Big Breaking : छत्तीसगढ़ में ढाई साल का फार्मूला होगा लागू , भूपेश बघेल का जाना तय जूलाई के प्रथम सप्ताह में लेंगे नया मुख्यमंत्री शपथ…?


छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार के 17 जून को ढाई साल पूरे हो जाएंगे। राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद चर्चा थी कि ढाई-ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री तय किया गया है। अब ढाई साल पूरे होने को है। भाजपा एक बार फिर मुख्यमंत्री के पद का मुद्दा उठा रही है, जिसका कांग्रेस आलाकमान ने साफ संकेत दे दिया है , साथ ही संगठन में भी बदलाव के स्पष्ट मिल रहे हैं, मुख्यमंत्री का बदलाव हो कर रहेगा जो जूलाई के प्रथम सप्ताह में किया जाएगा।
पंजाब की परिस्थिति के बाद जोखिम लेने को तैयार नहीं केंद्रीय संगठन , कांग्रेस हाईकमान ने दिया साफ संकेत , बदलाव हो कर रहेगा, कोई भी कमेंट और फार्मूला चयन के समय किया गया था उसे पूरी ईमानदारी से लागू किया जाएगा ।
विश्वस्त सूत्रों की मानें तो हाईकमान ने कांग्रेस विधायकों से नहीं लिया है कोई फीडबैक
कांग्रेस के उच्च विश्वस्त सूत्रों की मानें तो राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश पर पार्टी के विधायकों से सरकार के कामकाज को लेकर अभी तक ऐसा कोई भी फीडबैक नहीं लिया गया। बताया जा रहा है कि बस्तर और सरगुजा के करीब 17 विधायकों को छोड़कर अधिकांश विधायकों ने सरकार के ढाई साल के काम को बेहतर बताया है जो की गलत और मनगढ़ंत है ऐसा किसी भी प्रकार के फीडबैक और बात चीत कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी जी के द्वारा नहीं लिया गया है और ना ही किसी से उनकी मुलाकात और बात चीत हुई है।
यही नहीं रायपुर, बिलासपुर और अंबिकापुर संभाग के अधिकतर विधायकों ने भले ही सरकार के कामकाज को लेकर असंतुष्टि व्यक्त की, लेकिन केंद्रीय नेताओं ने उनकी समस्याओं को न सिर्फ सुना, बल्कि उसे दूर करने का आश्वासन भी दिया, जो कि साफ ग़लत और बे- बुनियाद है ऐसा कोई भी फीडबैक नहीं लिया गया है। आंतरिक स्तर पर किए सर्वे की रिपोर्ट सौंप दी गई है।

राजनीतिक हल्कों में यह भी हल्ला है कि इस रिपोर्ट के बाद ही कांग्रेस के छत्तीसगढ़ प्रभारी पीएल पुनिया ने कहा कि प्रदेश मे जूलाई के प्रथम सप्ताह में बदलाव होने जा रहा है। सरकार बनते समय ढाई-ढाई साल का फार्मूला राहुल गांधी जी के द्वारा लागू किया गया था।
छत्तीसगढ़ सरकार के प्रवक्ता रविंद्र चौबे ने कहा कि सरकार का कामकाज पूरी तरह बेहतर चल रहा है। जिन वादों के साथ सरकार बनी है, उसे पूरा किया जा रहा है। विपक्षी दलों की तरफ से भ्रम फैलाने के लिए ढाई-ढाई की बात कही जा रही है, जो पूरी तरह निराधार है



