धर्मबलौदाबाजार ज़िला

*किसान संघ ने छत्तीसगढ़ महतारी की पूजा-अर्चना कर किया धान खरीदी का शुभारंभ*

किसानों में रिकोकला का प्राथमिक कृषि शाख सहकारी समिति और धान उपार्जन केन्द्र बनाए जाने से अभूतपूर्ण उत्साह

बलौदाबाजार। 1 दिसम्बर 2020/ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मंशानुरूप राज्य शासन द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में पूरे प्रदेश भर में धान खरीदी कार्य का काम आज 1 दिसम्बर से विविध शुभारंभ हो गया है। बलौदाबाजार जिले के कसडोल विकासखण्ड के सूदूर व दुर्गम वनांचल क्षेत्र ग्राम रिकोकला में किसान संघ द्वारा छत्तीसगढ़ महतारी की पूजा-अर्चना कर धान खरीदी का विधिवत शुभांरभ किया गया। किसानां ने छत्तीसगढ महतारी की पूजा-अर्चना करते हुए छत्तीसगढ़ की राजकीय गीत अरपा पैरी के धार….महानदी हे आपार…. जय हो जय हो छत्तीसगढ़ मैया की स्तूति भी की गई। किसान संघ ने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के प्रति वंनाचल क्षेत्र रिकोकला को प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति बनाने और साथ में धान उपार्जन केन्द्र की सौगात देने पर बधाई और आभार व्यक्त किया है। इस नवीन प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति रिकोकला में तीन ग्राम पंचायत सहित पांच गांव शामिल है। इस समिति में पांच गांव रिकोकला, छतवन, रिकोखुर्द,रूनझुनी और डूमरपाली के 685 किसानों का पंजीयन किया गया है। विपणन वर्ष 2020-21 में इस समिति द्वारा 685 किसानों से 41 हजार 673 क्विटंल धान समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी की जाएगी। इस समिति में धान का कुल रकबा 1126.32 हैक्टेयर है। छत्तीसगढ़ महतारी की इस पूजा-अर्चना में क्षेत्र के किसान श्री खोलबाहरा ठाकुर जनपद सदस्य नैन सिंह नेता, सरपंच दुर्गा प्रसाद नायक, रतन सिंह डड़सेना, वासुदेव अवस्थी, सतोष दीवान, राजीव अवस्थी, सुरश, चमरू निषाद, राम साहू, माखन डड़सेना, खगेश्वर ठाकुर, राम चरण डड़सेना सुरीत राम साहू सहित सौकड़ों पंजीकृत किसान शामिल हुए और एक दूसरे को बधाई दिए।
’रिकोकला में 685 पंजीकृत किसानों से 41 हजार 673 क्विंटल की होगी धान की खरीदी’
छत्तीसगढ़ के किसान पुत्र मुख्यमंत्री भूपेश ने बलौदाबजार जिले के कसडोल विकासखण्ड के बड़े वनांचल ग्राम रिकोकला को पृथक नवीन प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति का दर्जा देकर किसानों के संघर्षों को सम्मान दिया है। बया प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति के पांच गांव रिकोकला, छतवन, रिकोखुर्द,रूनझुनी और डूमरपाली के किसानों द्वारा ग्राम रिकोकला को नवीन धान उपार्जन केन्द्र खोलने की मांग काफी लम्बे अरसे की जा रही थी। किसानों ने पिछले वर्ष इस मांग को लेकर छत्तीसगढ़ महतारी की तस्वीर के साथ सड़़क की लड़ाई भी लड़ी थी। उग्र प्रदर्शन कर अपनी मांग को बुलंद किया था। किसानों के उग्र आंदोलन को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा नवीन प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति अथवा धान उपार्जन केन्द्र गठित करने के लिए अग्रिम कार्यवाही की गई जिनका प्रतिफल आज किसानों को मिला है।

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