कोविड अस्पताल के सामने नवयुवक ने तोड़ा दम, बौखलाया उसका भाई, कहा हिजड़े नेता और भ्रष्ट अधिकारी सुन ले। पढ़ें पूरी खबर।

कवर्धा,25 अप्रैल 2021/ वह घंटे डेढ़ घंटे से कार में बैठा हुआ बेहोश पड़ा था, परिजन डॉक्टरों को बार-बार आग्रह कर रहे थे कि उनके भाई को जरा बचा लीजिए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे देखा तक नहीं और ना छुआ तक नहीं, अंततः सुरेश दास मानिकपुरी की असमय निधन हो जाती है। कोविड चिकित्सालय के बाहर नव युवक की मौत जिला प्रशासन और व्यवस्था की पोल खोलता है। क्या डॉक्टरों का इतना कर्तव्य और फर्ज नहीं बनता कि पीड़ित को देखते, पीड़ित का इलाज करते, पीड़ित को एडमिट करते, अगर समय रहते यह सब कुछ हो जाता तो नव युवक की जान बच जाती।

अपने बड़े भाई की मौत को लेकर सदमे में छोटा भाई सेंडी मानिकपुरी ने सोशल मीडिया और फेसबुक पर अपने आक्रोश को शब्दों से उकेरा है, सैंडी मानिकपुरी ने साफ लफ्जो में चेतावनी देते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को आड़े हाथों लिया यहां तक उन्होंने जनप्रतिनिधियों को भी आड़े हाथों लेते हुए साफ-साफ कहा कि अगर दोबारा ऐसी हरकत होती है तो वह शांत नहीं बैठेंगे। सैंडी मानिकपुरी ने आक्रोश भरे शब्दों में कहा कि हिजड़े नेता और भ्रष्ट अधिकारी ध्यान रखें अगर वह अपने आपे पर आ जाएंगे तो उन्हें संभालना मुश्किल हो जाएगा। साथ ही जिले की जनता ऐसी घटना को संज्ञान में ले।
घंटे डेढ़ घंटे से बेहोश कार पर पड़ा नवयुवक सुरेंद्र दास मानिकपुरी को कोई नहीं देखा, किसी डॉक्टर ने छुआ तक नहीं अंततः युवक की मौत हो जाती है और मौत के बाद भी 4 घंटे तक लाश कार पर पड़ी रहती है लेकिन जिला प्रशासन की चरमराई और भ्रष्ट व्यवस्था ने उसके भाई को छुआ तक नहीं और ना ही किसी ने संवेदना व्यक्त की।
सफाचट बात करे तो कोविड अस्पताल के सामने किसी युवक की जान चली जाती है और उसे कोई डॉक्टर एक देखता तक नहीं और छूता तक नहीं ना ही परिजनों की बात सुनी जाती है इससे बड़ी शर्मनाक बात और कोई नहीं हो सकता। आजादी के 70 वर्ष पश्चात भी आज भी लोग गुलामी की जंजीरों में जकड़े हुए हैं अस्पताल प्रशासन और जिला प्रशासन के कृत्य को खूब लताड़ा, वहीं सैंडी ने कहा सरकार निकम्मी और नालायक की तरह बैठी हुई है जनता में त्राहि-त्राहि मची हुई है।



