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भारत जोड़ो यात्रा पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के बड़े बयानबोले- पाक और बांग्लादेश अमेरिका अलग हुए पहले उसे जोड़ें

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प्रकाशन तिथि: | गुरु, 29 दिसंबर 2022 09:59 पूर्वाह्न (IST)

रायपुर। राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का नाम ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वर नंदो सरस्वती महाराज ने बिग जमा दिया है। उन्‍होंने कहा, भारत को जोड़ने का अभियान निश्चित रूप से चलना चाहिए। लेकिन पहले यह तय करना चाहिए कि हमसे जुड़ना क्या है? हम कल्पना में ही तोड़ रहे हैं और कल्पना में ही जोड़ रहे हैं। बेहतर होने के प्रमाणिक रूप से तोड़ा जाता है उन्हें जोड़ा जाता है। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, प्रामाणिक रूप से भारत से पाकिस्तान और बंगलादेश अलग हुए हैं, उन्हें जोड़ा जाना चाहिए।

इंटरनेट पर लगाम लगाना जरूरी, युवा हो रहे दिग्भ्रमित

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इंटरनेट पर लगाम लगाने की बात कही। उन्‍होंने कहा, वर्तमान में आधुनिकीकरण का बोलबाला है। जीवन में प्रगति करने के लिए आधुनिक यंत्रों का उपयोग आवश्यक है। इसमें कोई गलती नहीं है, लेकिन इंटरनेट पर कमाई भी जरूरी है। इंटरनेट पर ज्ञान का भंडार है। ज्ञान लेकर कई युवा प्रगति कर रहे हैं। इसके विपरीत हर व्यक्ति विवेकशील नहीं हो सकता है इसलिए इंटरनेट पर दिखाई देने वाली सामग्री से युवा दिग्भ्रमित ज्यादा हो रहे हैं। इंटरनेट पर नियंत्रण होना चाहिए बच्चे, युवाओं के मस्तिष्क ताकि ऐसी बातों में न उलझे।

शंकराचार्य ने पापपूर्ण बातचीत में कहा कि आधुनिक दौर में इंटरनेट सूचना और संवाद का माध्यम अच्छा है। धर्म, संस्कृति, स्कूल, कालेज, सामान्य नालेज की बेहतर जानकारी है। साथ ही अश्लील सामग्री, संप्रदाय लेखन सामग्री, धर्म से विमुख करने वाली मिश्रित जानकारी भी है। युवाओं को अपने विवेक के आधार पर इंटरनेट का बेहतर इस्तेमाल करना चाहिए।

त्यागमय जीवन जीने वाले महान

शंकराचार्य ने कहा कि यह जरूरी नहीं है कि जो व्यक्ति सक्षम है, वह महान है। एक निर्धन व्यक्ति भी महान हो सकता है, यदि वह त्यागी, तपस्वी हो। धर्म करने की आवश्यकता नहीं है। सेवा परोपकार, त्यागमयी जीवन जीने वाला ही महापुरुष होता है। बड़े-बड़े नेता, अधिकारी, अमीर भी तपन के आगे शीशे झटकते हैं।

धर्म की रक्षा करने आगे कम

शंकराचार्य ने कहा कि धर्म की रक्षा करने के लिए आगे कम। धर्म के मार्ग पर। धन से थोड़ा बहुत सुख पाया जा सकता है, लेकिन धन ही सब कुछ नहीं है। आपस में दुख-सुख साथी। जो व्यक्ति धर्म करता है, धन उसके पास ही जाता है। अच्छाई के मार्ग पर आगे बढ़ें।

ब्रह्मचारी इंदुभवानंद ने स्वागत किया

बोरियाकलां स्थित शंकराचार्य अजर में आगमन पर ब्रह्मचारी इंदुभवानंद महाराज ने शंकराचार्य का अभिनंदन किया। छत्तीसगढ़ प्रवास में बेमेतरा, कवर्धा, पानतराई, पंडरिया, धमधा, अहिवारा, कुम्हारी होते हुए वे धमतरी रोड स्थित राजराजेश्वरी त्रिपुर सुंदरी मंदिर पहुंचे। भक्तों ने पूजन, दर्शन किए और वे दिल्ली के लिए रवाना हो गए।

के द्वारा प्रकाशित किया गया: आशीष कुमार गुप्ता

नईदुनिया लोकल
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