असम बजट 2023-24 | असम सरकार ने 935.23 करोड़ रुपये के बजट का अनुमान लगाया है

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लौंग: असम सरकार (असम सरकार) ने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए गुरुवार को 935.23 करोड़ रुपये का बजट (बजट) पेश किया। इस बजट में छोटे स्तर पर उद्यमिता को बढ़ावा देने और विभिन्न करारों में नए भारत बनाने के लिए कोष की घोषणा की गई है। वित्त मंत्री अजंता नियोग (अजंता नियोग) ने विधानसभा में बजट पेश करते हुए कहा कि राज्य सरकार दो लाख से अधिक बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने वालों में बदलाव के लिए 5,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।
बजट भाषण में उन्होंने कहा कि 1,80,298.83 करोड़ रुपये की प्राप्तियों को सार्वजनिक खातों में जोड़कर और 2,000 करोड़ रुपये अचूक कोष में जोडने पर समग्र प्राप्तियां 3,21,742.71 करोड़ रुपये हो जाती हैं। इसके अलावा सार्वजनिक खर्चों से 1,79,326.48 रुपये के व्यय और दुर्घटना निधि से 2,000 करोड़ रुपये के व्यय से समग्र व्यय 3,21,081.75 करोड़ रुपये होने का अनुमान है।
असम | हमने बाल विवाह के खिलाफ मिशन में 200 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। बाल विवाह करने वालों पर पॉक्सो का शिकंजा कसा जाएगा। हर छह महीने में 3000-4000 की तरह बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां होंगी। हम पीड़ितों का पुनर्वास शुरू करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि एक भी बच्चा… https://t.co/1dEhGM2TeZ pic.twitter.com/pLcc6Flr0T
– एएनआई (@ANI) 16 मार्च, 2023
उन्होंने कहा कि साल के दौरान साइट पर ढेर के परिणामस्वरूप 660.96 करोड़ रुपये का अधिलेखित होगा। यह 1,596.19 करोड़ रुपये के शुरुआती घाटे के साथ मिलकर वर्ष 2023-24 के अंत में 935.23 करोड़ रुपये के बजट घाटे की ओर ले जाएगा।
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नियोग ने बताया कि राज्य के सकल घरेलू उत्पादों के अगले वित्त वर्ष के दौरान 5.5 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है। 2021-22 के दौरान यह 3.93 लाख करोड़ रुपये था। उन्होंने कहा कि हिमंत विश्व शर्मा की दलाली वाली सरकार के दस मई को दो साल पूरे होने के मामले में तब तक 40,000 युवाओं के विभिन्न समझौते में भर्तियों की रजिस्ट्री जो एक लाख सरकारी नौकरी देने के भाजपा के चुनाव के समान कदम है।
वहीं दूसरी ओर असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) ने कहा कि हमने बाल विवाह के खिलाफ मिशन में 200 करोड़ रुपये दिए हैं। बाल विवाह करने वालों पर पॉक्सो का समावेश होगा। हर छह महीने में 3000-4000 की तरह बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां होंगी। हम आरोपी का पुनर्वास शुरू करेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि 2026 तक एक भी बाल विवाह न हो।
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