एफआईआर खारिज करने की मांग की : प्राइम क्रिकेट एकेडमी के कोच को फंसाने का आरोप, बहन ने कहा-दूसरे एकेडमी वालों ने कराई एफआईआर

पुलिस ने प्राइम क्रिकेट एकेडमी के कोच को 61 लाख रुपए की ठगी के केस में गिरफ्तार किया है। अभी वह जेल में है। आरोपी की बहन अंजुल दुआ बचाव में सामने आईं हैं। उनका कहना है कि प्रतिस्पर्धा के चलते दूसरे एकेडमी संचालकों ने मिलकर उनके भाई को फंसा दिया है। प्रियदर्शनी नगर निवासी प्राइम क्रिकेट एकेडमी के संचालक व कोच पर शहर के युवकों को राष्ट्रीय स्तर पर क्रिकेट खिलाने का झांसा देकर 61 लाख की धोखाधड़ी का आरोप है। जनदर्शन में गए लोगों ने तत्कालीन एसएसपी पारुल माथुर को इसकी शिकायत की, इसके बाद तोरवा पुलिस ने आरोपी दंपती के खिलाफ जुर्म दर्ज कर लिया।
मामले में आरोपी कोच सन्नी दुआ जेल में है। तोरवा पुलिस ने वेयर हाउस रोड निवासी सखी खन्ना की ओर से यह एफआईआर दर्ज की है। उसके अनुसार उनका बेटा आकाश खन्ना (22) ने दिसंबर 2020 में प्राइम क्रिकेट एकेडमी ज्वाइन के कोच सन्नी दुआ ने बेटे को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रिकेट खिलाने का सपना दिखाया और बच्चों के साथ वहां ले गए। इसके लिए अनाप शनाप वसूली की। सन्नी दुआ पर आरोप यह भी है कि गोवा में उसने अपना ही हस्ताक्षर किया हुआ सर्टिफिकेट सभी को दिया । सन्नी की बहन अंजुल दुआ का कहना है कि पुलिस ने उनके भाई को दूसरे एकेडमी के लोगों के कहने पर फंसाया है।
इसमें एक कांग्रेस नेता भी शामिल है। ताेरवा पुलिस के पास इसके लिए रात 8 बजे फोन आया और केवल 20 मिनट के भीतर 8.20 बजे एफआईआर दर्ज हो गई। अंजुल के अनुसार उनके भाई की शिकायत लोगों ने दबाव में आकर की है। इसमें शहर के दूसरे क्रिकेट एकेडमी संचालकों का हाथ है। बिलासपुर प्राइम क्रिकेट फाउंडेशन की सदस्य खुशबू सिंह ने इस मामले में आईजी को पत्र लिखकर इस मामले की निष्पक्ष जांच कर एफआईआर को खारिज करने की मांग की है।



