छत्तीसगढ़ विशेषरायपुर जिला

4 करोड़ 11 लाख के हॉस्टल मरम्मत का मामला, 46 काम 42 ग्रुपों में बांटे, ताकि ऑनलाइन टेंडर नहीं करना पड़े

जिले के छात्रावासों की मरम्मत का काम अपने लोगों को मिल सके इसके लिए सहायक आयुक्त के अधिकारी व कर्मचारियों ने सुनियोजित ढंग से काम को बांट दिया। 46 काम जिले के हॉस्टल्स में कराए जाने हैं, इन कार्यों को 42 ग्रुपों में बांट दिया, इससे एक- एक काम की राशि 20-20 लाख रुपए से कम हो गई। इसका कारण यह बताया जा रहा है कि 20 लाख रुपए का काम होने पर कार्यों को ऑनलाइन करना पड़ता और बाहर के ठेकेदार भी इसमें शामिल हो सकते थे, ऐसा न हो इसलिए कार्यों को छोटा कर दिया गया।

जिले के पामगढ़, नवागढ़, बलौदा, अकलतरा और बम्हनीडीह विकास खंडों में संचालित गर्ल्स व ब्वॉयज हॉस्टल की मरम्मत के नाम पर 4 करोड़ 11 लाख 70 हजार रुपए खर्च किए जाएंगे। इतनी बड़ी राशि को खर्च करने का तरीका भी एसी ट्राइबल के अधिकारी व बाबुओं ने सुनियोजित प्लान किया ताकि उनके लोगाें को यह काम मिल सके। इसके लिए उन्होंने कार्यों को टुकड़ों में बांट दिया, जिससे बड़े कार्य भी 20 लाख से नीचे आ सके। ऐसा इसलिए किया गया कि 20 लाख या उससे अधिक होने पर टेंडर ऑनलाइन करना पड़ता वे कामयाब भी हो गए हैं।

ठेकेदारों ने लगाया आरोप, भाजयुमो ने कलेक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन
सहायक आयुक्त कार्यालय से जारी मरम्मत के कार्यों की प्रक्रिया में त्रुटि बताते हुए हुए ठेकेदारों ने इसका विरोध करते हुए अपने लोगों को उपकृत करने का आरोप भी लगाया है, वहीं भारतीय जनता युवा मोर्चा के पदाधिकारियों ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन देकर प्रक्रिया काे रद्द करने की मांग की है।

आरईएस या पीडब्ल्यूडी को देकर करा सकते थे काम
जिन कार्यों को टुकड़ों में बांटा है, उसे आरईएस या पी डब्ल्यूडी से भी कराया जा सकता था, बड़े टेंडर में बड़े ठेकेदार शामिल होते तो क्वालिटी भी बेहतर होती और शासकीय विभाग का नियंत्रण भी रहता।

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