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सच का पता लगाने के लिए कब्र को खोदकर निकाली लाश, जानिए पूरा मामला…

सरगुजा:  ग्राम खरसूरा में कब्र से शव निकलवाकर उसका पोस्टमॉर्टम कराया गया। पुलिस आगे की कार्रवाई के लिए अब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। मृतक की बेटी ने पिता की हत्या का आरोप लगाया है। मामला उदयपुर थाना क्षेत्र का है।

पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में शव को कब्र से निकलवाया गया था। इस दौरान ग्रामीणों की भारी भीड़ मौके पर जमा रही। ग्राम खरसूरा थाना उदयपुर निवासी जय नंदन कंवर (50 वर्ष) की मौत 2 महीने पहले हो गई थी। सुबह शौच के लिए बाहर गया था, तभी खेत के मेड़ से गिरकर इसकी मौत हुई थी। सामाजिक रीति-रिवाज से मृतक के शव को दफना दिया गया था। मृतक के परिवार में कुल 5 भाई थे। मृतक चौथे नंबर का भाई था। इन लोगों के बीच रुपयों के लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। मृतक की बेटी शिमला ने आरोप लगाया कि चाचा और उसके बेटे ने मिलकर उसके पिता की हत्या की है और ये मौत स्वाभाविक नहीं है।

उदयपुर पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक की बेटी शिमला का ससुराल ग्राम लब्जी में है। उसने 2 दिन पहले एसपी ऑफिस में हत्या का आरोप लगाते हुए जांच कराने को लेकर आवेदन दिया था। आवेदन के आधार पर एसपी सरगुजा भावना गुप्ता ने मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी धीरेंद्र नाथ दुबे को तत्काल इस पर कार्रवाई के लिए निर्देशित किया। तब जाकर नायब तहसीलदार डॉ एजाज हाशमी, फॉरेंसिक एक्सपर्ट, स्थानीय लोगों और थाना उदयपुर सहायक उप निरीक्षक रविंद्र प्रताप सिंह, प्रधान आरक्षक शत्रुघ्न सिंह और अन्य की मौजूदगी में शव को कब्र से निकलवाकर उसका पंचनामा करवाया गया।

मौके पर मौजूद डॉक्टरों की टीम ने फॉरेंसिक एक्सपर्ट के साथ मिलकर पोस्टमॉर्टम के दौरान शव से कुछ नमूने लिए हैं, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजा गया है। आगे की कार्रवाई के लिए पुलिस को पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है।

एक महीने पहले भी अंबिकापुर में कब्र से महिला का शव निकलवाकर जांच की गई थी। दरअसल ग्राम सांड़बार जंगलपारा निवासी 35 वर्षीय सूरजमनी टोप्पो की हत्या कर उसे घर के पीछे ही बाड़ी में दफना दिया गया था। इतना ही नहीं, शव को नष्ट करने के लिए उस पर नमक भी डाला गया था। मामले का खुलासा तब हुआ था, जब महिला के दोनों बेटे मनेंद्रगढ़ से घर लौटे। दोनों बेटे मनेंद्रगढ़ में ही किसी रिश्तेदार के घर रहकर पढ़ाई करते थे। उनके लौटने पर पिता ने कहा था कि उनकी मां कहीं चली गई है। इसके बाद उनका पिता फरार हो गया था। इसके बाद बच्चों ने मां के बारे में पड़ोसियों से पूछताछ की थी, तो पिता द्वारा मां से मारपीट करने की जानकारी मिली थी।

इसके बाद बाड़ी से आ रही बदबू का कारण जानने जब बेटे वहां गए थे, तब उन्होंने मां का शव देखा। शरीर का कुछ हिस्सा बाहर की तरफ था और कुत्ते उसे नोंच रहे थे। इसके बाद बेटों ने पुलिस को सूचना दी थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्र से निकलवाकर उसका पोस्टमॉर्टम करवाया था। शव पूरी तरह से सड़ गया था।

दो महीने पहले रायगढ़ में एक घर के आंगन में दफन महिला की लाश को पुलिस ने निकलवाया था। हत्या अगस्त में की गई थी, जिसका पता सितंबर के महीने में चला था। 18 सितंबर को लाश कब्र से निकलवाई गई थी। शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर जब पूरे मामले की जांच की गई, तो पता चला कि महिला के प्रेमी अजय उर्फ खगेश्वर यादव ने ही कांति यादव (45 वर्ष) की हत्या कर उसकी लाश को आंगन में दफना दिया था और उसके बाद फरार हो गया था। गिरफ्तारी के बाद उसने पुलिस पूछताछ में बताया कि कांति उसे धोखा दे रही थी और किसी अन्य व्यक्ति के साथ भी उसके अवैध संबंध थे।

इस पूरे हत्याकांड का खुलासा उसकी बहन के घर जाने पर हुआ था। मृतका की बहन उसके कई दिनों से फोन नहीं उठाने से परेशान थी। जब वो उसके घर गई, तो बाहर से ताला लगा था। दीवार फांदकर वो अंदर गई और बाड़ी में जाकर देखा, तो जमीन में दबी बहन की साड़ी और पैर की उंगलियां उसे नजर आई थी। तब जाकर उसने पुलिस को खबर की और वहां खुदाई कर कांति की लाश निकलवाई गई थी।

इस साल मार्च के महीने में भी अंबिकापुर की पंचशील गली में संदिग्ध रूप से घायल मिले युवक की मौत के मामले में पुलिस ने कब्र से शव बाहर निकलवा कर परिजनों को सौंप दिया था। मृतक की पहचान दिनेश बड़ा (25 वर्ष) निवासी खजूरी बलरामपुर के रूप में की गई थी। 16 मार्च को युवक ब्रह्मरोड स्थित एक घर की छत से गिरकर घायल हो गया था। जिसकी इलाज के दौरान मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मौत हो गई थी।

17 मार्च को पुलिस के द्वारा मृत युवक की पहचान नहीं होने पर उसे अज्ञात मानते हुए पोस्टमॉर्टम करवाकर शव को गंगापुर स्थित मुक्तिधाम के नजदीक दफना दिया गया था। बाद में मृतक की शिनाख्त हुई थी। मामले की जानकारी परिजनों को लगते ही वे अंबिकापुर पहुंचे थे, जहां मृत युवक के शव की मांग की गई थी। शव के दफन होने के कारण कार्यपालिक मजिस्ट्रेट से अनुमति ली गई थी। उसके बाद युवक के शव को बाहर निकलवाकर परिजनों को सौंप दिया गया था।

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