बॉर्बी डॉल कैसे बनी और इतना पापुलर कैसे हो गया, इतनी चर्चा में क्या है?

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बार्बी गुड़िया: बार्बी गर्ल हाल ही में एक हॉलीवुड मूवी आई है, जो पूरी दुनिया में रिकॉर्ड तोड़ रही है। डायर अचीवर ग्रेटा गेरविग की अनमोल ‘बार्बी’ की तलाश जारी है। ‘बार्बी’ के पहले टाइगर में 1968 में आई डायरेक्टर डॉर्कटेनली कुब्रिक की ज़ीनेलियन ‘2001: ए लॉजिस्टिक्स ओडिसी’ के ‘डॉन ऑफ मैन’ के शुरुआती सी फ़्रैंकवेंस की नकल की गई है। इस अनमोल में मार्गोट रॉबी बार्बी और रयान गोसलिंग केन की भूमिका है। ये क्रिस्टोफर नोलन की फिल्म ओपेनहाइमर को डायरेक्ट ट्रैकर दे रही है।
बार्बी की टीम ने यह सुनिश्चित करने की पूरी कोशिश की है कि ये नज़ारा हर जगह दिखाई दे। इसी कोशिश के तहत ग्रेटा गेरविग और उनकी टीम ने एक बड़ा कदम उठाते हुए गूगल को गुलाबी रंग में रंग दिया। इस फिल्म में दिख रहा है कि बार्बी डॉल रेगिस्तानी इलाके में बड़े पत्थरों के सामने ऐसी खड़ी है, जैसे वह कोई मूर्ति, देवी या सुपरवूमन है। इस मॉडल में गर्ल्स को ओल्ड लेडीज़ की बेबी डॉल डॉल का नमूना दिखाया गया है। लेकिन जब वे एक लंबे, आकर्षक बार्बी को हाई हिल डॉल सैंडल और कैंपाइपैड स्विम सूट में तैयार करते हैं तो आपकी बेबी डॉल डॉल नट को फेंक दिया जाता है। फिर बार्बी अपने पैसलों को लिटिल सैटलाइट दर्शकों की तरफ आंख मारती हैं।
कैसे बनी बार्बी डॉल
ये जंगल बार्बी डॉल के टुकड़े के बनने और सफलता की कहानी बयां करती है। रूथ हैंडलर को ‘मदर ऑफ बार्बी’ के नाम से जाना जाता है। अमेरिका में 1916 में जनमाँही हैंडलर 2002 तक जीवित रहे। रूथ हैंडलर ने अपनी बेटी बारबरा का नाम बार्बी डॉल पर बनवाया था। शक बार्बी डॉल में आर्थिक रूप से स्वतंत्र और कार्यशील महिला दिखाई देती है। यह 1950 और 1960 के दशक की शुरुआत में रूढ़िवादी समाज में महिलाओं को प्रेरित करने वाली गुड़िया बन गई थी। रूथ की बार्बी डॉल दुनिया में सबसे ज्यादा बिकने वाला घोटाला एक बन गया। इस गुड़िया में एक युवा महिला को दर्शाया गया था, जो आकर्षक और कार्यकारी महिला को चित्रित करती थी।
बार्बी गर्ल हाल ही में एक हॉलीवुड मूवी आई है, जो पूरी दुनिया में रिकॉर्ड तोड़ रही है।
कब शुरू हुई मैटल
अमेरिका में रहने वाली हैंडलर एक पोलिश-यहूदी प्रवासी परिवार से थी। इस परिवार में हर महिला और पुरुष को कमाना था। रूथ ने 1945 में पैट इलियट और हेरोल्ड मैटसन के साथ मिलकर गैर एजेज में एक कंपनी मैटल की शुरुआत की थी। कंपनी में पिक्चर फ्रेम और डॉल हाउस फर्नीचर बनाया गया। डॉल हाउस फर्नीचर की बिक्री के मामले में बड़ी सफलता मिली। इसके बाद उन्होंने कई तरह के खिलौने बनाकर विशेषज्ञता हासिल कर ली। अवलोकन मैटल दुनिया की सबसे बड़ी टॉय कंपनी में से एक है। बार्बी डॉल को कार्यकुशल महिला के तौर पर डिजाइन किया गया था।
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हर महिला की प्रेरणा
बार्बी डॉल को डॉक्टर, सचिव, पायलट और अंतरिक्ष यात्री के रूप में डिजाइन किया गया था। फिर बार्बी को अमेरिका की महिला राष्ट्रपति के तौर पर भी पेश किया गया। हालाँकि, ये वास्टविक दुनिया में अब तक नहीं मिला है। मैटल का कहना है कि बार्बी हर लड़की और महिला को प्रेरित करती है कि उनमें असीमित क्षमता है। डीडी स्कूटरल्यू की रिपोर्ट के मुताबिक, बार्बी की फैन सुजैन शापिरो बार्बी डॉल के पीछे के मैसेज को लेकर कहा गया है कि आपको छोटे बच्चों की देखभाल करने वाली मां बनने की जरूरत नहीं है। आपको शादी करने की जरूरत नहीं है. आपके पिता या पति को हमेशा आपकी सहायता की आवश्यकता नहीं है। आप अपनी मदद खुद कर सकते हैं। आप जो डिग्री बन सकते हैं.
केन हमेशा नंबर दो पर
बार्बी के पास अपना घर और कार है। इसमें उनके दोस्त केन को 1961 से को-पैसेंजर सीट पर बैठने की जगह दी गई है। बार्बी के बिज़नेस के सामने वह कभी टिक नहीं सका। बार्बी फिल्म में केन का किरदार निभा रहे रयान गोसलिंग इस बात से दुखी हैं। केन का कहना है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि मैं क्या करता हूं। मैं हमेशा दूसरे नंबर पर हूं. मैं सिर्फ केन हूं. बार्बी में छह दशक के दौरान काफी बदलाव आये। उनके रंग और मॉडल में भी कई तरह के बदलाव किए गए। लेकिन, उसकी एक चीज को कभी भी बदला नहीं गया कि वह हमेशा से जवान है। मैटल ने अपनी उम्र में कभी कोई बदलाव नहीं किया। मैटल ने अपनी मार्केटिंग रणनीति में कई बार बदलाव किये हैं।
ऐसा माना जाता है कि बार्बी सामाजिक अन्याय और भेदभाव के प्रति सुझाव देने वाली डॉल है।
बसंती में भी रही बार्बी
मैटल ने अब फिर से इस्तेमाल किया जा सकने वाली प्लास्टिक से बनी बार्बी लॉन्च की है। ऐसा माना जाता है कि बार्बी सामाजिक अन्याय और भेदभाव के प्रति सुझाव देने वाली डॉल है। इस साक्षात्कार के बाद भी बार्बी को नारीवादियों के बीच काफी बदनामी मिली है। अमेरिकी लेखिका और नारीवादी जिलिपोविक का कहना है कि बार्बी नारीत्व की गलत छवि पेश की जाती है। उसने पूछा कि क्या आकर्षक होने का मतलब अच्छी और काबिल महिला होना है? कलाचरल सैंटी एलिजाबेथ लेचनर ने डीडब्ल्यू से कहा कि यह पूरी तरह से युवा, गोरी, बिना किसी शारीरिक कमी वाली गुड़िया थी। यह डॉक्यूमेंट्री दुनिया में प्रदर्शन के लिए तैयार थी।
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ऐसे बने कई डिज़ाइन
कई डॉक्युमेंट्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि वैल्युएबल पमाना गर्ल्स में वैल्युएबल फिजिकल इमेज को जन्म दिया जा सकता है। मैटल ने इस पर अपने प्रॉडक्ट की रेंज का विस्तार किया। साथ ही इसे अलग-अलग इनवेस्टमेंट से डिजाइन किया गया है। अब बाजार में अलग-अलग डिजाइन वाली बार्बी डॉल स्टॉक हैं। उनके शरीर का ढांचा अलग है। किसी के कृत्रिम पैर हैं, तो कोई व्हील चेयर पर है. अब कीमोथेरेपी और डाउनलोड सिंड्रोम वाली बार्बी डॉल भी बाजार में उपलब्ध हैं। एलिजाबेथ लेचनर का कहना है कि अलग-अलग तरह की डॉल ड्राइंग बनाने से मूल समस्या कमजोर नहीं होती है। उनका कहना है, बॉडी फिजिकलिटी एक अवधारणा है। इसके तहत सभी तरह के शरीरों के वर्जन को बढ़ावा दिया जाता है।
कब आई गेमलाक बार्बी
लेचनर के अनुसार, कई शोधकर्ताओं ने साबित किया है कि यदि किसी वस्तु को भी सकारात्मक दृष्टि से डिजाइन किया जाता है, तो इन महिलाओं को याद दिलाया जाता है कि उनकी शारीरिक संरचना और रंग-रूप का आधार कैसा है। बार्बी डॉल को अलग-अलग तरह से डिजाइन करने का पहला कदम 1960 के दशक में उठाया गया था। तब नस्लीय संघर्षों ने संयुक्त राज्य अमेरिका को हिला दिया था। मार्टिन लूथर किंग की हत्या वाले साल ही बार्बी की पहली ब्लैक डॉल नज़र आई थी। उनका नाम क्रिस्टी रखा गया था. निर्देशित लागुएरिया डेविस ने डॉक्यूमेंट्री ‘ब्लैक बार्बी’ में इसके पीछे की कहानी बयां की है।
मैटल ने बार्बी डॉल को हिलाकर रख दिया, समय और मांग के अनुसार कई बार बदलाव हुए।
कैसे बनी बोटालैक बार्बी
रूथ हैंडलर को शैलेक बार्बी के लिए लैगुएरिया डेविस की टी ब्यूला मेई मिशेल और दूसरी नौकरी के लिए अवालेट महिलाओं ने ही सहमति दी थी। डेविस के अनुसार, हमारे पास एक काला खिलौना होना चाहिए। अफ्रीकी लड़कियों की पहचान के लिए हमें एक काली गुड़िया चाहिए थी। वर्ष 1980 तक ब्लैक डॉल का बार्बी चित्रण नहीं किया गया था। डेविस के अनुसार, मैटल की कहानी से ऐसा लगता है कि वे ब्रॉयलैक बार्बी पेश करने में काफी प्रगतिशील हैं। हालांकि, हमारी नजरों से ऐसा नहीं है, क्योंकि 21 साल तक बार्बी ब्रांड के पास कोई ब्लैक फैशन डॉल नहीं थी। फिर भी ब्यूला मेई मिशेल के लिए यह बड़ी जीत थी। ब्लैक बार्बी इस बात का प्रमाण है कि अफ्रीकी मूल की महिलाएं खूबसूरत होती हैं। वे प्लसस और सफल दोनों हो सकते थे।
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पहले प्रकाशित : 24 जुलाई, 2023, 18:57 IST
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