भी बसों की स्पेशल बुकिंग करता है, तो उसे सुविधा दी जाएगी। इसके अलावा पूर्व में की गई बुकिंग को भी सेवा दी जा रही है। केवल रुटों पर नियमित ढंग से बसों के संचालन पर ही प्रतिबंध हैं । हालाकि महेंद्रा और कांकेर दो ऐसी कंपनियां हैं, जिनकी बस सेवा जारी है। इन्होंने खुद को हड़ताल में शामिल नहीं किया है।

मुनाफा कमाने क्षमता से दोगुना यात्री बैठाए
ऑटो चालकों की मनमानी हादसों को भी निमंत्रण दे रही है। अलग-अलग रूटों के ज्यादा से ज्यादा सवारी ले जाने की होड़ में ऑटो चालक क्षमता से दोगुना यात्री बैठाते रहे। पहले ही इनसे चार से पांच गुना किराया वसूला जा रहा है, उस पर क्षमता से अधिक लोगों को सवार भी किया गया। मंगलवार को ज्यादातर ऑटो चालक खैरागढ़, डोंगरगढ़ और डोंगरगांव के रूट की सवारी लेकर दौड़ते रहें।

बस ऑपरेटर्स आज रायपुर में करने वाले थे प्रदर्शन
इधर बस ऑपरेटर्स अपनी मांगों को लेकर बुधवार को प्रदर्शन की तैयारी में थे। बुधवार को प्रदेशभर के बस ऑपरेटर्स रायपुर में जुटने वाले थे। जहां खारुन नदी के पानी में उतरकर अपनी मांगों को लेकर आंदोलन करने की तैयारी थी। बस ऑपरेटर्स ने बताया कि मांग पूरी होने तक प्रस्तावित चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा। डीजल की कीमत बढ़ने से हमें बसों के संचालन में नुकसान हो रहा है।

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