गरियाबंद जिला

CG के भाजपा नेताओं को मोदी नहीं देते अहमियत:मंत्रीमंडल फेरबदल में छत्तीसगढ़ से किसी सांसद को जगह नहीं मिलने पर कांग्रेस के मंत्री का तंज; कहा- पीएम को भरोसा नहीं यहां के नेताओं पर

मोदी मंत्रिमंडल के बदलाव में छत्तीसगढ़ को जगह नहीं मिलने पर प्रदेश के खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने तंज कसा है। प्रभारी मंत्री बनने के बाद पहली बार गरियाबंद पहुंचे कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता ने भाजपा के 9 सांसद चुने हैं लेकिन उसके बावजूद भी मोदी सरकार ने अपने मंत्रिमंडल में यहां के सांसदों को जगह नहीं दी। इससे पता चलता है कि प्रधानमंत्री मोदी की नजरों में छत्तीसगढ़ के भाजपा सांसदों की कितनी अहमियत है। अमरजीत भगत ने तंज कसते हुए कहा कि अब छत्तीसगढ के भाजपा नेताओं को सोचना चाहिए कि प्रधानमंत्री मोदी उनको कितनी प्राथमिकता देते हैं।

एक मंत्री और बनने की थी उम्मीद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल अपने मंत्रिमंडल का जंबो विस्तार किया है। प्रधानमंत्री ने 43 नये मंत्रियों को अपने मंत्रिमंडल में शामिल किया है। लेकिन छत्तीसगढ़ से किसी भी भाजपा सांसद को इसमें स्थान नही मिल सका। छ्ग से सांसद अरूण साव, विजय बघेल और सरोज पांडेय प्रबल दावेदार माने जा रहे थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। यह भी चर्चा थी कि मौजूदा केंद्रीय राज्य मंत्री रेणुका सिंह से संगठन की नाराजगी है, लिहाजा उनके स्थान पर भी किसी को मंत्री बनाया जा सकता है, लेकिन अंततः कोई बदलाव नहीं हुआ और कांग्रेस नेताओं को निशाना साधने का मौका मिल गया।

मोदी ने लड्डू पकड़ा दिए

मंत्री अमरजीत भगत ने इसी को लेकर भाजपा नेताओं पर तंज कसा है। मंत्री भगत ने कहा है कि छ्ग के भाजपा नेता बातें तो बड़ी बड़ी करते है मगर केंद्र में उनको कितनी अहमियत मिलती है यह मंत्रिमंडल विस्तार के समय नजर आ गया है। उन्होंने छ्ग के भाजपा नेताओं को चिंतन करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने छ्ग के भाजपा नेताओं को गोल-गोल लड्डू पकड़ा दिए है। यहां बस्तर, बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग संभाग से केंद्र में कोई प्रतिनिधित्व नहीं है।

भूतेश्वरनाथ मंदिर में दर्शन से की शुरुआत

बतादें कि प्रभारी मंत्री बनने के बाद अमरजीत भगत कल पहली बार जिले के दौरे पर थे। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने उनका जगह-जगह रोककर भव्य स्वागत किया। प्रभारी मंत्री ने अपने दौरे की शुरुवात भुतेश्वरनाथ मंदिर दर्शन के साथ की। उन्होंने आम जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात भी की और अधिकारियों की बैठक भी ली।

गरियाबंद की गुटबाजी से जूझना पड़ेगा

गरियाबंद के सीनियर लीडर कहते हैं अमरजीत भगत के लिए जिले का प्रभार संभालना इतना आसान नही रहने वाला है। उनके सामने सबसे बड़ी समस्या स्थानीय नेताओं में आपसी सामंजस्य स्थापित करने की होगी। क्योंकि जिले के कांग्रेसी कई गुटों में बंटे है ऐसे में सभी को साधकर साथ लेकर चलना उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी। चुनौती इसलिए भी बड़ी मानी जा रही है क्योंकि पूर्व प्रभारी मंत्री ताम्रध्वज साहू वरिष्ठ होते हुए भी ऐसा करने में सफल नहीं हो पाए।

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