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अंततः हुई कार्रवाई, महिला बाल विकास के दो पर्यवेक्षक हुए निलंबित लेकिन तबतक भाजपा ने ट्वीटर पर ट्रेंड करवा दिया …………. पढ़िये पूरी खबर

महासमुन्द 17 मई ।।महिला एवं बाल विकास अधिकारी सुधाकर बोदले के अनशन के बाद प्रदेश में हड़कंप मच गया। यहां तक कि सियासी गलियारों में भी इसकी धमक सुनाई देने लगी। मुद्दे की ताक में बैठी भाजपा ने इस मुद्दे को लपक लिया ट्वीटर पर भ्रष्ट कांग्रेस सरकार के hastag के साथ ट्रेंड करवाने लगी। इसके बाद सरकार तुरंत एक्शन में आई और महिला बाल विकास के 2 पर्यवेक्षक को तत्काल निलंबित किया गया वहीं एक महिला स्व सहायता समूह भंग भी कर दिया गया।

इससे बाद महिला बाल विकास अधिकारी बोदले ने संचालक महिला एवं बाल विकास दिव्या मिश्रा और कलेक्टर डोमन सिंह के समक्ष अनशन समाप्त किया। दिव्या मिश्रा ने कलेक्टर के कक्ष में उन्हें लस्सी पिलायी। और इस बात का भरोसा दिलाया कि जांच रिपोर्ट में दोषी पाए जाने वाले लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।भाजपा का ट्रेंड ट्वीट के कार्टून

महिला एवं बाल विकास अधिकारी बोदले बीते रविवार को अपने सरकारी आवास पर ही रेडी-टू-ईट वितरण योजना में अनियमितता एवं मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना वर्ष 2019-20 एवं 2020-21 में घपले और जांच रिपोर्ट के बाद भी कार्रवाई न होने के खिलाफ अनशन पर बैठे थे। इस मामले ने तूल पकड़ लिया ।आलोक सिंह द्वारा बनाया गया वायरल कार्टून

संचालक महिला एवं बाल विकास दिव्या मिश्रा ने बताया कि महिला एवं बाल विकास अधिकारी शिकायत बिन्दुओं की गठित जांच दल द्वारा सोमवार को महासमुन्द परियोजना ग्रामीण का जांच किया गया। प्रथम दृष्टया के रेडी-टू-ईट गुणवत्तापूर्ण नहीं पाए जाने पर प्रगति महिला स्व-सहायता समूह बरोण्डाबाजार एवं एकता महिला स्व-सहायता समूह लभराखुर्द को बर्खास्त किया गया तथा संबंधित सेक्टर के दो पर्यवेक्षक शशि जायसवाल बरोण्डाबाजार एवं दीपमाला तारक लभराखुर्द को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

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