असदुद्दीन ओवैसी | नीतीश कुमार पर भड़के ओवैसी ने कहा- बने रहें पीएम कैंडिडेट और हत्या के मामले में आनंद मोहन को छोड़ दिया

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नई दिल्ली: बिहार सरकार के पूर्व सांसद आनंद मोहन (आनंद मोहन) की रिलीज पर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (असदुद्दीन ओवैसी) भड़के हैं। उन्होंने विपक्षी एकता पर निकु कुमार (नीतीश कुमार) पर जोरदार हमला बोला। असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि निकु कुमार पूरे देश में विपक्षी एकता के नाम पर घूम रहे हैं और खुद को प्रधान मंत्री बता रहे हैं। आप 2024 में जाली समुदाय को बोलेंगे कि आपने एक विवरण की मृत्यु करने वाले व्यक्ति को छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि ये दूसरी बार कृष्णैया की हत्या है।
आनंद मोहन की रिलीज के बाद एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि आईएएस जी कृष्णैया की मॉब द्वारा हत्या कर दी गई थी और आज बिहार सरकार ने जो फैसला लिया है उससे उसकी फिर से हत्या की जा रही है। सीएम लगातार कुमार और राजद नेता तेजस्वी यादव भूल रहे हैं कि उस समय किसकी सरकार थी। क्या लाल यादव उस समय जी कृष्णैया की पत्नी से मिले थे? आख़िर क्या वजह है कि एक आदमी वापस लौटने के लिए आप कानून में संशोधन कर रहे हैं?
#घड़ी पूरे देश में विपक्षी कुमार एकता के नाम पर घूम रहे हैं और खुद को प्रधानमंत्री उम्मीदवार बता रहे हैं। आप 2024 में जाली समुदाय को बोलेंगे कि आपने एक दस्तावेज की हत्या करने वाले व्यक्ति को छोड़ दिया: आनंद मोहन की रिलीज पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी, सिकंदराबाद pic.twitter.com/1VEkStHHbd
— ANI_HindiNews (@AHindinews) अप्रैल 27, 2023
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि 5 दिसंबर 1994 को एक पर्टल आईएएस की हत्या हुई, जब वह 37 साल का था। फिक्स अब कौन सा आईएएस अधिकारी बिहार में जान जोखिम में डालेगा। कृष्णैया ने पढ़ाई करने की थी। उन्होंने कहा कि वह कृष्णैया के परिवार के साथ हैं और ये भी उम्मीद करते हैं कि एक बार फिर इस मामले को लेकर विचार किया जाएगा।
यह क्या है? ऐसा कोई भी संशोधन जनहित में होना चाहिए, ये जनहित में नहीं है। यह मनमाना कार्य है। यह संशोधन मनमाना है और यह अनावश्यक है: बिहार सरकार के पूर्व सांसद आनंद मोहन से संबंधित संशोधन के खिलाफ जनहित याचिका पर एडवोकेट और जनहित याचिकाकर्ता अलका वर्मा, पूत pic.twitter.com/wUBJmL1noX
— ANI_HindiNews (@AHindinews) अप्रैल 27, 2023
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वहीं दूसरी ओर बिहार सरकार के पूर्व सांसद आनंद मोहन से संबंधित जनहित याचिका पर एडवोकेट और जनहित याचिकाकर्ता अल्का वर्मा ने कहा कि इसका विरोध क्या है? ऐसा कोई भी संशोधन जनहित में होना चाहिए, ये जनहित में नहीं है। यह मनमाना कार्य है। यह संशोधन मनमाना है और अनावश्यक है।
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