राजनांदगांव जिला

आज बजट:इसलिए शहरवासी भी देखें 15 करोड़ रुपए में बूढ़ासागर और रानीसागर के सौंदर्यीकरण का कितना हुआ काम

  • जो शहर सरकार व निगम के जिम्मेदार अधिकारियों को नहीं दिखा- वो भास्कर आपको दिखा रहा
  • काम में क्वालिटी नहीं: 88 फीसदी काम का दावा लेकिन घटिया निर्माण, अभी से उखड़ गई सड़क

बुधवार को नगर निगम में बजट के लिए बैठक रखी गई है। शहर के बीच बूढ़ासागर-रानीसागर के सौंदर्यीकरण में 88 फीसदी काम का दावा किया जा रहा है। गंभीर बात तो यह है कि एक तरफ काम हो रहा तो दूसरी तरफ दुर्गति देखने मिल रही है। काम में गुणवत्ता बिल्कुल भी नहीं है। जितनी राशि खर्च होना बताया जा रहा है, उस हिसाब से काम दिखाई नहीं दे रहा है। सौंदर्यीकरण के नाम पर बंटरबाट का आरोप भाजपा पार्षद दल के द्वारा लगाया जा रहा है। इस मामले में कांग्रेस के पूर्व पार्षद और भाजपा के पार्षद कार्रवाई की मांग भी कर रहे हैं, लेकिन अब तक नगर निगम के द्वारा इस विषय पर जांच तक नहीं की गई है।

दोनों तालाबों के चारों ओर किए गए बाउंड्रीवॉल की हालत खराब है। रानीसागर के दो किनारों से तो रेलिंग ही गायब है। दूसरी ओर सालभर पहले बनाई गई सीसी रोड से गिट्टियां बाहर निकल आई हैं। फूड कोर्ट का तो पूरा स्ट्रक्चर खराब हो चुका है। यहां की बाउंड्रीवॉल भी बेस से उखड़ गई है। वहीं गंदे पानी की निकासी रोकने तीन करोड़ की लागत से बनाए जा रहे ट्रीटमेंट प्लांट का काम अब तक अधूरा है। पूरे कार्यों में 17 करोड़ में 15 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन काम की गुणवत्ता बेहद खराब है। जिसे मौके पर आसानी से देखा जा सकता है। आश्चर्य की बात यह है कि निर्माण कार्य के दौरान गुणवत्ता की मॉनिटरिंग सही तरीके से नहीं की जा रही है।

बांस के सहारे रेलिंग को सपोर्ट
यहां रानीसागर के सौंदर्यीकरण की बात कही जा रही है। चौपाटी से लगे उलट का ऐसा हाल है कि बांस के सहारे रेलिंग को सपोर्ट दिया गया है। ऐसी दुर्गति है कि जहां 17 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं वहां ढंग से मरम्मत का काम तक नहीं किया गया है। यही हाल रानीसागर के बाउंड्रीवॉल की है। दीवार पर लगी सारी रेलिंग चोरी हो गई है। उसका सुधार भी अब तक नहीं किया गया है।

बूढ़ासागर में सौंदर्यीकरण के लिए बनाई गई बाउंड्री दो बार ढह चुकी है। वहीं इसी तालाब के किनारे फूड कोर्ट के बाउंड्री का तो बेस ही डगमगा गया है। दीवार तिरछी हो रही है। ये कभी भी गिर सकती है। दूसरी ओर यहां लगी सारी मूर्तियां जर्जर हो चुकी हैं। लैंप पोस्ट भी उखड़कर लटक रहे हैं। यहां लगे टाइल्स भी धंसने लगे हैं। पूरे परिसर में झाड़ियां उग आई हैं। जिनकी सफाई तक कई महीनों से नहीं हुई है।

यहां बूढ़ासागर में गंदे पानी की निकासी के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण चल रहा है। इसमें दो करोड़ रुपए से ज्यादा राशि खर्च की जा रही है। यह अधूरा है। इसमें बेस डालने के बाद ऊपर का काम किया जा रहा है। त्रिवेणी परिसर में सोलर लाइट लगाई गई है। पाथवे का निर्माण तो किया गया है। सीसी रोड के रूप में पाथवे बनाया गया है, जिसकी गिट्टियां भी बाहर आने लगी हैं।

अफसरों पर एफआईआर ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट करें: हेमंत ओस्तवाल
पूर्व पार्षद हेमंत ओस्तवाल ने रानी सागर-बूढ़ा सागर के सौन्दर्यीकरण में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए दोषी अफसरों पर एफआईआर करने के साथ ही ठेकेदार को ब्लैक लिस्टेड करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि शासन के द्वारा स्वीकृत ड्राइंग डिजाईन, नक्शा, टेंडर आदि के माध्यम से जो स्वीकृति प्रदान की गई उसके नियम शर्तों आदि के विरूद्ध सौन्दर्यीकरण काम किया जा रहा। भ्रष्टाचार और गुणवत्ताहीन निर्माण और शासकीय कोष को आर्थिक वित्तीय हानि पहुंचाई गई है। निगम आयुक्त को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग रखी है।

जो भी दोषी पाया जाएगा सख्त कार्रवाई की जाएगी
शिकायत के आधार पर समिति गठित की जाएगी। इस विषय पर जांच बैठाई जाएगी। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
हेमा देशमुख, महापौर

टीम का गठन कर जांच प्रतिवेदन मंगाया जाएगा
इस मामले में फिलहाल टीम गठित की जाएगी। टीम के द्वारा जांच प्रतिवेदन मंगाया जाएगा। जिस भी तरह से गड़बड़ी सामने आएगी, उस हिसाब से कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी, निगम आयुक्त

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