आत्मानंद स्कूल के टीचरों को नहीं मिला वेतन, कलेक्टर से शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं

छत्तीसगढ़ के सरकारी, स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल के शिक्षक अपनी तनख्वाह के लिए भटक रहे हैं। मामला प्रदेश के मनेंद्रगढ़ जिले का है। सिर्फ 45 दिनों की तनख्वाह के लिए शिक्षक पिछले साल से भटक रहे हैं। कलेक्टर तक अपनी शिकायत भेजी। मगर अफसरों की मनमानी का आलम यह है कि अब तक कोई कार्रवाई इस पूरे मामले में नहीं हुई है । शिक्षकों को विरोध करने पर काम से निकाल देने तक की धमकी दी जाती है।
अफसरों की प्रताड़ना झेल रहे शिक्षकों ने बताया कि वेतन की तरसते 12 शिक्षक मनेंद्रगढ़ जिले के स्वामी आत्मानंद सरकारी इंग्लिश मीडियम स्कूल में काम करते हैं। इन शिक्षकों को साल 2022 के मई और जून माह मिलाकर करीब 45 दिनों का वेतन नहीं दिया गया है। शिक्षकों ने बताया कि तब जिले में बड़ा सरकारी कार्यक्रम होने वाला था। संविदा पर काम कर रहे शिक्षकों को स्कूल में बुलाकर तरह तरह के काम करवाए गए, ताकि सरकारी कार्यक्रम सफल हो सके।
इसके लिए बकायदा सभी शिक्षकों की अलग-अलग ड्यूटी लगाई गई थी। कहा गया था कि इस काम का वेतन मिलेगा। अलग से रजिस्टर भी रखा गया ताकि उपस्थिति का हिसाब किताब लगाया जा सके। मगर इसके बाद जब बारी वेतन देने की आई तो 12 शिक्षकों को वेतन नहीं दिया गया। इतना ही नहीं जिस रजिस्टर पर शिक्षकों की अटेंडेंस का रिकॉर्ड मेंटेन किया गया, वह रजिस्टर भी गायब कर दिया गया।
प्रिंसिपल चहेतों पर मेहरबान
इस सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल रामाश्रय शर्मा अपने कुछ चहेते शिक्षकों पर मेहरबान हैं। अभिजीत महापात्रा, विक्रांत कुमार दुबे और सरिता तिवारी नाम के शिक्षकों को वेतन दे दिया गया, मगर बाकी 12 शिक्षकों को अब तक भुगतान नहीं किया गया है । हर-हर शिक्षक के करीब 30 से 50 हजार रुपए बकाया हैं। इस संबंध में स्कूल के प्रिंसिपल रामाश्रय शर्मा से भी बातचीत करने का प्रयास किया गया। मगर उन्होंने इस पूरे मामले पर कोई जवाब नहीं दिया।
DEO ने कह दिया हम क्या करें
शिक्षकों ने कलेक्टर के बाद अपनी शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी के पास भी भेजी। साल 2022 में जिला शिक्षा अधिकारी रहे संजय गुप्ता ने कह दिया था कि वेतन शिक्षकों को मिलेगा । अफसर बदल गए, मगर हालात नहीं बदले, अब शिक्षकों से कह दिया जाता है कि वेतन के लिए प्राचार्य जिम्मेदार हैं, अफसरों ने कह दिया कि हम कुछ नहीं कर सकते। शिक्षकों ने बताया कि उन्हें स्कूल में ड्यूटी और छुट्टी को लेकर भी प्राचार्य परेशान करते हैं। शिकायत के बाद भी अफसर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे।



