छत्तीसगढ़ विशेष

बर्ड फ्लू की आशंका, जांच के लिए बड़े पैमाने पर भेजे गए; अब बिक्री पर रोक | बालोद में 3 हजार 700 मुर्गों की मौत से दहशत, विभाग को रिपोर्ट का इंतजार

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बालोद21 मिनट पहले

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बालोद जिले में पिछले साल भी बर्ड फ्लू से अजीबोगरीब मौत हुई थी।  - दैनिक भास्कर

बालोद जिले में पिछले साल भी बर्ड फ्लू से अजीबोगरीब मौत हुई थी।

छत्तीसगढ़ में बर्ड फ्लू की आशंका मंडराने लगी है। बालोद जिले के दल्लीराजहरा स्थित वार्ड-16 के टायर पोल्ट्री फार्म में 3 दिन में 3 हजार 700 लोगों की मौत से लोगों की नजर है। इसे लेकर वन विभाग भी अलर्ट हो गया है। सूचना ही पशुपालन विभाग की टीम विशेष स्थान पर पहुंचती है और भिजवाया के लिए अलसी को डाकमॉर्टम के लिए भेजती है। जांच के लिए रायपुर भेजे गए हैं।

बड़े तादाद में अज्ञानता की मौत को लेकर किसी बड़ी बीमारी की आशंका भी हो रही है। वहीं बर्ड फ्लू को लेकर भी विभाग चिंताजनक नजर आ रहा है। पिछले साल भी बालोद जिले में बर्ड फ्लू का प्रकोप हुआ था। कुसुमकसा क्षेत्र के मुर्गी फार्म में सैकड़ों गलतियां हुई थीं। अब 3700 बिजली की मौत होने के बाद वन विभाग ने बिजली की बिक्री पर रोक लगा दी है। विभाग ने आसपास के क्षेत्रों में भी साजिशों पर विशेष ध्यान देने की बात कही है।

मामूली का कलेक्ट करते हैं स्वास्थ्यकर्मी।

मामूली का कलेक्ट करते हैं स्वास्थ्यकर्मी।

दल्लीराजहरा नगर निगम क्षेत्र में तिवारी पोल्ट्री फार्म में 3700 साजिश की मौत के बाद किसी भी पशु विभाग की जानकारी को दफन कर दिया गया था। इसकी खबर जैसे मीडिया को मिली, तो वे वहां पहुंचे। तब मामला उजागर हुआ। इसके बाद पोल्ट्री फार्म में पशु विभाग, पुलिस और नगर पहुंच की टीम पहुंचती है। पोल्ट्री फॉर्मैट से जांच के लिए जैविक साजिश के ब्लड सैंपल लिए गए। पशु विभाग के उप संचालक डीके सिहारे की मौत की खबर लैब में रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहने की बात कह रही है।

पशुपालन विभाग के उपसंचालक डीके सिहारे ने बताया कि जिस तरह से विजेट की एक साथ मौत हुई है, उसे देखते हुए शवों का पोस्टमॉर्टम जारी के साथ ही प्राधिकरण एजेंसी में भी जांच के लिए भेजे गए हैं, ताकि बर्ड फ्लू की पुष्टि हो सके। बालोद जिले में मौत के मामले में अंदेशा ये लगाया जा रहा है कि वैक्सीन में कुछ समस्या हो सकती है या किसी संक्रमण के कारण भी उनकी जान जा सकती है।

मेरी हुई मुर्गियां।

मेरी हुई मुर्गियां।

पोल्ट्री फार्म के बिना एनओसी संचालित है

उपकर्मी डीके सिहारे ने बताया कि 2 फरवरी को 1500 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद रविवार को भी करीब 1500 बिजली की मौत हुई। उनका कहना था कि पोल्ट्री फॉर्म में मरने की जानकारी विभाग को नहीं दी गई थी। वहीं, पोल्ट्री फार्म का संचालन नहीं किया गया और पोल्ट्री फार्म के संचालकों ने दफनाने के मामले में मरने की आशंकाओं के बारे में कोई जानकारी नहीं दी और कार्रवाई करने की बात कही।

विशेष रूप से लिपस्टिक के लिए जो टीका लागू होता है, उसका रखरखाव भी बहुत महत्वपूर्ण होता है। 2 फरवरी से तस्वीर की मौत का सिलसिला शुरू हो गया है। दल्लीराजहरा के टाइगर पोल्ट्री फार्म और स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि पहले एक-दो गड़बड़ियों की मौत हुई, इसके बाद मौत का पात्र बढ़ता गया। यहां एक साथ 600 गड़बड़ियों की मौत हुई और आखिरकार वहां 3,700 की संख्या में सभी मुर्गियां मारी गईं।

विजेट की मौत से हड़कंप।

विजेट की मौत से हड़कंप।

सभी पोल्ट्री फार्म में निगरानी करने के निर्देश

मिलान डौंडीलोहारा एसडीएम योगेंद्र श्रीवास ने कहा कि वेटनरी विभाग को पोल्ट्री फार्म के ऑपरेटरों से अंडरटेकिंग लेकर चीजों की खरीद-बिक्री नहीं करने की बात कहते हैं। जांच रिपोर्ट के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। क्षेत्र के सभी पोल्ट्री फार्म में निगरानी रखने के लिए वैटनरी विभाग की निगरानी करने के लिए कहा गया है।

टॉर्चर की मौत के बाद विभाग सहित जांचकर्ताओं में हड़कंप मच गया। पोल्ट्री फार्मा ऑपरेटर कमेटी के सदस्य सुरेंद्र देशमुख ने बताया कि पहले कोरोना काल के समय फोटोग्राफी की वजह से बिक्री में कमी आई थी और व्यापार पूरी तरह चौपट हो गया था। इसके बाद पिछले साल बर्ड फ्लू ने टच की। अब एक बार फिर अजीबोगरीब रहस्यमयी मौतों ने उनकी मुसीबत बढ़ा दी है। अभी वे पिछले घाटे से नहीं मिले हैं कि अब फिर से नई गलती हो गई है।

2 साल पहले भी बालोद के पोल्ट्री फार्म में बर्ड फ्लू से मरी थीं मुर्गियां

दो साल पहले छत्तीसगढ़ में बर्ड फ्लू की महामारी ने छुआ था। बालोद जिले से भेजे गए भ्रम के खतरे में बर्ड फ्लू के वायरस की पुष्टि हुई थी। इस बार भी बालोद से ही अस्पष्ट मौत के मामले सामने आए। 2 साल पहले बर्ड फ़्लू की पुष्टि होने पर पशुधन और स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित पोल्ट्री फार्म के एक मील के दायरे को पहचान क्षेत्र घोषित कर मुर्गे-मुर्गियों को मारा था।

बालोद जिले के गिधौली गांव स्थित जीएस पोल्ट्री फार्म में 9, 10 और 11 जनवरी 2021 को 274 मुर्गे-मुर्गियों की मौत हुई थी। सूचना पर 11 जनवरी 2021 को पशु चिकित्सा विभाग की टीम ने पांच चिह्नों से स्वाब के नमूने लेकर राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान, भोपाल की जांच के लिए जांच के लिए भेजा था। असमंजस को गांव में ही सुरक्षित तरीके से दफन कर दिया गया था। बाद में भोपाल की समझ ने पांचों जालों में H-5 N-8 एवियन इन्फ्लुएंजा वायरस की पुष्टि का पत्र भेजा।

ये हैं बर्ड फ्लू के लक्षण।

ये हैं बर्ड फ्लू के लक्षण।

10 हजार जानकारी हुई थी

बालोद में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद 2021 में गिधाली के पोल्ट्री फॉर्म की 10 हजार चमत्कारी चट कर गई थी। प्रमाण पोल्ट्री फॉर्म को सील कर दिया गया था। इसके कार्यकर्ता और वहां काम करने वाले 15 लोगों सहित 2 कर्मचारियों को होम आइसोलेट किया गया था। गिधाली के ही दूसरे पोल्ट्री फॉर्म में करीब 1200 जुड़ गए थे।

फ्लूबर्ड इस तरह से दिख सकता है।

फ्लूबर्ड इस तरह से दिख सकता है।

जानिए बर्ड फ्लू वायरस के बारे में

इसे एवियन इन्फ्लुएंजा वायरस भी कहते हैं। फ्लू बर्ड का सबसे कॉमन वायरस का नाम H5N1 है। यह एक खतरनाक वायरस है जो चिड़ियों के साथ इंसान और दूसरे जानवर को भी समझ सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, H5N1 को 1997 में खोजा गया था। इस वायरस से फर्जीवाड़े होने पर 60% मामलों में मौत हो जाती है।

फ्लूबर्ड का संक्रमण इन्हें हो सकता है

संक्रमण होने पर यह वायरस शरीर में काफी देर तक रहता है। प्लास्टिक में संक्रमण होने पर वायरस 10 दिन तक रहता है। यह मल और लार के रूप में बाहर का मिश्रण रहता है। इसे संपर्क या संपर्क में आने पर संक्रमण हो सकता है।

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