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नाइजीरियापेडिक्स डॉ. विनीत विवेक और डॉ राजा अनुराग ने किया उपचार
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स्कोरोस्कोपिक एसीएल पुनर्निर्माण से ठीक हुआ रोगी का घुटना
फोर्ड हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, पटना में आयुष्मान भारत योजना से संबंधित एक ऐसे मरीज का जटिल ऑपरेशन (ऑर्थोस्कोपिक एसीएल रिकंस्ट्रक्शन) किया गया, जो करीब दो साल से घुटने के दर्द से परेशान था। इस महिला की उम्र 45 साल से ज्यादा थी। उन्हें घुटने में हमेशा दर्द रहता था। यही नहीं, घुटने से पिच भी बहता रहता था। इस समस्या को लेकर वह एफएम हॉस्पिटल पहुंचता है।
अजनबीपेडिक्स सर्जन डॉ. विनीत विवेक और डॉ राजा अनुराग ने अपना उपचार किया। दोनों चिकित्सकों ने जांच में पाया कि रोगी का घुटना खराब हो सकता है। ऐसे में उन्होंने क्लाइंट का आरएनएस्कोपिक एसीएल रिकंस्ट्रक्शन करने का फैसला किया। एसीएल में इनर क्रिएट लिगामेंट ठीक किया जाता है। घुटने की इस सर्जरी में फटे हुए लिगामेंट को ठीक किए गए लिगामेंट से बदल दिया गया।
यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें कम समय लगता है और रोगी बहुत तेजी से रिकवर करता है। इस रोगी के साथ भी यही हुआ। रोगी बहुत जल्दी ठीक हो गया और वापस अपने घर चला गया। इलाज के बाद मरीज ने डॉक्टरों को तहे दिल से धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि वह बहुत राहत और खुशी महसूस कर रहे हैं। फोर्ड हॉस्पिटल में आयुष्मान कार्ड के तहत इतनी सुविधा मिलने की उम्मीद नहीं थी।
डॉ. विनीत विवेक ने उन्हें घर पर नियमित रूप से फिजियोथेरेपी एक्सरसाइज करने और घुटनों में किसी तरह की परेशानी महसूस होने पर डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी है।
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