कवर्धा : हत्या जैसे गंभीर अपराध के अपराधी पकड़ने में फिसड्डी साबित हो रही है कबीरधाम पुलिस

कवर्धा | जिला शांति प्रिय जिला माना जाता रहा है यह जिला कृषि प्रधान जिला है ! पर जीतनी तेजी से कबीरधाम जिला की जनसंख्या में वृद्धि आई और जिला से बाहर राज्य से बाहर के लोग तेजी के साथ कबीरधाम में बसने लगे हैं !
उतना ही तेजी के साथ कबीरधाम जिला में अपराध की संख्या में भी वृद्धि हुई है ! जबकी अपराध को नियंत्रित करने जिला में थाना चौकी बल का संख्या भी बढाई गई है!पर भी जिला में बडी बडी वारदात हो जाती है?और अपराधी बच निकलता है! पुलिस के रिकार्ड में मात्र मामला होता है जनमानस के नजर में घटना होता है ! राजनीति के लिए अपराध होता है पर परिवार के लिए सब कुछ समाप्त हो जाता है
जीसका भरपाई अपराधी को सजा दिला कर भी भरपाई नहीं होता है!पर भी अपराधी को सजा मिली तो मृतात्माओं को शांति तो कम से कम हो जाते !पर ओ भी नसीब नहीं हो रहा है! सरकार चाहती है कोई भी अपराध नहीं हो पर हो रहा है सरकार अपराध पर नियंत्रण भी चाहती है सरकार के मंशा में कही कोई खोट नहीं है!पर भी कबीरधाम जिला में दर्जनों हत्या के हत्यारे पर पुलिस की लंबी लंबी हाथ बौने साबित हो गई है|
लगातार अनेकों जघन्य हत्या के हत्यारा पर महिनो साल गुजर जाने पर भी पकड नहीं पाई है ? कबीरधाम जिला के अनेक घटना जिसमें जिला मुख्यालय के डां.सुर्यवंशी दम्पती बंजारे शिक्षक घटना से लेकर हाल ही के मडमडा छन्नू हत्या कांठ जैसे दर्जनों हत्या कबीरधाम जिला के विभिन्न क्षेत्रों में घटी है पर हत्यारा का पता लगाने में कबीरधाम पुलिस विफल रहीं हैं|
पुलिस महकमे में अभी बडी सर्जरी की गई है आधा दर्जन बदलें गये है दोबारा पदस्थ पुलिस के मुखिया कबीरधाम में पदस्थ हुए हैं जिससे जिला वासियों को उम्मीद जगी है पुलिस मुखिया के कुशल नेतृत्व में अपराधी तक पुलिस की लंबी हाथ अवश्य जायेगी ! और कबीरधाम पुलिस फिसड्डी साबित होने से बचेंगी !



