ट्रंप की ईरान को नई धमकी; बोले- अगर सीजफायर डील टूटी तो तेहरान पर घातक हमले होंगे, होर्मुज के आसपास ही रहेंगे अमेरिकी जहाज

Donald Trump Threatened Iran: अमेरिका-ईरान सीजफायर (US-Iran ceasefire) होने के बावजूद भी इजराइल का लेबनान का घातक अटैक जारी है। बुधवार रात इजराइल ने पूरे लेबनान में मिसाइल की बौछार कर दी। इस हमले में 254 लोगों की मौत हो गई है। इसपर ईरान ने अमेरिका को युद्ध या सीजफायर में से कोई एक चुनने की नसीहत दी। ईरान की इस नसीहत पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। ट्रंप ने ईरान को नई धमकी देते हुए कहा कि अगर ईरान ने वादा तोड़ा, तो अंजाम बहुत बुरा होगा। चेतावनी देते हुए कहा कि अगर डील टूटी तो उसके खिलाफ पहले कई ज्यादा घातक कार्रवाई की जाएगी।
अमेरिकी राष्ट्रपतिने ईरान को बेहद सख्त लहजे में संदेश दिया कि जब तक ‘असली समझौता’ पूरी तरह जमीन पर नहीं उतरता, अमेरिकी सेना और घातक हथियार ईरान को घेरे रहेंगे। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास ही अमेरिकी जहाज मौजूद रहेंगे।
डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस से ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर समझौता टूटा तो ईरान पर पहले से भी ज्यादा बड़ी और ताकतवर कार्रवाई होगी। ट्रंप ने अपने संबोधन में दोहराया कि वह ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु बम नहीं बनाने देंगे। उन्होंने कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर पूरी तरह लगाम लगाना उनकी प्राथमिकता है।
ट्रंप का ये बयान ऐसे वक्त में सामने आया है, जब ईरान और अमेरिका के बीच हाल ही में दो हफ्ते का सीजफायर घोषित किया गया था। हालांकि, सीजफायर की शर्तों को लेकर दोनों पक्षों में काफी मतभेद भी नजर आ रहे हैं। ट्रंप ने पहले भी ईरान को चेतावनी दी थी कि अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज नहीं खोला गया तो बड़े पैमाने पर हमले किए जाएंगे। वहीं, ट्रंप का ये बयान ईरान पर दबाव बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
‘होर्मुज पर ईरान का कंट्रोल बर्दाश्त नहीं’
अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अपनी रणनीति भी साफ कर दी है। उन्होंने कहा कि ये महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग हर हाल में खुला और सुरक्षित रहना चाहिए। अमेरिकी नौसेना के जहाज वहां मौजूद रहेंगे, ताकि तेल की आपूर्ति में कोई बाधा न आए। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि वैश्विक अर्थव्यवस्था की सुरक्षा के लिए इस रास्ते पर किसी भी तरह का ईरानी नियंत्रण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अंत में दावा किया कि अमेरिकी सेना पूरी तरह तैयार है और आगे की कार्रवाई के लिए तैयार बैठी है। उन्हें बस आगे बढ़ने के आदेश का इंतजार है। ट्रंप ने ईरान को सलाह दी कि वह इस कूटनीतिक मौके का फायदा उठाए, क्योंकि अमेरिका की सहनशक्ति अब खत्म हो चुकी है। ये संदेश ईरान के लिए अंतिम चेतावनी की तरह देखा जा रहा है।



