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बिफरने वाला था शत्रुघ्न-पूनम सिन्हा का रिश्ता, प्यार में नाकाम अभिनेता ने बचाई शादी, आखिरी दम तक दिया साथ

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नई दिल्ली। बॉलीवुड के लीजेंड्री स्टार संजीव कुमार (संजीव कुमार) आज हमारे बीच नहीं हैं लेकिन अभिनेता से जुड़े ढेरों किस्से आज भी मशहूर हैं। 9 जुलाई 1938 को संजीव कुमार उन अभिनेताओं में पैदा हो गए, जो बिना बोले अपनी आंखों से भी अभिनय करते थे। किसी भी चीज के इंतजार के लिए उनकी नजर काफी हद तक ठीक हो गई थी। यही वजह थी कि उनके एक्सप्रेशन को देख हर कोई अपना दिल हार गया था। संजीव कुमार की फिल्मी यात्रा और निजी जीवन दोनों ही काफी दिलचस्प रही है। उनकी कुछ ऐसी ही ऐसी थी जो शायद आज ही की जनरेशन होगी।

संजीव कुमार एक उम्दा अभिनेता होने के साथ-साथ एक संवेदनशील और काफी उदार व्यक्ति थे। वह जो लक्ष्य रखते हैं उसके साथ प्रेम-प्रसंग करते थे और उसके साथ हर हाल में देते थे। वह अपने दोस्तों का खास ख्याल रखते थे। कहा जाता है संजीव के अजीत दोस्तों में शत्रुघ्न सिन्हा, अमिताभ बच्चन और अभिनेत्री अंजू महेन्द्रू थे।

आपको जानकारी हैरानी होगी कि भले ही संजीव कुमार ने कभी अपना घर नहीं बसाया और परिवार नहीं बनाया लेकिन वह अपने दोस्तों और अपने परिवार के लिए काफी सोच-विचार करती थीं। उन्होंने अपने दोस्तों का घर कभी नहीं तोड़ा। साल 2021 में आई बीबीसी की एक रिपोर्ट की तो वह संजीव कुमार ही थे जो शत्रुघ्न सिन्हा और पूनम सिन्हा में आई क्रैक को था भरा और उनकी बिखरी हुई जिंदगी को ट्रैक पर लाया।

रिपोर्ट के अनुसार, शत्रुघ्न सिन्हा और उनकी वाइफ पूनम सिन्हा के बीच तनाव काफी बढ़ गया था। तब संजीव कुमार उनके उलझे हुए संबंधों को संबंधों में उनकी मदद की। कपल की शादी बचाने में संजीव कुमार का अहम योगदान था। बता दें कि इस बात को स्वयं शत्रुघ्न सिन्हा कई बार स्वीकार कर चुके हैं।

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एक बार एक साक्षात्कार में भी शत्रुघ्न सिन्हा ने इसका जिक्र करते हुए कहा था कि पूनम से शादी के बाद उनकी काफी जरूरत थी। वह पहले डायरेक्टर सुभाष घई के पास चल पड़े थे लेकिन घई ने पैसे देने से इनकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने जब अपने दोस्त संजीव से अपनी बातें शेयर की तो उन्होंने शत्रुघ्न के हाथ में दस लाख दिए और कहा कि जब तुम्हारे पास हो तब दे दो। यही वजह है कि दोनों एक साथ हमेशा अच्छे दोस्त बनते रहे। कहा जाता है कि जब संजीव कुमार का निधन हुआ तो उनके पार्थिव शरीर के करीब शत्रुघ्न सिन्हा 48 घंटे तक बैठे रहे।

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