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पूना : आप अगर हड्डी, जोड़, गठिया या नस के रोग से पीड़ित हैं, तो आपके लिए यह अच्छा मौका है। बिहार की राजधानी पूर्वांचल के हनुमान नगर स्थित गोविंद आर्थोकेयर में 1 अप्रैल को शाम 3 बजे से रात 8 बजे तक नि:मुक्त बीएमडी और विटामिन-डी जांच शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इसमें राजधानी के प्रसिद्ध एवं बुजुर्ग व्यक्ति, जोड़, गठिया और स्पोर्ट्स इंजरी डॉ अश्विनी कुमार पंकज यात्रियों को नि:बंधित परामर्श भी देंगे।
बता दें कि हड्डियों की सघनता (बीएमडी) टेस्ट हड्डियों की जांच की जांच के लिए दस्तावेज बनाता है। इस परीक्षण के माध्यम से ड्यूएल एनर्जी एक्स-रे एब्जॉर्पटियोमेट्री (डेक्सा) मशीन की मदद से हड्डियों के घनत्व घनत्व घनत्व को परखा जाता है। साथ ही हड्डियों की कमजोरी का पता चला है। इस टेस्ट के जरिए हड्डियों में मौजूद कैल्शियम और अन्य झलकियों की जानकारी मिलती है। इस परीक्षण के माध्यम से ऑस्टियोपीनिया व झटके जैसी हड्डियों को कमजोर करने वाली बीमारी का पता भी लगाया जा सकता है।
डॉ अश्विनी कुमार पंकज ने बताया कि बोन स्किंसिटी डेंसिटी टेस्ट (बीएमडी) हड्डियों की दरारों को जानने के लिए तस्वीरें लेता है। ये जांच 35 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के लिए जरूरी है। कमर दर्द, गर्दन में दर्द या जोड़ों में दर्द रहने पर ये जांच निश्चित रूप से की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सिगरेट और शराब का सेवन करने वालों को भी ये जांच करवानी पड़ती है। इसके साथ ही, उन लोगों को भी ये जांच करवानी होती है, तथ्य तथ्य आसानी से हो जाता है।
उन्होंने कहा कि यह जांच उनके लिए भी जरूरी है, रविवार माहवारी समय से पहले ही बंद हो गया है या किसके बच्चेदानी का ऑपरेशन हुआ है। भारत में 61 मिलियन लोग चमकते हैं और इनमें से 80 प्रतिशत महिलाएं हैं। वहीं, भारत में लगभग 490 मिलियन लोगों में विटामिन-डी की कमी है, जिनमें से 31 वर्ष के बच्चे और किशोर हैं।
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