रायपुर जिला

ट्रेसिंग सख्त:संपर्क में आने वालों ने जांच नहीं करवाई तो एफआईआर, कोरोना की तीसरी लहर से बचने कांटेक्ट ट्रेसिंग सख्त

  • अभी कांटेक्ट ट्रेसिंग केवल साढ़े 7, जबकि पीक में था 11 से 15 लोग

स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना की तीसरी लहर से बचने के लिए कांटेक्ट ट्रेसिंग का तरीका बदलने के साथ इसे सख्त कर दिया है। अब संक्रमित के संपर्क में आने वालों ने टेस्ट नहीं कराया तो उनके खिलाफ थाने में महामारी नियंत्रण अधिनियम का उल्लंघन करने के आरोप में अपराध दर्ज किया जाएगा। कांट्रेक्ट ट्रेसिंग में लापरवाही करने वालों के साथ किसी भी तरह की रियायत नहीं बरती जाएगी।

लापरवाही सामने आते ही सीधे केस दर्ज कराया जाएगा ताकि लोगों को सबक मिल सके और कांट्रेक्ट ट्रेसिंग से कोई पीछे न हटे। स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को एक अहम बैठक में एफआईआर जैसी सख्ती के प्लान के लिए जिलों को तैयार रहने के लिए कहा है। प्रदेश में जुलाई के महीने में रायपुर समेत कई जिलों में दिए गए टारगेट से कम कोरोना जांच हो रही है।

अब प्रदेश में 20 से ज्यादा की जांच का फॉर्मूला
स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों में एक पॉजिटिव के संपर्क में आए कम से कम 20 लोगों की जांच के लिए कहा है। कांटेक्ट ट्रेसिंग के तंत्र को और ज्यादा मजबूत करने के लिए जिलों के कंट्रोल रूम और कॉल सेंटर में अमले को बढ़ाने के लिए भी कहा गया है। ताकि कोरोना पॉजिटिव के संपर्क में आने की वास्तविक वजहों के साथ उसके संपर्क में आए लोगों की ट्रेसिंग और अधिक बेहतर तरीके से की जाए।

संपर्क में आए अगर बीस लोगों की जांच कर ली जाए तो कोरोना की तीसरी लहर को आने से रोका जा सकता है। साथ ही इससे संक्रमण की चेन बढ़ने की आशंकाएं भी कम होंगी।
कितनी टेस्टिंग बढ़ाई, दो हफ्ते बाद फिर रिव्यू
कोरोना मामलों के अनुपात में ट्रेसिंग के जरिए कितनी टेस्टिंग बढ़ाई गई है। जिलों की स्थिति का आंकलन दो हफ्ते बाद किया जाएगा। बस्तर संभाग में इन दिनों सबसे अधिक केस मिल रहे हैं, लेकिन अब रायपुर संभाग में भी दो तीन दिनों से कोरोना संक्रमण की स्थिति में बढ़ोतरी देखी जा रही है। बस्तर संभाग में प्रभावित जिलों में अभी भी 1200 से 1400 के बीच ही टेस्टिंग हो रही है।

जबकि रायपुर संभाग के जिलों में भी कोरोना जांच का औसत 3 हजार से कम है। इसलिए आबादी के लिहाज से बड़े जिलों को पांच हजार और छोटे जिलों को कम से कम से 3 हजार तक टेस्ट करने की हिमायत की गई है।
ट्रेसिंग का ट्रेंड बदलता है

  • कांटेक्ट ट्रेसिंग का ट्रेंड बदलता रहा है। अभी साढ़े 7 से 8 व्यक्तियों को संदिग्ध मानकर जांच की जा रही है। 48 घंटे के भीतर संपर्क में आए लोग जांच की प्राथमिकता में है।-डॉ. कमलेश जैन कार्यक्रम अधिकारी

अधिनियम में सख्ती भी

  • महामारी अधिनियम में स्वा विभाग को कांटेक्ट ट्रेसिंग में आने के बाद जांच नहीं करवाने वालों पर एफआईआर जैसी सख्ती के सुझाव दिए गए हैं।– डॉ. सुभाष मिश्रा, डायरेक्टर, एपिडेमिक कंट्रोल

प्रदेश में 148 दिनों बाद कोराेना से मौत शून्य

छत्तीसगढ़ में राहत भरी खबर मिली है। प्रदेश में 148 दिनों बाद कोरोना से एक भी मौत नहीं हुई है। पिछले साल 13 फरवरी को एक भी मौत नहीं हुई थी। अब 12 जुलाई को मौत का आंकड़ा शून्य हुआ है। यानी पिछले एक साल से रोज कोरोना से एक न एक की मौत हो रही है। इस बीच सोमवार को रायपुर में 18 समेत प्रदेश में कोराेना के 297 नए मरीज मिले हैं। पिछले सात दिन यानी एक हफ्ते में प्रदेश में कोरोना मरीजों का पॉजिटिविटी रेट और कम हुअा और घटकर 0.94 फीसदी रह गया है। हालांकि इस दौरान 4 दिनों तक यह रेट 1 फीसदी या इससे ज्यादा था।

यहां ज्यादा मौतें

जिला मौतें

  • रायपुर 3133
  • दुर्ग 1789
  • बिलासपुर 1202
  • रायगढ़ 976
  • जांजगीर-चांपा 813

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