कवर्धा पुलिस ने पकड़ा अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह, सरपंच के पास पाकिस्तान वीजा
हाइवा चोरी केस में कवर्धा पुलिस की बड़ी सफलता, सरपंच और गिरोह के चार सदस्य गिरफ्तार

कवर्धा में हाइवा चोरी के मामले में बड़ा खुलासा, पुलिस ने अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया!
कवर्धा, छत्तीसगढ़: हाइवा चोरी की एक बड़ी घटना के बाद, कवर्धा पुलिस ने जांच के दौरान एक अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से गिरोह का मास्टरमाइंड हरियाणा के नूह जिले के ग्राम राजाका का सरपंच 58 वर्षीय जमील खान है।
26 फरवरी 2025 को ग्राम रेहुंटा के पास एक हाइवा चोरी हो गया था। पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विस्तृत जांच की, और सीसीटीवी फुटेज और साइबर साक्ष्यों की मदद से गिरोह तक पहुंचने में सफलता हासिल की। चोरी किए गए हाइवा को आरोपियों ने स्कार्पियो में लादकर गुजरात तक भेजा था, जहाँ नंबर प्लेट बदलने की योजना थी।
सरपंच का नाम सामने आया: पुलिस ने गिरोह के सरगना के रूप में जमील खान का नाम सामने लाया है, जो हरियाणा के नूह जिले के ग्राम राजाका का सरपंच है। यह भी सामने आया है कि जमील खान के पास पाकिस्तान का वीजा पाया गया है, जो इस मामले को और भी संदेहास्पद बनाता है। पुलिस ने इस वीजा के बारे में जांच शुरू कर दी है, और यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या इस गिरोह के तार पाकिस्तान से जुड़ सकते हैं।
गिरफ्तार आरोपी और गिरोह का नेटवर्क: पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से दो आरोपी अकरम खान और आजाद मिया हैं, जबकि तीन अन्य फरार हैं। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है, और पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों को पकड़ने के लिए अभियान चला रही है। इस गिरोह का नेटवर्क अंतरराज्यीय स्तर पर फैला हुआ था, और पुलिस को संदेह है कि यह गिरोह कई राज्यों में सक्रिय था।
कवर्धा पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कई जगहों पर छापेमारी की है और अन्य राज्यों में भी इन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद, इस मामले से जुड़े अन्य अहम पहलुओं का भी खुलासा होगा।
पाकिस्तान वीजा की जांच: गिरफ्तार किए गए सरपंच जमील खान के पास पाकिस्तान का वीजा पाया गया, जिससे यह संभावना जताई जा रही है कि यह गिरोह केवल वाहन चोरी तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लिंक भी हो सकता है। पुलिस की उच्चस्तरीय टीम इस वीजा की जांच कर रही है और यह देख रही है कि कहीं इस गिरोह का संबंध पाकिस्तान के किसी संगठन से तो नहीं है।
यह मामला सिर्फ वाहन चोरी का नहीं, बल्कि देश सुरक्षा और कानून व्यवस्था से जुड़ा भी है, जिसे अब खुफिया एजेंसियां भी अपनी निगरानी में रख रही हैं।



