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छत्तीसगढ़ रायपुर में 13 डिग्री सेल्सियस पहुंचा न्यूनतम तापमान, पिछले 10 सालों में कभी नहीं हुआ

छत्तीसगढ़ में इस साल ठंड नया रिकॉर्ड बना सकती है। इसके लक्षण नवम्बर बीतते-बीतते दिखने लगा है। राजधानी रायपुर में रविवार को न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। यह सामान्य से तीन डिग्री सेल्सयस तक कम है। मौसम विभाग के पिछले 10 साल के रिकॉर्ड में नवम्बर महीने में इतना कम तापमान कभी दर्ज नहीं हुआ है। बताया जा रहा है, दिसम्बर के पहले सप्ताह से रात अधिक सर्द हो जाएगी।

रायपुर में नवम्बर के महीने में औसतन 15-16 डिग्री सेल्सियस सामान्य न्यूनतम तापमान होता है। अब से 139 साल पहले यानी साल 1883 में 22 नवम्बर को रायपुर में 8.3 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ था। यह इस शहर का सर्वकालिक रिकॉर्ड है। पिछले 10 साल में सबसे अधिक ठंढी रात का रिकॉर्ड 13.3 डिग्री सेल्सियस का है। यह 18 नवम्बर 2012 को दर्ज हुआ था।

2013 में यह 13.5 डिग्री सेल्सियस और 2014 में 13.6 डिग्री सेल्सियस तक रिकॉर्ड हुआ। उसके बाद के सालों में न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस से नीचे नहीं आया। पिछले साल नवम्बर महीने में रायपुर का न्यूनतम तापमान 15.2 डिग्री सेल्सियस रहा जो 29 नवम्बर को रिकॉर्ड हुआ था। मौसम विज्ञानी एच.पी. चंद्रा बताते हैं, रविवार को सुबह न्यूनतम तापमान को जो डाटा आया है वह नवम्बर महीने में पिछले 10 सालों में यह रायपुर का सबसे कम तापमान है। आगे भी न्यूनतम तापमान में गिरावट या कुछ अधिक होने की संभावना बनी हुई है।

मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में उत्तर की ओर से सूखी और ठंडी हवाओं का आना जारी है। ऐसे में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों के तापमान में गिरावट होती जा रही है। रविवार सुबह आए डाटा के मुताबिक कवर्धा का न्यूनतम तापमान 7.2 डिग्री दर्ज हुआ है। एक दिन पहले यह 6.6 डिग्री तक था। यह पूरे प्रदेश में सबसे ठंडा है। चरम उत्तर और चरम दक्षिण के जिलों में काफी ठंड है। उत्तर में कोरिया का न्यूनतम तापमान 8.1 डिग्री और अंबिकापुर का 9 डिग्री सेल्सियस है। वहीं दक्षिण का कांकेर 9 डिग्री और दंतेवाड़ा 9.8 डिग्री सेल्सियस तक ठंडे हो चुके हैं।

मौसम विज्ञानियों का कहना है, छत्तीसगढ़ में सामान्य तौर पर दिसम्बर के अंत और जनवरी के पहले सप्ताह में ही सबसे अधिक ठंड होती है। लेकिन पिछले चार-पांच सालों में यह ट्रेंड बदला हुआ दिख रहा है। देखने में आया है कि सबसे न्यूनतम तापमान वाली रात जनवरी के तीसरे सप्ताह तक दर्ज हो रही है। इस साल भी वह ट्रेंड बने रहने की संभावना दिख रही है। मौसम विज्ञानी एच.पी. चंद्रा का कहना है, दिसम्बर से ठंड तेजी से बढ़ेगी। जनवरी में इसका व्यापक असर दिखेगा। प्रदेश के उत्तरी क्षेत्रों में शीतलहर दिखेगी।

 

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