औषधीय एवं सुगंध वाले पौधों की खेती के प्रति बढ़ती रुचि किसानों का

कवर्धा, बोड़ला के किसानों की औषधीय एवं सुगंध वाले पौधों की खेती के प्रति बढ़ती रुचि को ध्यान में रखते हुए औषधीय खेती शोध संस्थान नवागढ़ जिला बेमेतरा के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक किशोर राजपूत द्वारा एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
उन्होंने खेती को लाभकारी बनाने के लिए फसल विविधिकरण पर बल दिया तथा किसानों को औषधीय पौधों की खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि किसान अपने खेत में छोटे स्तर पर इनकी खेती करके स्वयं भी जड़ी-बूटी तैयार कर सकते हैं । उन्होंने किसानों को औषधीय फसलों से अधिक लाभ प्राप्त करने के सरल तरीके भी बताये। स्वदेशी भारत अभियान बोड़ला के द्वारा प्रायोजित इस प्रशिक्षण में बोड़ला नगर पंचायत के विभिन्न वार्डों से आए किसानों ने भाग लिया जिन्हें कई प्रकार के सुगंध एवं औषधीय पौधों की खेती के साथ-साथ प्रसंस्करण एवं विपणन सम्बन्धी समस्याएं एवं उनके निदान की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि किसान ग्वारपाठा, अशवगंधा, सतावर, सर्पगन्धा, पाषण भेद, रोसाग्रास, नीबूघास, तुलसी, गुलाब तथा खस आदि की खेती करके अधिक धन कमा सकते है किसानों को सरकारी स्कीमों के तहत अनुदान प्राप्त करने तथा इन फसलों की खेती करके अपनी जीवन शैली सुधारने के बारे में बताया। इस अवसर पर स्वदेशी भारत अभियान के अध्यक्ष ओम प्रकाश शर्मा,अर्जुन पटेल अशोक निर्मलकर गुरुदास, विकास गुप्ता,रामजी साहू,भारत साहू,राजेश गुप्ता,कन्ना निर्मालकर,मानक पटेल,शत्रुहन साहू,राजू पटेल,सुरेश, संतराम पटेल सहित अन्य किसान उपस्थित थे।



