महासमुन्द जिला

राहत:लोक अदालत में 276 केस का निपटारा 3.36 करोड़ के समझौते भी पारित हुए

जिला न्यायालय, तहसील पिथौरा व सरायपाली स्थित सिविल न्यायालयाें में कुल 11 खंडपीठ का गठन कर नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस दाैरान कुल प्री- लिटिगेशन के 1642 प्रकरणों में सुनवाई के बाद सुलह एवं समझाैता के आधार पर कुल 92 प्रकरणों का तथा न्यायालयों में लंबित सिविल वाद, दांडिक मामलों, मोटर दुर्घटना दावा इत्यादि आधार पर कुल 686 मामलों में सुनवाई के बाद सुलह एवं समझौता के आधार पर 276 मामलों का निराकरण किया गया।

इस दाैरान 3 करोड़ 36 लाख 95 हजार 506 रुपए का अवार्ड पारित किया गया। इसी प्रकार माेटरयान दावा के 24 प्रकरणों में 1 करोड़ 92 लाख 70 हजार 400 रुपए के अवार्ड पारित किए गए। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव मोहम्मद जहांगीर तिगाला ने बताया कि जिला विधिक प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला न्यायाधीश भीष्म प्रसाद पांडेय के नेतृत्व में 10 जुलाई को जिला न्यायालय एवं तहसील पिथौरा व सरायपाली स्थित न्यायालयों में कुल 11 खंडपीठ का गठन कर नेशनल लोक अदालत का आयाेजन किया गया।

राजीनामा के लिए किए गए थे मोबाइल मेन नियुक्त

नेशनल लोक अदालत के दौरान राजीनामा डौकेट भरवाने के लिए मोबाइल मैन नियुक्त किए गए थे। इस व्यवस्था के तहत दिव्यांगाें को काफी राहत मिली है। मामला खल्लारी का है एक दिव्यांग न्यायालय आने में असमर्थ था। एेसे में दिव्यांग के पास मोबाइल मैन पहुंचा और डौकेट भरवाकर न्यायालय में प्रस्तुत किए किया।

यहां वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उनके प्रकरण का निराकरण करने में सफलता मिली। इसी प्रकार सांकरा से प्रकरण में प्रार्थिया महासमुंद में होने से पिथौरा न्यायालय के सक्षम उपस्थित होने में असमर्थ थी। उसके पास मोबाइल मैन पहुंचा और डौकेट भरवाकर न्यायालय में प्रस्तुत किए जहां उनके प्रकरण की सुनवाई में सफलता मिली।

Related Articles

Back to top button