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छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र: निर्णय ने सरकार पर लगाया डीफिजि की राशि की बंदरबांट का आरोप कल तक के लिए कार्रवाई स्थगित

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प्रकाशन तिथि: | मंगल, 03 जनवरी 2023 02:02 अपराह्न (IST)

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का सत्र का आज दूसरा दिन था। अभी कल तक के लिए कार्यवाही को क्रियान्वित कर दिया गया है। बता दें शून्यकाल में देखने वाली दृष्टि मतांतरण का मुद्दा है। बीजेपी के 12 और जनता कांग्रेस के प्रमोद शर्मा गर्भगृह में पहुंचकर नारेबाजी करें। विधानसभापति धनेंद्र साहू ने बाद में 13 विधायकों के निलंबन की घोषणा की। बता दें विधानसभा सत्र के दूसरे दिन भी जोरदार चार्ज-प्रत्यारोप और सवाल-जवाब किए गए। उसी वक्त स्पीकर स्नैपडास महंत ने सत्ता पक्ष के मंत्री को निर्देश दिया कि पिछली सरकार के पांच साल में प्रशिक्षण के नाम पर हुए खर्च और इस सरकार में अब तक के खर्च की जांच की गई।

प्रश्नकाल में प्रश्न-जवाब

बीजेपी के विधायक अजय चंद्राकर ने 36 वें राष्ट्रीय खेल की दौड़ के लिए चुने गए नेताओं और अधिकारियों की जानकारी ली। खिलाड़ियों को किन-किन खेलों में कहां और कितना प्रशिक्षण दिया गया, सट्टेबाजों ने छत्तीसगढ़ में क्या उपलब्धि हासिल की जैसे सवाल किए। जिसके जवाब में उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल ने बताया कि 36वें राष्ट्रीय खेल में छत्तीसगढ़ के 22वें स्थान पर रहते हुए 136 खिलाड़ी 40 अधिकारी दल में शामिल हुए थे, उन्हें किसी तरह का कोई पारिश्रमिक नहीं दिया गया था, उन्हें केवल यात्रा किराया और बोनस दिया गया था। उसी समय पलटवार करते हुए अजय चंद्राकर ने कहा कि खेल की स्थिति के लिए 35 लाख का दावा किया गया लेकिन 1 लाख 88 हजार खर्च हुए तो बाकी पैसे कहां गए? खिलाड़ियों के प्रशिक्षकों को भुगतान क्यों नहीं किया गया? इसके जवाब में मंत्री उमेश पटेल ने कहा कि ओलंपिक संघ का प्रस्ताव मंगाया गया है। वहीं बृजमोहन ने कहा कि ओलंपिक संघ ठीक से काम नहीं कर रहा है तो उसकी जांच कराई जानी चाहिए। बहुत से खिलाड़ियों को अब तक पैसा नहीं मिला है। मंत्री ने सभी को एक पैसा दिए जाने से नुकसान पहुंचाया है।

कांग्रेस विधायक छन्नी साहू ने उठाया सवाल

अवैध शराब को लेकर सवाल पर मंत्री कवासी लखमा को घिनौना कहते हुए कहा कि रायपुर से एक सिपाही राजनांदगांव में कार्रवाई क्यों करता है? अवैध शराब के नाम पर एक मोटरसाइकिल में 3 सवाल और 10 पेटी शराब आने के नाम पर कार्रवाई हुई थी। छन्नी साहू ने जानबूझ कर झूठ बोलने का आरोप लगाया। मोटरसाइकिल में शराब के परिवहन के नाम पर नाबालिगों की हरकत हुई है। मंत्री कवासी लखमा ने जवाब देते हुए कहा कि मोटरसाइकिल में 3 लोग पेट से ज्यादा शराब नहीं ले सकते। अगर रायपुर से बाहर किसी अधिकारी ने कार्रवाई की है तो उसे दिखाया जाएगा। वहीं इस मामले में बृजमोहन अग्रवाल ने आरोप लगाया कि विधायक से दुश्मनी निकालने के लिए रायपुर से कार्रवाई की जा रही है जो दुर्भाग्यपूर्ण है। आठवीं में पढ़ने वाले बच्चे पर शराब की ढुलाई का मामला जुड़ रहा है। जिसके बाद मंत्री कवासी लखमा ने जांच कर कार्यवाही की क्षति पहुंचाई। वहीं जांच के बाद कार्रवाई की बात पर यहोवा के कुछ सदस्यों ने आरोप लगाया। इस पर बृहस्पति सिंह ने कहा कि सटीक जांच के बाद कार्यवाही की क्षति तो मंत्री ने दे दी। इसके जवाब में बृजमोहन अग्रवाल ने तंज कसते हुए कहा कि आपके बेटे को जब पकड़कर ले जाएंगे तब पता चल जाएगा।

लाइवलीहुड कालेज में ट्रेनिंग के नाम पर DMF की राशि की बंदरबांट करने का मामला भगवान में गूंज रहा है

बीजेपी विधायक सौरभ सिंह ने मामले को लेकर कहा कि लाइवलीहुड कालेज को 18 करोड़ का भुगतान किया गया। इस राशि की बंदरबांट है। एक व्यक्ति की शिक्षा के लिए दस हजार रुपए खर्च किए गए। 17 हजार 874 लोगों की ट्रेनिंग एक लाइवलीहुड कालेज से दी गई। चॉकलेट पालन, मछलीपालन, जूट उत्पादन, ग्राम सभा विकास प्रशिक्षण जैसे शिक्षा दी गई, लेकिन क्या सीखने के बाद उनका रोजगार शुरू हुआ। उनके उत्पाद कहां खरीदे गए। इसके जवाब में उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल ने कहा कि इसकी जानकारी से अलग विचार हैं।

सौरभ सिंह ने कहा कि डीएमजे की राशि निकालकर रोजगार रचना के नाम से पैसा दिया गया। वृत्ताकार पैसे का बंदरबांट कर रहे हैं। सरकार पटवारियों के पीछे लगी है जबकि कलेक्टरों के पीछे पड़ने लगें। उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल ने कहा कि प्रशिक्षण में किसी तरह की गड़बड़ी की जानकारी है तो उस पर कार्रवाई होगी। नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने कहा कि खुले छत के छिद्रों के लिए 52 लाख रुपये खर्च किए गए। 29-30 जून को ही 30 करोड़ रुपये का काम जारी कर दिया गया। ये गंभीर मामला है। डोमन की कमेटी से जांच कराएं।

बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि एक ज़िले में 30 करोड़ रुपये तक का काम डी ईमेल के माध्यम से कलेक्टर कर रहे हैं। पचास तक कमीशन डी फ़्लैम में जा रहे हैं। पूरे प्रदेश में इसकी ठीक से जांच कराएं तो ये करीब एक हजार करोड़ का बड़ा घोटाला निकलेगा। उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल ने इसकी जांच की, जिसकी जांच डोम की समिति से कराई गई। प्रशिक्षण केंद्र एक कमरे में चलता था। इस पर अजय चंद्राकर ने कहा सरकार कि में आप बैठे हैं, जांच क्यों नहीं की गई। दोनों मामलों की जांच करें।

के द्वारा प्रकाशित किया गया: विनीता सिन्हा

नईदुनिया लोकल
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