असमंजस में मूर्तिकार:कोई गाइडलाइन नहीं आई फिर भी छोटी प्रतिमाएं ही बना रहे मूर्तिकार

- 10 सितंबर से प्रारंभ होगा गणेशोत्सव, 20 को समापन
परंपरागत पर्व गणेश उत्सव प्रारंभ होने में 1 महीना बाकी है, आगामी 10 सितंबर से गणेशोत्सव शुरू होगा तथा 20 सितंबर तक चलेगा। इस वर्ष गणेश की प्रतिमाएं कितने फीट की रहेगी। इस संबंध में अभी स्पष्ट गाइड लाइन नहीं आई है, लेकिन कोरोना को देखते हुए मूर्तिकार छोटी प्रतिमाएं ही बना रहे हैं।
नगर में गणेशोत्सव की धूम रहने की उम्मीद है, जिसके लिए नगर के गणपति बाबा के भक्त तैयारियों में जुट गए हैं एवं बंगाल से आए मूर्तिकार गणेश प्रतिमाओं को आकार देने में दिन रात लगे हुए हैं। पिछले वर्ष कोरोना संक्रमण के कारण नगर के गली मोहल्लों में सार्वजनिक रूप से गणेश जी की स्थापना नहीं हो पाई थी, केवल घरों में ही गणेश जी की मूर्ति की स्थापना कर पूजा अर्चना की थी। इस साल अब तीसरी लहर के खतरे को देखते हुए शासन की गाइडलाइन का इंतजार है, जिसके बाद ही सार्वजनिक रूप से गली मोहल्लों में गणेशोत्सव की मनाए जाने की रूपरेखा तय की जाएगी।
कोलकाता से आए मूर्तिकार
कोलकाता रानाघाट (बंगाल) के मूर्तिकार बबलूपाल अपने साथी मूर्तिकारों के साथ स्थानीय काली मंदिर के पास खाली स्थान में टेंट लगाकर 2 महीने पूर्व आकर मिट्टी से गणेश प्रतिमाओं को आकार देने में जुटे हुए हैं। उन्होंने बताया कि लगातार 43 वर्षों से वे बाराद्वार आ रहे हैं और करीब 7 महीने बाराद्वार में मिट्टी की मूर्तियां बनाकर ही रोजी रोटी कमाकर वापस लौटते हैं। उन्होंने बताया कि यह पुश्तैनी काम उन्होंने अपने पिता बीएल पाल से सीखा था एवं बाकी बचे 5 महीने वे बंगाल में ही मिट्टी के खिलौने बनाकर अपना जीविका चलाते हैं।
360 मूर्तियां सांचे की व 60 मूर्तियां बना रहे 4 फीट की
बबलू पाल ने बताया कि कोरोना संक्रमण के कारण इस वर्ष वे 360 छोटी गणेश मूर्तियां (सांचे वाली) एवं 3 से 4 फीट की 60 बड़ी मूर्तियां को आकार दे रहे हैं। निर्माण सामग्रियों में वृद्धि होने के कारण मूर्तियों के दाम में भी बढ़ोतरी की जा रही है। मिट्टी (काली), बांस, रस्सी, कांटी, पैरा, मूर्ति को बनाने वाले लेबर एवं कारीगरों की रोजी बढ़ गई है। इसके अलावा रंग, पेंट, पोशाक, मुकुट, आदि सजावट के सभी सामानों की कीमतें भी कोरोना संक्रमण के कारण आसमान छू रही हैं।



