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रायपुर में हिस्ट्रीशीटर रोहित तोमर के खिलाफ एक और एफआईआर दर्ज, 1.16 करोड़ रुपये की जबरन वसूली का आरोप

हिस्ट्रीशीटर रोहित तोमर और उसके भाई वीरेंद्र तोमर की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। पुरानी बस्ती थाने में रोहित तोमर के खिलाफ एक और एफआईआर दर्ज की गई है। व्यापारी करण सोनी ने शिकायत में बताया कि उसने रोहित से 10 लाख रुपये उधार लिए थे, जिन्हें उसने वापस भी कर दिया था। इसके बावजूद, रोहित ने उसे धमकाकर और दबाव डालकर 1 करोड़ 16 लाख रुपये वसूल लिए। पीड़ित ने पहले डर के कारण शिकायत नहीं की थी, लेकिन अब उसने पुलिस में मामला दर्ज कराया है।

इससे पहले, पुलिस ने भाठागांव स्थित साई विला में करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र तोमर और रोहित तोमर के मकान पर छापा मारा था। इस छापेमारी में लाखों रुपये की नकदी, सोने-चांदी के आभूषण, लक्जरी गाड़ियां, अवैध हथियार, जमीनों के दस्तावेज, नोट गिनने की मशीन आदि जब्त की गई थीं। पुलिस के मुताबिक, तोमर बंधुओं के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास सहित 20 अपराध दर्ज हैं।

पुलिस ने बताया कि तोमर बंधुओं के घर से 30 ब्लैंक चेक मिले हैं, जो अलग-अलग लोगों के थे। आरोपित ब्याज में पैसे देने वाले लोगों से साइन करवा कर ये चेक रखते थे। कुछ लोगों ने थाने में जाकर जबरन चेक रखवाने की शिकायत दर्ज करवाई है।

वीरेंद्र तोमर, जो 2008 में समता कालोनी में अंडे का ठेला लगाता था, ने धीरे-धीरे सूदखोरी का धंधा शुरू किया। अब वह भाठागांव में करोड़ों की हवेली में रहता है और उसके पास बीएमडब्ल्यू जैसी लग्जरी गाड़ियां, 5,000 वर्गफीट की आलीशान कोठी, लाखों की नकदी, सोना, और अवैध हथियार हैं। यह संपत्ति उसकी आपराधिक गतिविधियों और प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम है।

रोहित और वीरेंद्र तोमर के खिलाफ रायपुर के विभिन्न थानों में कई मामले दर्ज हैं, जिनमें मारपीट, ब्लैकमेलिंग, रंगदारी, और अवैध कब्जे जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। उनकी शुरुआत रेलवे स्टेशन पर पॉकेटमारी जैसे छोटे अपराधों से हुई थी, लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने सूदखोरी, रंगदारी, और अवैध हथियारों के कारोबार में अपनी पकड़ मजबूत की।

पुलिस प्रशासन को इस पर सख्त कार्रवाई करने की आवश्यकता है ताकि अपराधियों के मनोबल को तोड़ा जा सके और पीड़ितों को न्याय मिल सके

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